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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बंद हो सकते हैं प्राइमरी स्कूल

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रायपुर: कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदेश में एक बार फिर से पहली से पांचवीं कक्षा तक की ऑफलाइन कक्षाएं बंद की जा सकती हैैं। इसके स्थान पर फिर से ऑनलाइन मोड में अध्यापन कार्य कराया जाएगा। शीतकालीन छुट्टियों के बाद 29 दिसंबर से स्कूल खुल गए थे, लेकिन छात्रों की उपस्थिति में गिरावट आई है। विशेषकर छोटी कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति 50 प्रतिशत ही रह गई है। छात्र संख्या को देखते हुए कई निजी स्कूल अब कक्षाएं ऑनलाइन मोड में ही शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे हैं।

हालांकि सिर्फ प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों की ही पढ़ाई ऑनलाइन कराई जाएगी। छठवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन होगा। बीते एक सप्ताह के दाैरान कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। संक्रमण के सामने आ रहे मामलों में कॉलेज छात्रों के अलावा स्कूली बच्चों की भी संख्या शामिल है। पालकों में इसे लेकर भय का माहौल बना हुआ है और वे बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं। वहीं शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों को भी कोरोना गाइडलाइन का सख्ती के साथ पालन करने और छात्रों संग शिक्षकों में भी सर्दी-बुखार की जांच करने कहा गया है।

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नवंबर में मिली थी 100 प्रतिशत की अनुमति

प्रदेश में स्कूल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अगस्त माह से शुरू कर दिए गए थे, लेकिन पूरी क्षमता के साथ स्कूल खोलने की अनुमति नवंबर में प्रदान की गई थी। इसके बाद कई स्कूलों ने स्टाफ तथा संसाधनों की कमी का हवाला देकर ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दी थी। इसके एक माह पश्चात फिर से स्कूल बंद करने की नौबत आ गई है। कुछ स्कूलों में पालकों ने भी प्रबंधन को खत लिखकर ऑनलाइन कक्षाओं की मांग की है। इसके अलावा जनवरी में होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा वार्षिक गतिविधियों पर इस बार भी रोक लग सकती है। सूत्रों के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सप्ताहभर के अंतराल में हालातों को देखते हुए इस संदर्भ में निर्णय लिए जाएंगे।

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सावधानी बरतने के निर्देश

शाला प्राचार्यों को ऐहतियात बरतने कहा गया है। यदि कोई छात्र पॉजिटिव आता है तो कक्षा के अन्य विद्यार्थियों का भी कोरोना परीक्षण होगा तथा स्कूल 72 घंटों के लिए बंद किया जाएगा। फिलहाल विद्यालय पूर्णत: बंद नहीं कर रहे हैं।

– एएन बंजारा, डीईओ, रायपुर

कम हुए हैं छात्र

छुट्टी के बाद से स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं की उपस्थिति 50 प्रतिशत तक कम हुई है। यही हालात रहे तो हम पहली से पांचवीं कक्षा तक ऑनलाइन मोड में ही अध्यापन कार्य कराएंगे।

– राजीव गुप्ता, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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