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छत्तीसगढ़

आदिवासियों की जमीन पर लगे वृक्षों की कटाई की अनुमति की प्रक्रिया होगी सरलीकृत: भूपेश बघेल

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रायपुर| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित की गई छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में जनजाति हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन विचार-विमर्श कर अनेक महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की गई। 

आदिवासियों की निजी भूमि पर वृक्षों को काटने के लिए अनुमति प्रदान करने की प्रक्रिया को सरलीकृत करने के प्रस्ताव पर सदस्यों के साथ चर्चा के बाद सर्वसम्मति से आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों के हित में) अधिनियम 1999 एवं नियम 2000 में संशोधन की अनुशंसा की गई। जिसके अनुसार वृक्ष काटने की अनुमति कलेक्टर की जगह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा दो माह की  समय-सीमा के भीतर प्रदान की जाए।

हितग्राही वृक्ष काटने की अनुमति हेतु अपना आवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को देंगे। स्थल पर मौके का मुआयना पटवारी और रेंजर द्वारा किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद वन विभाग द्वारा वृक्ष की कटाई और नीलामी की कार्यवाही की जाएगी तथा वनमण्डलाधिकारी द्वारा संबंधित  हितग्राही के बैंक खाते में राशि जमा की जाएगी। इससे अवैध कटाई पर अंकुश लगेगा और आदिवासियों को उनके वृक्ष का उचित दाम मिलेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जो हितग्राही वृक्ष लगाएंगे उन्हें काटने के लिए हितग्राहियों को केवल सूचना देनी होगी। 

बैठक में व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हितग्राहियों की भूमि पर मनरेगा के माध्यम से भूमि समतलीकरण और सुधार का कार्य के लिए अभियान चलाने की अनुशंसा की गई। यह भी सुझाव दिया गया कि क्रेडा के माध्यम से हितग्राही की भूमि पर सिंचाई के लिए सोलर पम्प लगाया जाएगा और भूमि पर फलदार प्रजातियों जैसे हर्रा, बेहड़ा, आंवला, महुआ, बांस, आम, इमली, चिरौंजी, नींबू आदि के पौधों का रोपण किया जाए। हितग्राही को जिमीकंद, हल्दी, तिखुर जैसी अंतरवर्ती फसलों का प्रशिक्षण प्रदान करने का सुझाव भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति परिषद के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र लोगों को वन अधिकार पट्टे दिलाने और उनकी भूमि पर सुधार कार्य, फलदार वृक्षों के रोपण, तालाब और डबरी निर्माण के लिए सक्रिय पहल करें। अपने भ्रमण के दौरान जिला मुख्यालयों में आयोजित बैठकों में भी इन कार्याें की प्रगति की जानकारी लें। उन्होंने बीजापुर और सुकमा जिले में इसके लिए विशेष प्रयास करने को कहा।

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मुख्यमंत्री ने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में गांवों का सर्वे कर ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उनके प्रारंभिक अभिलेखों का प्रकाशन कर भुईंया पोर्टल में उनकी प्रविष्टि करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरछा विकासखण्ड को चार गांवों में जहां राजस्व सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो गया है, वहां पट्टा पात्र किसानों ने इस वर्ष पहली बार लैम्पस में समर्थन मूल्य पर धान बेचा। उन्होंने कहा कि ऐसे शहरी क्षेत्र जहां वन भूमि है, वहां पात्रताधारियों को वन मान्यता आधार पत्र दिए जाएं।

छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में प्रयास आवासीय विद्यालय में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्र के बच्चों को प्रवेश देने की अनुशंसा की गई। प्रयास आवासीय विद्यालय में नक्सल प्रभावित जिलों से चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। वर्तमान में नक्सल प्रभावित 9 जिलों के बच्चों को प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। अब सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्र के 25 जिलों के बच्चों को प्रवेश देने और नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों को बिना प्रवेश परीक्षा के सीधे प्रयास आवासीय विद्यालय में दाखिला देने की अनुशंसा की गई। इसी तरह सरगुजा में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘‘परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र‘‘ खोलने की अनुशंसा की गई। वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, नारायणपुर और कबीरधाम जिले में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। 

छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में आज पहली बार पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण के अध्यक्ष पीताम्बर राम और बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष गिरधारी बैगा शामिल हुए और मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा भी की। परिषद की इससे पूर्व आयोजित बैठक में जनजाति सलाहकार परिषद में विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिनिधियों को शामिल करने की अनुशंसा की गई थी। गिरधारी बैगा ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मरवाही के धनौली में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और एक कन्या छात्रावास की स्वीकृति तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को बकरी पालन, मुर्गी पालन, सुअर पालन, गाय पालन के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि जनजाति के युवा समूह बनाकर गौठानों में इन गतिविधियों को प्रारंभ कर सकते हैं, इनके लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कोदो, कुटकी के लिए हाॅलर मिल की व्यवस्था भी गौठान में की जाएगी। बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातियों के शिक्षित युवाओं को सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की अनुशंसा की गई।  

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 बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, राज्य जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामपुकार सिंह, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री बृहस्पति सिंह, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव श्री डी. डी. सिंह, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की आयुक्त शम्मी आबिदी मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थीं ।

विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज मण्डावी, सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव इंदरशाह मंडावी,  चिंतामणि महाराज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण गुलाब कमरो, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, विधायक देवती कर्मा, विनय भगत, अनूप नाग, चक्रधर सिंह, बोधराम कंवर, पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष पीताम्बर राम और बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष गिरधारी बैगा के साथ ही प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य नरेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, राजस्व विभाग की सचिव रीता शांडिल्य, वित्त एवं नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी, बस्तर संभाग के आयुक्त जी.आर चुरेन्द्र, बिलासपुर संभाग के आयुक्त संजय कुमार अलंग तथा सरगुजा संभाग की आयुक्त जिनेविवा किण्डो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बैठक में शामिल हुईं ।

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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