छत्तीसगढ़
14 नवम्बर से 140 केन्द्रों पर शुरू होगी खरीदी, नोडल अधिकारियों को मिला अंतिम प्रशिक्षण, किसानों में उत्साह
बिलासपुर, 11 नवम्बर 2024/समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां जिले में लगभग पूर्ण कर ली गई है। खरीदी कार्य 14 नवम्बर 2024 से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। खरीदी केन्द्रों के नोडल अधिकारियों का अंतिम प्रशिक्षण आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में संपन्न हुआ। उन्हें विस्तार से उनके दायित्व को बताया गया और कठोरता से इनका पालन करने के निर्देश दिए गये।
इस दफा नोडल अधिकारियों को पूरे समय खरीदी केन्द्र पर बैठकर नजर रखना होगा। हर दिन खरीदी की शुरूआत उनकी मौजूदगी से होगी और समापन भी उनके द्वारा किया जायेगा। अपर कलेक्टर आरए कुरूवंशी एवं खाद्य नियंत्रक श्री भदौरिया ने धान खरीदी के संबंध में राज्य शासन के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। राजस्व् विभाग के पटवारी एवं कृषि विभाग के आरएईओ को इस बार नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिले में 140 धान खरीदी केन्द्र बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर 1 लाख 37 हजार किसान अपना धान बेच पाएंगे। समर्थन मूल्य में धान बेचने को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। वे बेसब्री से खरीदी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशिक्षण में बेचने लाने वाले धान सहित अन्य नियम कायदों की जानकारी दी गई। बताया गया कि धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं रहनी चाहिए। इसके अलावा निम्न श्रेणी के धान का मिश्रण 6 प्रतिशत, डेमेज एवं डिस्कलर 5 प्रतिशत, अधपका एवं सिकुड़ा धान 3 प्रतिशत, बाह्य पदार्थ 1 प्रतिशत एवं कार्बनिक 1 प्रतिशत तक मान्य होगा। केवल पंजीकृत किसानों से उन्हें जारी टोकन के अनुसार धान खरीदा जायेगा। पुराने वर्षो से धान की खरीदी नहीं की जायेगी। सात दिवस पूर्व इस साल टोकन जारी किये जाएंगे। सीमांत एवं लघु किसानों को टोकन जारी करने में प्राथमिकता दी जायेगी।
इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट का धान तौल में उपयोग किया जायेगा। एक बोरे में 40 किलोग्राम धान की भरती किया जायेगा। उपार्जन केन्द्रों पर धान का भण्डारण एवं सुरक्षा अच्छी तरह किया जाए। बारदाने की व्यवस्था के अंतर्गत आधा-आधा पुराने और नये बारदानें उपयोग में लाये जाएंगे। धान की ढेरी स्टेक प्लान के बारे में भी बताया गया। सभी तहसीलदारों को अपने तहसील का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे हर दिन निरीक्षण कर कलेक्टर को रिपोर्ट करेंगे। गड़बड़ी करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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