छत्तीसगढ़
कॉस्मेटिक कंपनी नायका (NYKAA) का कर्मचारी बना रहा था महिला कर्मचारियों के वीडियो-ऑडियो, FIR दर्ज

रायपुर/बिलासपुर। अभी चंडीगढ़ युनिवर्सिटी में लड़कियों के वीडियो बनाने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा है और देश की प्रसिद्ध ऑनलाइन फैशन और ब्यूटी रिटेलर कॉस्मेटिक कंपनी नायका में भी ऐसा एक मामला सामने आ गया है।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित दफ्तर में एक कर्मचारी द्वारा महिला कर्मचारियों के वीडियो और ऑडियो बनाने व मानसिक तौड़ पर प्रताड़ित करने और ब्लैकमेलिंग करने का मामला सामने आया है।
इस मामले में नायका कंपनी के कर्मचारी और मुख्य आरोपी आकाश सिंह राजपूत के खिलाफ तेलीबांधा, रायपुर पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। (Online beauty company NYKAA Staff Aakash Rajput recorded hidden video-audio of female employees at RAIPUR, Chhattisgarh store; FIR Registered) महिला कर्मचारियों का ऑडियो वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करने वाला मुख्य आरोपी आकाश सिंह राजपूत नायका में लगभग 8 महीनें से कंपनी में काम कर रहा है।पुलिस इस ऐंगल से भी जांच कर रही है कि आरोपी ने महिला कर्मचारियों के अलावा महिला कस्टमर की भी वीडियो तो नहीं बना रहा था।
ऑनलाइन फैशन और ब्यूटी रिटेलर कॉस्मेटिक कंपनी नायका (Online Fashion and Beauty Retailer Company NYKAA) में इससे पहले भी वरिष्ठ पुरुष कर्मचारियों द्वारा महिला कर्मचारियों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने की खबरे आती रही हैं। गुजरात के अहमदाबाद और उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित पूर्व नायका कर्मचारियों ने बातचीत में बताया कि दो साल पहले सनी श्रीवास्तव नाम के एक एरिया मैनेजर नायका कंपनी (NYKAA) में हुआ करते थे। सनी श्रीवास्तव नायका के सभी दफ्तरों से सभी महिला कर्मचारियों के वीडियो और तस्वीरें अपने फोन पर मंगाते थे। यह मामला कई महीनों तक चलता रहा। महिला कर्मचारी इस घटना से काफी परेशान थे, क्योंकि उनकी वीडियो और तस्वीरों के इंटरनेट पर डाल दिये जाने और इसके दुरुपयोग होने के डर से परेशान थी। लेकिन इस घटना से परेशान होकर नायका लखनऊ की मैनेजर ने अपने एरिया मैनेजर सनी श्रीवास्तव के खिलाफ आवाज उठाया। नायका कंपनी (NYKAA) में काफी बवाल मचा इस घटना के बाद। बावजूद कंपनी ने अपने एरिया मैनेजर के खिलाफ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन इन घटनाओं से परेशान होकर और नायका कंपनी और कंपनी के बड़े अधिकारियों के दबाव में लखनऊ की महिला मैनेजर को नौकरी छोड़नी पड़ गई।
हाल के कुछ साल पहले एक ऐसी ही घटना नायका के मुंबई स्थित मुख्यालय में भी हुई थी। जहां कंपनी के बड़े अधिकारियों द्वारा मानसिक तौर पर प्रताड़ित किये जाने के बाद एक महिला कर्मचारी ने अपनी मानसिक प्रताड़ना की दुर्दांत घटना को सभी सोशल मीडिया साइट पर प्रकाशित कर दिया था।हालांकि कंपनी को जब यह बात पता चली तो कंपनी ने उस महिला कर्मचारी से माफी मांगते हुए सभी सोशल मीडिया साइटों से आपत्तिजनक पोस्ट हटवा दिये थे। मिली जानकारी के अनुसार, इन घटनाओं की वजह से पिछले दो सालों में कई महिला कर्मचारियों और कुछ बड़े अधिकारियों ने भी एक के बाद एक करके कंपनियां छोड़ दी हैं। नायका कंपनी को छोड़ने का यह सिलसिला अभी तक जारी है।हालांकि रायपुर स्थित नायका कंपनी के स्टोर में हुई ऑडियो-वीडियो रिकार्डिंग के मामले के बारे में स्थानीय पुलिस का कहना है कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और इसके बाद ही आरोपी पर कार्रवाई होगी।
मजे की बात यह है कि देश की प्रसिद्ध कॉस्मेटिक कंपनी नायका की मालकिन खुद ही एक महिला है। फाल्गुनी नायर देश की प्रसिद्ध महिला उद्दमी हस्तियों में शामिल हो चुकी हैं। नायका कंपनी पिछले साल अपना आईपीओ (Nykaa IPO) भी ला चुकी है। शेयर मार्केट में लिस्टेड नायका कंपनी (Nykaa IPO listing) ब्यूटी प्रोडक्ट्स की ई-कॉमर्स कंपनी FSN E-Commerce Ventures Ltd (Nykaa) के आईपीओ के तहत इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है। साल 2021 में जब यह कंपनी लिस्टेड हुई थी तब एनएसई पर इसके शेयर 79 फीसदी की प्रीमियम के साथ 2018 रुपये पर लिस्ट हुए थे। लेकिन लगभग एक महीने के बाद ही कंपनी के शेयर मार्केट में भारी गिरावट देखी गई थी।
आईआईएफएल वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट (IIFL Wealth Hurun India Rich List 2022) की ताजा सर्वे के मुताबिक, ब्यूटी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म नायका (NYKAA) की फाउंडर फाल्गुनी नायर (Falguni Nayar) देश की सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिला बन गई हैं। इस मामले में उन्होंने बायोटेक कंपनी की किरण मजूमदार शॉ (Kiran Mazumdar Shaw) को पीछे छोड़ दिया है। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट (Hurun Rich List) के मुताबिक, नायका की फाउंडर फाल्गुनी नायर की संपत्ति पिछले एक साल में 30,000 करोड़ रुपये बढ़ गई और यह 345 फीसदी बढ़कर 38,700 करोड़ रुपये हो गई।
(An FIR has been registered in Raipur for secretly recording video-audio of female employees by a male employee Aakash Rajput (accused) at online fashion and beauty retailer company NYKAA.)
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।















