Connect with us

Uncategorized

रायपुर नगर निगम ने की किरायेदारों को किफायती दर पर आवास उपलब्ध कराने की पहल

Published

on

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में पहली बार किरायेदारों को किफायती दर पर आवास उपलब्ध कराने रायपुर नगर निगम ने पहल की है। इसके तहत कचना, अमलीडीह और दलदल सिवनी क्षेत्र में किफायती आवास पाने 150 हितग्राहियों ने बैंक से लोन लेकर नगर निगम के माध्यम से नए आवास की रजिस्ट्री कराने नगर निगम मुख्यालय में रकम जमा कराई है। रजिस्ट्री से पहले रजिस्ट्रार ने रायपुर नगर निगम से प्रत्येक हितग्राही के 3 प्रारूप में प्रमाणपत्र मांगे हैं। ये दस्तावेेज निर्धारित प्रारूप में जमा करने के बाद ही इन हितग्राहियों की रजिस्ट्री होगी।

किरायेदारों को किफायती दर पर सिर छिपाने पक्का आवास मिलेगा। इसके लिए कचना, अमलीडीह और दलदलसिवनी इलाके में 150 किरायेदारों ने नगर निगम में आवेदन जमाकर पक्का आवास के लिए बैंक से फाइनेंस करा लिया है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी ने बताया, हितग्राही को किफायती आवास योजना में निर्धारित रकम जमा कराने के 6 माह के अंदर आवास की रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर सिम्स में सीनियर डॉक्टर ने जूनियर के साथ की मारपीट

रजिस्ट्री से पहले तीन प्रारूप में मांगी जानकारी

किरायेदारों को किफायती दर पर रहने को पक्का आवास की रजिस्ट्री से पहले रजिस्ट्रार ने नगर निगम से 3 प्रारूप में प्रत्येक हितग्राही से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रमाणपत्र के रूप में जमा करने के लिए कहा है। यानी एक हितग्राही के तीन प्रमाणपत्र नगर निगम रजिस्ट्रार के पास जमा करेगा, तभी संबंधित हितग्राही के आवास की रजिस्ट्री होगी। योजना विभाग के अफसरों ने रजिस्ट्रार से इसका प्रारूप मांगा है, ताकि जल्द ही मांगी गई जानकारी वह रजिस्ट्री आफिस में जमा कर सके।

इन बिंदुओं पर देनी है जानकारी

नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों के लिए जो आवास बनाए हैं, हितग्राही उसी कोटे से हैं, इस बात काे प्रमाणित कर नगर निगम संबंधित हितग्राही का प्रपत्र जमा करेगा।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में अब तक 1192.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

नगर निगम को निर्धारित प्रारूप में यह जानकारी देगा, हितग्राही से किस प्रोजेक्ट के तहत कितनी राशि आवास के लिए ली जा रही है और उसे कितनी छूट देय है।

रजिस्ट्री में हितग्राही को स्टांप शुल्क से छूट मिलेगी, उसे रजिस्ट्री के समय आवास की कीमत की मात्र 2 फीसदी राशि जमा करनी होगी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uncategorized

हरेली तिहार : माटी पूजन, कृषि औजारों की पूजा और गेड़ी की परंपरा का पर्व

Published

on

छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन, सीएम के साथ वर्चुअल बैठक के बाद बोले PCC चीफ मोहन मरकाम

कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं। गांवों के ठाकुरदेव की पूजा की जाती है। हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में देने की परंपरा रही हैं।

सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।

Continue Reading

Uncategorized

राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…

Published

on

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आज राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान-हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत आयोजित इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत प्रदेश के कई मंत्री, विधायक के साथ बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए.

रायपुर के इंडोर स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा की कार्यक्रम का आगाज हुआ. देशभक्ति के रंग से सराबोर इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत तमाम कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे, डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक राजेश मूणत और विधायक सुनील सोनी समेत बीजेपी के अनेक नेता-कार्यकर्ता के साथ स्काउट एंड गाइड्स, NCC कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए.

इंडोर स्टेडियम में बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे. इस दौरान मौजूद युवाओं और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. तिरंगा यात्रा इंडोर स्टेडियम से निकलकर गणेश मंदिर तिराहा, बूढ़ापारा बिजली ऑफिस, नगर निगम भवन, महिला थाना चौक और फायर ब्रिगेड चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंची.

यह भी पढ़ें   कांकेर को मिली 183 करोड़ की सौगात, सीएम बघेल ने की लखनपुरी को उपतहसील बनाने की घोषणा
Continue Reading

Uncategorized

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए

Published

on

धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन जी को गुमराह करने की कोशिशें की गईं. लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. उन्होंने कहा कि खुद पीएम से अपने इस्तीफे की पेशकश की थी.

कॉकरोच पार्टी प्रोटेस्ट के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि जेन जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों के द्वारा वे लोग गुमराह हो रहे है.

यह भी पढ़ें   बिलासपुर सिम्स में सीनियर डॉक्टर ने जूनियर के साथ की मारपीट

दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के करीब दो हफ्ते बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर बात की.

आपको याद दिल दे कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending