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छत्तीसगढ़

रायपुर : लोक सेवा केंद्रो के माध्यम से निर्धारित समयावधि में हो रहा आवेदनों का निराकरण

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रायपुर| छत्तीसगढ़ शासन ने आमजनों की सुविधा के लिए लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। जाति, आय, मूल निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य शासकीय विभागों के कार्यो को कराने के लिए लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाते हैं एवं इन आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय सीमा में किया जाता है। लोगों को अपने सरकारी काम-काज के लिए अब सरकारी कार्यालय के चक्कर नही काटना पड़ता है। बिलासपुर जिले में ई डिस्ट्रिक्ट परियोजना अंतर्गत संचालित लोक सेवा केन्द्रों और च्वाईस सेंटर के माध्यम से माह जुलाई 2021 तक ऑनलाइन प्राप्त होने वाले आवेदनों की संख्या आठ लाख से अधिक हो गई है।

जिले में लोक सेवा अंतर्गत ऑनलाइन लंबित आवेदनों की समीक्षा जिला प्रशासन द्वारा प्रति दिन की जा रही है एवं समय सीमा के उपरान्त लंबित आवेदनों की संख्या सतत रूप से शून्य है। ई डिस्ट्रिक्ट परियोजना बिलासपुर के आफताब अहमद ने बताया कि माह फरवरी 2021 में कुल 25 हजार से अधिक आवेदन ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए जिसमे आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत करने में बिलासपुर जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है। इसके साथ ही ई डिस्ट्रिक्ट परियोजना अंतर्गत राज्य में 5 नई सेवाओं स्थाई पटाखा लाइसेंस, अस्थाई पटाखा लाइसेंस, सिनेमा लाइसेंस, पेट्रोल पंप एनओसी आदि शुरू किया जाएगा। जिसका कार्य प्रगति पर है। शीघ्र ही नागरिको को यह सुविधा भी ऑनलाइन लोक सेवा चॉइस केन्द्रों के माध्यम से प्राप्त होगी।

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    जिले में लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाईन आवेदनों की प्राप्ति एवं उनका निराकरण गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जा सके इसके लिए वापस भेजे जाने या निरस्त किये जाने वाले ऑनलाइन आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गयी है एवं जिले के लोक सेवा ऑपरेटर्स को इस संबंध में ट्रेनिंग प्रदाय की गई एवं आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रसारित किये गए है।


    उल्लेखनीय है कि जिले में ई डिस्ट्रिक्ट परियोजना के माध्यम से लोगों को नजदीकी लोक सेवा केंद्र चॉइस सेण्टर से आय, जाति, निवास, विवाह, व्यापार अनुज्ञप्ति प्रमाण पत्र जाति, विवाह प्रमाण पत्र, सीमांकन नामांतरण, बँटवारा, नगरीय निकायो में गुमास्ता, समस्त प्रकार के पेन्शन, वन विभाग, कृषि विभाग, नाप तौल विभाग, उद्यानिकी विभाग, इंजीनियरिंग – पॉलीटेक्निक कॉलेज, आईटीआई इत्यादि, सेवाओ सहित 80 से अधिक विभिन्न प्रकार की सेवाएं मिल रही है। प्राप्त आवेदन लोक सेवा गारंटी योजना के तहत निराकृत किए जाते हैं इसके साथ ही आवेदकों को घर बैठे आवेदन करने की सुविधा भी ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से दी गई है । शहरी क्षेत्र के साथ दूर दराज के ग्रामीणों को भी मिल रहा लाभ, उचित दर पर नागरिकों को समयावधि में उपलब्ध हो रही हैं सेवाएं| लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से हितग्राहियों को विभिन्न सेवाओं का लाभ आसानी से और निर्धारितसमय पर मिल रहा है। हितग्राहियों के समय की बचत हो रही है एवं भूमि उपयोगिता प्रमाण पत्र जैसी सेवा भी निर्धारित समयावधि में प्राप्त हो रही है। यह कहना है लोक सेवा ऑपरेटर नागेश्वर प्रसाद जोशी का। इसी तरह गोल बाजार स्थित लोक सेवा केंद्र संचालक प्रपन्ना मिश्रा का कहना है कि लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को शासन द्वारा संचालित सेवाओं की सुविधा आम नागरिको को आसानी से निर्धारित समयावधि में उचित दर पर प्राप्त हो रही है। लोक सेवा केंद्र नेहरू नगर के संचालक अक्षय भार्गव ने कहा कि लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को नगर निगम के अंतर्गत गुमास्ता, व्यापार अनुज्ञप्ति आदि सेवाएँ प्राथमिकता से निर्धारित समय में दी जा रही हैं, यह हितग्राहियों के लिए लाभदाई है। रतनपुर स्थित लोक सेवा केंद्र के संचालक हकीम मोहम्मद का कहना है कि लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से दूर-दराज, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हितग्राहियों को भी लाभ मिल रहा है एवं लोक सेवा केन्द्रों के साथ अन्य आवश्यक ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा भी प्राप्त हो रही है। इस तरह लोक सेवा केंद्र नागरिकों की जरूरत बन चुकी है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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