छत्तीसगढ़
राजीव गांधी न्याय योजना ने कृषक अमरनाथ को उबारा अर्थिक संकट से
कोण्डागांव| एक किसान के लिए अपने मेहनत से उगाई गयी फसल के नष्ट होने से बड़ी विपदा और कुछ नही होती और सर्व विदित है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दुष्प्रभाव से प्रत्येक सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुए है। कृषि क्षेत्र भी इससे अछुता नही रहा है। इसके दुष्प्रभाव ने लाॅक डाउन के दौरान तो खेतों एवं बाड़ियों पर तैयार खड़ी फसल एवं सब्जियों पर ऐसी सेंध लगाई की ना तो कृषकों को मजदूर एवं परिवहन के साधन मिले ना ही खरीददार मिला और ना ही बाजार मिले परिणाम स्वरूप खेती बाड़ियों में ही शाक सब्जियों के तैयार फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गयी और अंततः इसका मुल्य चुकाना पड़ा किसान को।
विकासखण्ड कोण्डागांव के मसोरा का कृषक अमरनाथ भी ऐसे ही भुक्तभोगी किसान रहे है। जिनकी मिर्ची की फसल महामारी के कठिन दौर में आकर नष्ट प्रायः हो गयी थी क्योंकिं फसल तैयार तो थी पर उपरोक्त कारणों के चलते कृषक अमरनाथ की मिर्ची की फसल खेत में ही सुख गये। फसल का नष्ट होना उक्त कृषक के लिए किसी आघात से कम नही था| ऐसी विकट परिस्थिति में राज्य शासन द्वारा संचालित राजीव गांधी न्याय योजना ने कृषक अमरनाथ को ऐसे आर्थिक संकट से उबरने में महत्वपूर्ण भुमिका निभायी और न्याय योजना के तहत् उसे 13 हजार 4 सौ 88 रूपयें की राशि प्राप्त हुए। इस राशि से उनके नुकसान की काफी हद तक भरपाई हुई और वे धान की खरीफ फसल हेतु खाद बीज उठाव करने में सक्षम हुए। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में फसल उत्पादकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 21 मई 2020 को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरूवात की गयी थी। इस योजना के तहत् खरीफ सीजन 2019-20 में पंजीकृत लगभग 19 लाख किसानों को कृषि आदान सहायता के रूप में 5628 करोड़ रूपये की आदान सहायता राशि दी गयी। चार किस्तों में यहा राशि किसानों के बैंक खाते में शासन द्वारा अंतरित किया गया।
इसके साथ ही योजना के तहत् यहा भी निर्णय लिया गया की इस वर्ष भी जिन किसानों ने समर्थन मुल्य पर धान का विक्रय किया था वे यदि धान के बदले कोदो, कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान या अन्य फोर्टीफाइड धान की फसल उत्पादित करते है अथवा वृक्षा रोपण करते है तो उसे प्रति एकड़ 9 हजार रूपये के स्थान पर 10 हजार रूपये की इनपुट सब्सिडी दी जायेगी साथ ही वृक्षा रोपण करने वालो को 3 वर्षो तक यह अनुदान मिलेगा। इस तरह राजीव गांधी न्याय योजना कृषक अमरनाथ जैसे हजारों किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है और प्रदेश के मुख्यमंत्री के मंशा अनुरूप कृषि में टिकाऊ विकास की अवधारणा को सार्थक किया है। जो किसान खेती किसानी को दिवालिया होने का जरिया मान बैठे थे परंतु न्याय योजना के सफल क्रियान्वयन होने से उनमें कृषि के प्रति दुबारा उत्साह और विश्वास का संचार हुआ है और राजीव गांधी न्याय योजना ने अपने नाम के अनुरूप प्रदेश के किसानों के प्रति सच्चा न्याय किया है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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