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Bilaspur : आत्महत्या के लिये दुष्प्रेरित करने वाला आरोपी पति को सकरी पुलिस ने किया गिरफ्तार

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आरोपी पति की प्रताड़ना एवं लड़ाई झगड़े से तंग आकर मृतिका ने अपने उपर थिनर डालकर आग लगा ली , जिसकी ईलाज दौरान मृत्यु हो गई।

प्रकरण के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

नाम आरोपी-
विकास मसीह पिता प्रदीप मसीह उम्र 37 साल साकिन जरहागांव थाना जरहागांव जिला मुंगेली हाल मुकाम कन्यैया धाम संबलपुरी थाना सकरी, जिला बिलासपुर छग

नाम मृतिका-
सरिता तिवारी पति विकास मसीह उम्र 36 साल साकिन उस्लापुर थाना सकरी जिला बिलासपुर छग

विवरण- मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना सकरी के मर्ग क्रमांक 02/24 की जांच किया गया, जांच के दौरान मृतिका सरिता तिवारी की मां हेमलता तिवारी एवं मृतिका की बहन सीमा शर्मा व संध्या शुक्ला से पूछताछ कर कथन लिया जो अपने-अपने कथन में बताये कि सरिता तिवारी की वर्ष 2020 में विकास मसीह से आर्य समाज में शादी हुई थी। विकास बेरोजगार था तथा मृतिका ग्राम बहतराई में वर्ग 02 में शिक्षिका थी।

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विकास मसीह के द्वारा घरेलू बातों एवं अपनी पत्नी से रकम की मांग कर आये दिन झगड़ा विवाद, मारपीट एवं गाली गलौच कर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। विकास मसीह के प्रताड़ना से तंग आकर सरिता ने दिनांक 10-12-2023 को अपने घर में रात्रि करीब 8.00 बजे अपने उपर थिनर डालकर आग लगाकर जलना व उपचार के दौरान दिनाक 20.12.23 को दोपहर में मृत्यु होना

बताये हैं मृतिका सरिता तिवारी के द्वारा अपने मरणासन कथन में भी अपने पति विकास मसीह के प्रताड़ना और लड़ाई झगडा करने की वजह से आत्महत्या करने के लिए आग से जलना बतायी है मर्ग की जांच पर अपराध धारा 306 भा द वि का घटित होना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं कायमी की सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दिया, जिस पर महिला संबंधी गंभीर अपराध को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर संतोष कुमार सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अति०पुलिस अधीक्षक महोदय शहर बिलासपुर राजेन्द्र जायसवाल एवं सी.एस.पी. (सिविल लाईल) संदीप पटेल के मार्गदर्शन में सकरी पुलिस के द्वारा आरोपी का पतासाजी कर उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया एवं आरोपी विकास मसीह के द्वारा धारा 306 भादवि का अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

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सराहनिय भूमिका – उपरोक्त् संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा, सउनि उमेश उपाध्याय, प्रधान आरक्षक राजकुमार क्षत्री, आरक्षक पवन सिंह, नंदझरोखा सुमन, कृष्ण कुमार मार्को, मालिक राम साहू, एवं थाना स्टाफ सकरी की भूमिका रही।

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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