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छत्तीसगढ़

लोगों की समस्याओं का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता से करें – अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री साव ने योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

अधिकारियों को सद्व्यवहार, टीम वर्क और समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी निभाने के दिए निर्देश

बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांकेर जिला संसाधन और साधन सम्पन्न जिला है, जिसका सुव्यवस्थित विकास आप सबकी महती जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि हो या प्रशासनिक अधिकारी, सबका एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ नागरिकों तक पहुंचे।

लोग अपनी क्षमता और कार्य-शैली का श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपने सद्व्यवहार, टीम वर्क और समयबद्धता से बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करें। कांकेर के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ के विधायक विक्रम देव उसेंडी और कांकेर के विधायक आशाराम नेताम भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में कहा कि सभी लोक सेवकों को ईश्वर ने लोगों की सेवा का सुअवसर दिया है। उनकी अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर खरे उतरना प्रशासनिक ही नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी है। जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध पेयजल मिले, यह सुनिश्चित करें। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों और पुल-पुलियों के काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करें। साव ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायालयीन प्रकरणों का नियमित निपटारा करने अनिवार्यतः समय दें।

इसके लिए सकारात्मक कार्य-शैली अपनाते हुए समयबद्ध तरीके से विभागीय दायित्वों का निर्वहन करें। अन्नदाता किसानों को भटकना न पड़े, इसके लिए जनाकांक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करें।

उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वास्थ्य सेवाओं, सुविधाओं, चिकित्सकों एवं आवश्यक दवाओं की समय पर मौजूदगी की जमीनी हकीकत जानने नियमित और सघन मॉनिटरिंग करें। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को वर्तमान में संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा की मैदानी स्थिति जानने नगरीय निकायों का जायजा लेने को कहा। अधिकारी पूरे शहर की सुविधाओं और समस्याओं की चिंता करें।

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उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे प्राकृतिक साधनों से परिपूर्ण कांकेर जिले को अग्रणी बनाने और यहां के लोगों के लिए सुविधाएं विकसित करने हरसंभव सार्थक प्रयास करें।

समीक्षा बैठक में कांकेर के कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने एजेंडावार पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास विभाग, समाज कल्याण, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुधन विकास, मछलीपालन और खाद्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी।

कांकेर जिला पंचायत के अध्यक्ष हेमंत ध्रुव, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला, जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल और डीएफओ आलोक वाजपेयी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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