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छत्तीसगढ़

बिलासपुर पुलिस द्वारा हरियाणा राज्य से 1 डायरेक्टर को गिरफ्तार करने में मिली सफलता

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♦️ बिलासपुर पुलिस द्वारा आरोपी गिरफ्तारी आॅपरेशन राहत के तहत् कई दिनो तक कैम्प हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में लगाया गया, जिस पर हरियाणा से आरोपी को किया गया गिरफ्तार।

♦️ पीएसीएल कंपनी/आरोपी के विरूद्ध जिले में 01 अपराध दर्ज है। जिसमे कंपनी द्वारा 24,23,557 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। तथा राज्य में अलग-अलग जिलो में कुल 20 अपराध रायपुर, बिलासपुर, कांकेर, बलौदाबाजार, दुर्ग, कबीरधाम, बेमेतरा, सूरजपुर, महासमुन्द, कोरिया में दर्ज किया गया है। जिसमें लगभग 5,84,47,754 रूपये का गबन किया गया है।

♦️ कंपनी के विरूद्ध 5252 निवेशकों के द्वारा लगभग 9,59,94,607 /रूपये का आवेदन जिला कलेक्टर को आवेदन किया गया है।

♦️ चिटफंड मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी में बिलासपुर पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी है।

थाना रतनपुर,
पीएसीएल कंपनी के विरूद्ध थाना रतनपुर 22 /18 धारा 420, भादवि एवं धन परिचालन अधि0 की धारा 4,5,6 एवं 10 निक्षेपको के हितो का सरंक्षण अधि0 2015, के प्रकरण में आरोपी डायरेक्टर 01. अनिल चौधरी लेघा पिता सोहन सिह उम्र 45 वर्ष पता- 2898 नेव हाउंसिंग बोर्ड सेक्टर 13 बिवानी 127021 हरियाणा को गिरफ्तार किया गया । प्ररकण में अबतक 03 डायरेक्टर को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    छ0ग0 शासन की मंशा अनुरूप चिटफंड के प्रकरणो पर फरार आरोपीयो की गिरफतारी करने एवं निवेशको की धन वापसी की कार्यवाही हेतु जिले में पुलिस उप महानिरीक्षक, एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर बिलासपुर के द्वारा लगातार निर्देश दिये जा रहे है ।

इसी के अंतर्गत चिंटफंड के नोडल अधिकारी रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बिलासपुर के पर्यवेक्षण में विभिन्न कम्पनियों के विरूद्ध दर्ज चिटफंड के प्रकरणो में टीम गठित कर गिरफ्तारी की प्रयास किये जा रहे है। पुलिस द्वारा पीएसीएल कंपनी फरार आरोपीयो की पतासाजी हेतु संयुक्त टीम गठित थाना बिल्हा, तोरवा, तारबाहर, रतनपुर व सायबर से टीम गठन किया गया था, आरोपियों के आरओसी एवं अन्य दस्तावेज प्राप्त कर बड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को हरियाणा से संयुक्त टीम के द्वारा आज दिनांक 30.04.2022 को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया गया ।

    आरोपी के विरूद्ध थाना रतनपुर में अपराध दर्ज किया गया था, आरोपियों एवं कंपनी के द्वारा रकम दोगुनी करने का लालच देकर अन्य लोगो से करोडो रूपये जमा कराये, एवं बदले में बांड भी दिया लेकिन जब पैसा वापसी का समय आया तो आफीस से ताला लगाकर सभी आरोपी डायरेक्टर फरार हो गये, प्रकरण में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु टीम हरियाण भेजा गया था, जिसमें टीम द्वारा अथक प्रयास के आरोपी की गिरफ्तारी किया गया। धन वापसी हेतु पी.ए.सी.एल

कंपनी के चिन्हित संपत्ति की कुर्की कार्यवाही हेतु कलेक्टर को पत्राचार किया गया है, जो लंबित है। आरोपी की गिरफ्तारी बाद कंपनी व आरोपी की संपत्ति की जानकारी ली जा रही है, प्राप्त होने पर कुर्की कार्यवाही हेतु सक्षम प्राधिकारी को प्रेषित किया जावेगा।

   उक्त आरोपी की गिरफ्तारी कराने में गठित टीम निरीक्षक कलीम खान, प्रभारी चिटफण्ड, उप निरी. शांत कुमार साहू थाना प्रभारी रतनपुर, उप निरी. पारस पटेल बिल्हा, उप निरी. हृदय शंकर पटेल तोरवा, उप निरी. मिलनसिंह तारबाहर, सउनि. विजय सिंह रतनपुर, व अन्य सदस्य टीम का महत्वपूर्ण भुमिका रही।
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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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