छत्तीसगढ़
नवविवाहिता की आग से जलकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर आरोपी पति को किया गया गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह द्वारा महिला विरुद्ध अपराधो में कड़ी कार्यवाही करने का दिया है निर्देश
परिजनों द्वारा आरोपी पति पर मृतिका को दहेज की मांग कर प्रताडित करने का लगाया आरोप
गिरफ्तार आरोपी- मुकेश केंवट पिता स्व गणेश राम केंवट उम्र 27 साल निवासी डगनिया थाना सीपत
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि बिना नम्बरी मर्ग डायरी थाना गोल बाजार जिला रायपुर से प्राप्त होने से थाना सीपत में नम्बरी मर्ग क्रमांक 91/2024 धारा 194 बीएनएसएस कायम कर जांच में लिया गया है जांच के दौरान दिनांक 15.07.2024 को सुबह करीब 9.00 बजे मृतिका शुकवारा बाई केंवट अपनी ससुराल ग्राम डगनिया कमरे में गैस चुल्हा में खाना बनाते समय आग लगने से चेहरा, छाती, पेट, पीठ, दोनो हाथ जल गयी थी जिसे ईलाज हेतु डी.के.एस. अस्पताल रायपुर में भर्ती किया गया था ईलाज के दौरान दिनांक 18.07.2024 को मृत्यु हो गयी है।
मामले कि गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर रजनेश सिंह के द्वारा उक्त घटना की जांच करने निर्देशित किया गया तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया ग्रामीण अर्चना झा तथा नगर पुलिस अधीक्षक महोदय उदयन बेहार के मार्गदर्शन में प्राप्त दिशा निर्देश पर थाना प्रभारी निलेश पांडेय के द्वारा मर्ग जांच के दौरान मृतिका के मायके पक्ष का कथन लिया गया है। जिन्होंने अपने कथन में बताया कि मृतिका शुकवारा बाई केंवट शादी घटना दिनांक के 03 माह पूर्व हुई थी शादी के बाद शुकवारा बाई केंवट से उसका पति मुकेश केंवट दहेज की मांग करता था
जिस पर मृतिका द्वारा आपत्ति करने पर मुकेश केंवट अपनी नव विवाहिता पत्नी शुकवारा बाई केंवट के साथ लगातार विवाद कर मारपीट कर प्रताड़ित करता रहा कि दिनांक 15.07.2024 को मृतिका शुकवारा बाई केंवट सुबह करीबन 08.00 बजे अपने ससुराल घर ग्राम डगनिया में जल गई जो दौरान ईलाज डी.के.एस. अस्पताल रायपुर में दिनांक 18.07.2024 को फौत हो गई। मर्ग सदर में की गई जांच में मृतिका शुकवारा बाई केंवट जो कि नव विवाहिता थी |
जिसकी अस्वभाविक मौत संदिग्ध परिस्थिति में हुई है जो आरोपी मुकेश केंवट पिता स्व. गणेश राम केंवट उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम डगनिया के विरूद्ध प्रथम दृष्टया अपराध धारा 80 बीएनएसएस का अपराध घटित करना पाये जाने से थाना सीपत में अप क्रमांक 463/2024 धारा 80 बीएनएस पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
उक्त संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निलेष पाण्डेय, सउनि शिव सिंह बक्साल, युगल शर्मा, आरक्षक आकाश मिश्रा, म आर का्रंती मरकाम का सराहनीय योगदान है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















