छत्तीसगढ़
आगामी मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था के संबंध में कलेक्टर ने ली अधिकारियों की बैठक

मुंगेेली| कलेक्टर पी.एस एल्मा ने विगत दिनों जिला पंचायत के सभा कक्ष में आगामी मानसून 2021 के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होने कहा कि आगामी मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की जनधन की हानि न हो इस संबंध में आवश्यक सतर्कता बरतने हेतु पूर्व से तैयारी किए जाने के निर्देश दिये। बैठक में उन्होने कहा कि वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि होने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने की आशंका और प्राकृतिक तथा नैसर्गिक घटनाओं में तत्कालिक राहत प्रदान करने एवं सूचनाआंे के आदान-प्रदान की अति आवश्यकता होती है।
इस हेतु उन्होने जिला कलेक्टोरेट मुंगेली के कक्ष क्रमांक 121 में जिलास्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना करने के भी निर्देश दिये। इसी तरह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष, जिला चिकित्सालय में जिला चिकित्सालय नियंत्रण कक्ष और कार्यालय जिला सेनानी में जिला सेनानी नगर सेना नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के भी निर्देश दिये गये।बैठक में उन्होने कहा कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी वर्षामापी यंत्रों को दुरूस्त किया जाएं और उनके संधारण की जानकारी जिला कलेक्टोरेट कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिये। साथ ही उन्होने तहसील स्तरों पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर बाढ़ नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिये।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि नदी के तट पर बसे हुए गांव, बाढ़ आने पर ज्यादा प्रभावित होते है। ऐसे ग्रामों की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिये। इसी तरह उन्होने मानसून के पूर्व सड़को एवं पुल-पुलियों की मरम्मत करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि बाढ़ के स्थिति में पुल-पुलियों, सड़को के उपर पानी बहने लगती है। जिसके कारण जनधन हानि की संभवना होती है। इस हेतु उन्होेने आवश्यक व्यवस्था के साथ सांकेतिक चिन्ह लगाने के निर्देश दिये। बैठक में उन्होने कहा कि मानसून के दौरान बांध में क्षमता से अधिक पानी भर जाती है। जिसके फलस्वरूप बांध से पानी छोड़ना पड़ता है। उन्होने बांध से पानी छोड़ने की सूचना 12 घंटे पूर्व जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदार को देने की बात कहीं।
इसी तरह अतिवृष्टि एवं बाढ़ से पशुओं की अकाल मृत्यु हो जाती है। इस स्थिति से निपटने के लिए पशु पालन विभाग के उपसंचालक को जिला तथा विकास खण्ड स्तर पर चिकित्सा दल गठित करने के भी निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर एल्मा ने कहा कि संभावित अतिवृष्टि एवं बाढ़ के कारण बीज का अंकुरण प्रभावित होता है। जिसका प्रभाव उत्पादन पर पड़ता है और पुनः बोने की स्थिति निर्मित उत्पन्न होती है। इस हेतु उन्होने संबंधित अधिकारियों को बीज की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। बैठक में उन्होने मानसून के पूर्व नगरीय क्षेत्रों में स्थित सभी नालो एवं नालियों की सफाई कराने के लिए संबंधितों को निर्देश दिये ।
बैठक में उन्होने कहा कि मानसून के दौरान जल जनित बीमारियां होने की संभावना होती है। इस हेतु उन्होने जीवन रक्षक दवाईयां भण्डारित करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। इसी क्रम में उन्होने एंटी रेबीज इंजेक्शन की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। बैठक में उन्होने असुरक्षित विद्युत तारों को सुरक्षित करने, कुओं और हैंड पंपों आदि जलस्त्रोंतो में ब्लीचिंग पाउडर डालने एवं क्लोरिनेशन करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। बैठक में उन्होने मोटर बोट, नाव, तैराकों की व्यवस्था, वायर लेंस, फायर ब्रिगेड एवं एम्बुलेंस आदि की संबंध में भी जानकारी प्राप्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी रोहित व्यास, संयुक्त कलेक्टर तीर्थराज अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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