Connect with us

छत्तीसगढ़

आपदा को अवसर में परिवर्तित करने को नाम मिला ‘ध्येय’

Published

on

बिलासपुर| कोरोन महामारी के इस विषम परिस्थिति में जहाँ सभी अपने अपने छेत्रों में विभिन्न परेशानियों से जूझते हुए उनका सामना कर रहे हैं वहीं गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के विधि विभाग के छात्र अमन प्रकाश, शुभा और गजेंद्र प्रकाश साहू ने आपदा को अवसर में परिवर्तित करने की पहल की जिसका नाम दिया ‘ध्येय’। इस पहल के अंतर्गत ध्येय द्वारा विधि के प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक 15 दिवसीय ई – इंटर्नशिप का ऑनलाइन अवसर प्रदान कर रहे हैं।

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के कारण विद्यार्थी जहाँ फील्ड वर्क से अब तक अवगत नहीं हो पाए हैं और किताबी ज्ञान से अधिक कुछ प्राप्त नहीं कर पाए हैं वही इस ऑनलाइन मंच द्वारा उच्च न्यायालय के एडवोकेट, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर एवं पीएचडी शोधकर्ताओं द्वारा विभिन्न गतिविधियों को मद्देनजर रखते हुए मूलभूत रूप से आने वाली परेशानियों को जानेंगे एवं फील्ड वर्क के मूल कार्यों से अवगत हो जाएंगे। साथ ही साथ विधि क्षेत्र से और अन्यत्र क्षेत्रों के संबंध को भी जानने में यह मंच विद्यार्थियों के लिए अत्यंत सरल माध्यम होगा।

यह भी पढ़ें   लघु उद्यमियों एवं जरूरतमंदों को उदारतापूर्वक ऋण प्रदान करें बैंकर्स-कलेक्टर


15 दिन के इस ऑनलाइन कार्यक्रम की नींव 28 जून 2021 से रखी गई। जहां इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर डॉ अजय कुमार सिंह ने छात्रों को संम्बोधित करते हुए इंटर्नशिप के उपयोग एवं इसके नियमों से अवगत कराया और साथ ही विद्यार्थियों में उत्साह जागृत किया। इंटर्नशिप की विधि के छात्रों के लिए आवश्यकताओं पर वर्णन करते हुए उन्होंने फील्ड वर्क और किताबी ज्ञान के बीच के अंतर को भी प्रकाशित किया।
अगले 15 दिनों में विभिन्न क्षेत्रों से वक्ता प्रतिभागियों के समक्ष अपने विचार रखेंगे और विधि के क्षेत्र में आने वाली परेशानियों और जरूरतों से अवगत कराएंगे। ध्येय का एकमात्र उद्देश्य प्रतिभागियों में उन मूलों का समावेश करना है जिससे वे अब तक इस महामारी के कारण अवगत नहीं हो पाया है और आगे चलकर उन्हें अवश्य ही उनकी आवश्यकता पड़ेगी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   ओडिशा ट्रेन हादसे पर उच्चस्तरीय जांच के आदेश
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   ओडिशा ट्रेन हादसे पर उच्चस्तरीय जांच के आदेश
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   ओडिशा ट्रेन हादसे पर उच्चस्तरीय जांच के आदेश
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending