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छत्तीसगढ़

निजात अभियान अन्तर्गत शहर के 9 थानो में होता है हर हफ़्ते काउंसलिंग

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🛑 निजात काउंसलिंग में सक्षम NGO, डाक्टरों एवं सामाजिक कार्यकर्ता की अहम भूमिका

🛑 काउंसलिंग के सार्थक परिणाम आये सामने। कई लोगो को मिली नशे से निजात और ज़िंदगी जीने की नई वजह

🛑 दिशान्त कक्ष, निजात अभियान अन्तर्गत होती है, अपचारी बालको की काउंसलिंग

बिलासपुर में एसपी संतोष सिंह के मार्ग दर्शन में निजात अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान अन्तर्गत अवैध नशे के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही, व्यापक जन जागरूकता के साथ साथ काउंसलिंग और इलाज उपलब्ध करवा कर नशे से निजात पाया जा रहा है।

निजात अभियान अन्तर्गत काउंसलिंग विभिन्न एनजीओएस जैसे सक्षम, डाक्टरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से कराया जा रहा है। थानो में काउंसलिंग 9 जुलाई 2023 से चालू है और हर हफ़्ते रविवार को शहर के थाना में होता है। अभी तक 1500 से अधिक लोगो को काउंसलिंग की गई है। इन में से कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें मानसिक चिकित्सा की ज़रूरत थी, उन्हें संबंधित डॉक्टर को रेफेर भी किया गया।

1- गेदले लहरे उम्र 25 रिक्सा चलाने का काम करता है। जो 300 रू रोज कमाता था उस पैसे का गांजा चरस,गुटका शराब का सेवन करता था पूरे दिन नशे में रहता था। शहर में निजात का पोस्टर देखने पर उसने थाना सिविल लाईन में संपर्क कर हर सप्ताह काउसिलिंग के बाद अपने में काफी हद तक सुधार कर लिया। अब वह काम भी बेहतर तरीके से करने लगा है।

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2-समीन अहमद उम्र 32 वर्ष निवासी तारबाहर जो कि पिछले 07 वर्षों से नशा करता था। उसके द्वारा बताया गया कि वह अन्य मजदुरो के साथ बुरे संगत में रहने लगा। नशा करने लगा था जिसके कारण घर में हमेशा कलह होता था। निजात के जागरूकता अभियान से प्रभावित होकर थाना में उपस्थित आकर काउसिलिंग कराया जिसके चलते उसमे काफी सुधार आया। बाद में वह अन्य मजदुरो का उदाहरण बन चुका है।

3-अजय साहू सिरगिट्टी क्षेत्र का रहने वाला है चाय की गुमटी में काम करता था। निजात की जागरूकता अभियान एवं डॉक्टर के परामर्श के बाद वह नशा को हमेशा के लिए त्याग कर अपनी जिंदगी को खुशहाली से जी रहा है।

4-विनोद साहू थाना कोतवाली क्षेत्र का नशे के कारण उसके घर में परिवारिक कलह बना हुआ था।किसी उसके दोस्त ने निजात के काउसिलिंग के बारे में बताया। उसके द्वारा नियमीत रूप से
काउसिलिंग में आने से उसकी स्थिति में सुधार आया इसके परिवर्तन से उसके परिवार वाले दोस्त एवं मोहल्लेवासी काफी खुश है।

5- मुकेश टंडन, उम्र 27 वर्ष, निवासी मिनी बस्ती, पेशे से ड्राइवर है। मुकेश दिन रात नशे में धूत रहता था तथा सब प्रकार के नशे करता था। दिन रात नशे के कारण उसका काम भी काफ़ी प्रभावित रहता था। इसके साथ साथ नशे के कारण घर पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा था। एक दिन उसकी नज़र निजात के दीवार लेखन पर पड़ी। उसमे दिये गये नंबर से संपर्क किया। संपर्क करने पर उसे थाने स्तर पर काउंसलिंग के बारे में बताया गया। इसके बाद वह नियमित तौर पर काउंसलिंग किया करता था। इससे इसकी स्थिति में काफ़ी सुधार आई। परिवार समेत इसके दोस्त भी इसके परिवर्तन से काफ़ी खुश है। अब मुकेश कहता है कि निजात अभियान के बारे में अपने बस्ती में बाक़ी लोगो को भी जागरूक करेगा।

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उक्त केस स्टडीज़ के साथ साथ, अब बिलासपुर पुलिस, यूनिसेफ़ और सीएसजे के साथ दिशांत, निजात अन्तर्गत का आरंभ किया है। इसके तहत एसे अपचारी बालकों को दिशान्त कक्ष, में काउंसलिंग के साथ अन्य मनोवैज्ञानिक उपकरण की मद्द दी जाती है। इसका यह उद्देश है की एसे अपचारी बालक, समाज के मुख्य धारा से जुड़ सके।

इसी तरह से शहर के कई लोगों को काउसिलिंग द्वारा नशे से निजात मिला है एवं कुछ लोग नशे से निजात पाने के राह में है। काउसिलिंग के साथ साथ नशे में लिप्त लोगो के आत्मविश्वास एवं दृढ संकल्प के कारण ऐसे लोग मुख्यधारा में वापस आ रहे है।

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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