Connect with us

news

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: डोनाल्ड ट्रंप बने अमेरिका के नए राष्ट्रपति, दूसरी बार संभालेंगे राष्ट्रपति पद

Published

on

डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए हैं। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस को हराकर जीत हासिल की है। इससे पहले ट्रंप 2016 में भी राष्ट्रपति बने थे। कमला हैरिस वर्तमान में अमेरिका की उप राष्ट्रपति हैं और इस चुनाव में दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।

इन राज्यों में ट्रंप को बढ़त

ट्रंप को एरिजोना, नॉर्थ कैरोलिना, जॉर्जिया, पेंसिलवेनिया, नेवाडा और विस्कॉन्सिन में स्पष्ट बढ़त मिली है। एपी और एनबीसी न्यूज के मुताबिक, ट्रंप ने केंटुकी, वेस्ट वर्जीनिया और इंडियाना में भी जीत हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना और फ्लोरिडा जैसे महत्वपूर्ण स्विंग राज्यों में भी अपनी बढ़त बनाए रखी।

यह भी पढ़ें   सामान्य श्रेणी में सुविधाओं का विस्तार: 370 ट्रेनों में जुड़ेंगे 1000 नए GS कोच

फ्लोरिडा में शानदार जीत

फ्लोरिडा, जो कि चुनावी दृष्टि से अहम माना जाता है, वहां ट्रंप ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। 2012 के बाद से फ्लोरिडा में डेमोक्रेट्स की जीत का इतिहास रहा था, पर इस बार ट्रंप ने बड़े मार्जिन से बाजी मारी।

ट्रंप के विचारों को पसंद कर रहे अमेरिकी

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने अपनी नीतियों को अमेरिकी जनता के बीच सफलतापूर्वक पहुंचाया है। खासतौर पर इमिग्रेशन को लेकर उनकी नीतियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। ट्रंप ने अमेरिका को एक मजबूत और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने का वादा किया है, जिसने उनके समर्थकों में जोश भर दिया है।

यह भी पढ़ें   फिल्मों की तरह सियासी पारी भी सुपरहिट : धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने गिनाए अपने सालभर के काम

वैश्विक नजरें अमेरिका पर

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे न केवल अमेरिका के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से अमेरिकी नीतियों में “अमेरिका फर्स्ट” का प्रभाव दिख सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार, खासकर चीन जैसे देशों पर, बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   Bilaspur News: योगाचार्य सम्मान एवम् योगासन स्पोर्ट्स का शपथ ग्रहण अमर अग्रवाल विधायक के हाथों संपन्न"

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   जब आलिया भट्ट को पता चली थी खुद की प्रेग्नेंसी की खबर, शॉक्ड हो गई थीं एक्ट्रेस, आंखों से बहने लगे थे आंसू

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading

news

RBI का बड़ा बयान: सोना बेचने की खबरें गलत, रिजर्व 880.52 टन बरकरार

Published

on


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने सोने के भंडार को लेकर चल रही खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि फिजिकल गोल्ड रिजर्व में किसी भी तरह की कमी नहीं हुई है और यह 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है। RBI ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा गया है, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

RBI ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि इस तरह की रिपोर्ट्स तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। केंद्रीय बैंक ने आम जनता और निवेशकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अपुष्ट खबरों से भ्रमित न हों। इसी बीच, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी इन दावों का फैक्ट-चेक करते हुए उन्हें भ्रामक बताया है।

यह भी पढ़ें   सामान्य श्रेणी में सुविधाओं का विस्तार: 370 ट्रेनों में जुड़ेंगे 1000 नए GS कोच

यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने का हिस्सा बेचा हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि बैंक ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा और 7.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा संपत्तियों में बदलाव किया।

हालांकि, RBI के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक भारत के पास 880.52 मीट्रिक टन सोना मौजूद था, जो 31 मार्च 2025 के 879.58 मीट्रिक टन की तुलना में थोड़ा अधिक है। इससे स्पष्ट होता है कि इस अवधि में सोने में कोई कमी नहीं हुई, बल्कि 0.94 मीट्रिक टन की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

RBI ने यह भी बताया कि कुल सोने में से 312.32 मीट्रिक टन सोना इश्यू डिपार्टमेंट के पास और 568.20 मीट्रिक टन बैंकिंग डिपार्टमेंट के पास सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार का एक हिस्सा बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भी सुरक्षित रखता है।

यह भी पढ़ें   टीचर ने जड़ा थप्‍पड़ तो बच्‍चे ने खाई कसम..66 साल तक नहीं काटे नाखून, बना डाला वर्ल्‍ड र‍िकॉर्ड

केंद्रीय बैंक के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है, जो सितंबर 2025 में 13.92 प्रतिशत थी और मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई। यह दर्शाता है कि RBI की निवेश रणनीति संतुलित और मजबूत बनी हुई है।

अंत में, RBI ने दोहराया कि लोग अफवाहों और अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक डेटा पर ही विश्वास करें। केंद्रीय बैंक के इस स्पष्टीकरण के बाद यह मामला काफी हद तक शांत हो गया है, लेकिन इसने यह जरूर दिखाया है कि गलत जानकारी बाजार और लोगों में भ्रम पैदा कर सकती है।

Continue Reading

news

बिलासपुर को मिली नई सौगात

Published

on

Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital

बिलासपुर। क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। Chouksey Group of Colleges के अंतर्गत नया Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital अब राष्ट्रीय आयुर्वेद आयोग (NCISM), नई दिल्ली से संबद्ध हो गया है।

यह उपलब्धि बिलासपुर के लिए गौरव की बात है, क्योंकि अब जिले को अपना पहला और एकमात्र निजी बीएएमएस (BAMS) कॉलेज मिल गया है।

कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि इस वर्ष होने वाली काउंसलिंग में चौकसे आयुर्वेद कॉलेज में NEET 2025 के आधार पर प्रवेश (Admission) दिए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

यह भी पढ़ें   Bilaspur के नामी LCIT Group of Institutions का छात्रों के साथ भयानक फर्जीवाड़ा : वादे बड़े-बड़े, हकीकत पानी-पानी!

ज्ञात रहे कि इस वर्ष Chouksey Group के इंजीनियरिंग कॉलेज में बिलासपुर संभाग में सर्वाधिक प्रवेश (Admissions) हुए हैं। साथ ही डिग्री पाठ्यक्रमों जैसे B.Com, Law, BBA, BCA, PGDCA की सभी सीटें भी पूर्ण रूप से भर गई हैं। यह विद्यार्थियों के बीच चौकसे ग्रुप की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वास को दर्शाता है।

चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष जायसवाल ने कहा —
“हमारा संकल्प विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बिलासपुर में पहला निजी बीएएमएस कॉलेज खुलना न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमें विश्वास है कि यह कॉलेज आयुर्वेद शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।”

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending