Connect with us

देश

#ViralVideo : बोट में बैठकर बना रहे थे वीडियो, पीछे से दौड़ पड़ा दरियाई घोड़ा

Published

on

हम सभी ने एक कहावत जरूर सुनी होगी कि मुसीबत बोलकर नहीं आती है. यही वजह है कि पता नहीं चलता कि कब किस शख्स के साथ क्या हादसा घट जाए. दरअसल इन दिनों एक ऐसी ही खबर सुर्खियां बटोर रही है, जिसे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे. दरअसल हुआ ये कि कुछ लोग पानी में दरियाई घोड़ों का वीडियो शूट कर रहे थे, तभी अचानक पीछे से एक दरियाई घोड़ा बड़ी तेजी से उनकी बोट की ओर बढ़ता है, वो इतनी तेजी से आता है कि उसे देखकर ही बोट पर सवार लोगों की जान हलक में अटक जाती है.

सोशल मीडिया पर बोट का पीछा करते दरियाई घोड़े के हैरान करने वाले वीडियो शेयर किया गया है. ये वीडियो सुधा रामेन ने शेयर किया है. यह वीडियो जांबिया का बताया जा रहा है. इसमें एक हिप्पो स्पीड बोट के पीछे हाथ धोकर पड़ा है, इस पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, ‘क्या आपको पता है कि हिप्पो तैर नहीं सकते, पर वो पानी के अंदर 15 किलोमीटर प्रति मील की रफ्तार से चल सकते हैं.’

यह भी पढ़ें   ‘बेहोश’ होकर पड़ा था शख्स, फिर हुआ ऐसा जादू अचानक उठकर करने लगा डांस! वीडियो देख छूट जाएगी हंसी

यहां देखिए वीडियो-

This hippo had chased a speeding boat for about 200m in Zambia.

Do you know – Hippos do not swim, they can walk underwater with a great speed of even 15miles/hour. Their fat makes it buoyant enough to float. Always better to be careful around this animal.
Brandon Reed pic.twitter.com/DR5ANSpVtw

— Sudha Ramen IFS (@SudhaRamenIFS) June 1, 2021

वीडियो देख लोगों ने बताई हिप्पो की फितरत

Hippos are the most dangerous animals both in water and land. Attacks for no reason.

— Ram_runner (@RM_Says) June 1, 2021

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बोट के पीछे दरियाई घोड़ा कितनी तेज रफ्तार से भाग रहा है. दरियाई घोड़ की तेज रफ्तार को देखते हुए उससे बचने के लिए बोट की रफ्तार को भी तेज किया जाता है. भले ही बोट पर सवार लोग दरियाई घोड़े से बचने में कामयाब हो जाते हैं, लेकिन दरियाई घोड़े को देखकर उनकी जान आफत में जरूर पड़ जाती है. ये वीडियो देखकर एक बात तो समझ आ जाएगी कि जानवरों से दूरी बनाकर रखने में ही भलाई है.

यह भी पढ़ें   Bhanupratpur by-Election: आज होगा भाजपा प्रत्याशी के नाम का ऐलान

कुछ दिनों पहले ही @nowthisnews ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए इसके कैप्शन में लिखा था कि जब एक गुस्सैल, विशाल दरियाई घोड़ा युगांडा में दर्शनीय स्थलों की यात्रा करने वाली बोटा का पीछा करते हुए दिखाई दे रहा है. किसी को चोट नहीं आई, लेकिन NatGeo के अनुसार, अफ्रीका में हर साल अनुमानित 500 इंसानों की मौतों के लिए हिप्पो जिम्मेदार हैं. उन्हें शेरों से भी ज्यादा घातक माना जाता है.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   जांजगीर: अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, दोस्तों ने ही दिया था वारदात को अंजाम

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   जांजगीर: अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, दोस्तों ने ही दिया था वारदात को अंजाम

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   बड़ी खबर LIVE: सीएम केजरीवाल मामले पर अदालत में सुनवाई पूरी, ED की मांग पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   शिवनाथ नदी में डूबे पांच बच्चे, चार की बची जान, एक की तलाश जारी

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending