छत्तीसगढ़
रेलवे ऑडिटोरियम न्यू रेल क्लब बिलासपुर में “जनचेतन 2.0” कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन
कार्यशाला में वक्ताओं द्वारा जीवन के विभिन्न पहलुओं में संतुलन बनाए रखने और सर्वांगीण विकास पर दिया गया मार्गदर्शन ।
बिलासपुर : मंडल रेलवे प्रशासन द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों और उनके परिवारजनों को जीवन के विभिन्न पहलुओं में संतुलन बनाए रखने और व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रेरणा प्रदान करने के उद्देश्य से नियमित रूप से जनचेतन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है
इस क्रम में आज दिनांक 02 अगस्त 2024 को रेलवे ऑडिटोरियम न्यू रेल क्लब बिलासपुर में “जनचेतना 2.0” कार्यक्रम के अंतर्गत मंडल के अधिकारियों एवं उनके परिवार के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय थे | इस अवसर पर मंडल सेक्रो अध्यक्षा श्रीमती श्रद्धा पाण्डेय, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री योगेश कुमार देवांगन, श्री चंद्रभूषण, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ बी जमकियार, वरि.मंडल कार्मिक अधिकारी डॉ अंशुमन मिश्रा, सभी शाखाधिकारी, अन्य अधिकारीगण तथा उनके परिवारजन उपस्थित थे ।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के पश्चात दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई । इसके पश्चात अतिथि वक्ताओं द्वारा व्यावसायिक उत्कृष्टता और प्रेरणा, व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन, स्वास्थ्य और फिटनेस तथा कार्य-जीवन संतुलन व परिवारिक संबंध जैसे मानवीय जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान किया गया |
डॉ बी के उपाध्याय पूर्व पुलिस महानिदेशक महाराष्ट्र द्वारा “व्यवसायिक उत्कृष्टता और प्रेरणा” विषय पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया गया । उन्होने कहा, व्यवसायिक उत्कृष्टता केवल तकनीकी कौशल पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसमें आत्म-अनुशासन, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और उच्च नैतिक मानकों का पालन भी महत्वपूर्ण है। प्रेरणा केवल बाहरी कारकों से नहीं आती, बल्कि आंतरिक प्रेरणा का स्रोत भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होने वास्तविक जीवन के उदाहरणों और केस स्टडीज के माध्यम से समझाया कि कैसे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाकर उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है ।
मिस एम गायत्री, उपायुक्त आयकर विभाग नागपुर ने “व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन” विषय पर अपने वक्तव्य में कहा कि व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कौशल है जो हर व्यक्ति को सीखना चाहिए । यह न केवल आर्थिक स्थिरता प्रदान करता है, बल्कि भविष्य के लिए सुरक्षा और योजनाओं को भी सुनिश्चित करता है। उन्होने अपने वक्तव्य में बजट बनाने, खर्चों को नियंत्रित करने, निवेश के लाभ और ऋण प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी । सरल और प्रभावी तकनीकों के माध्यम से समझाया कि कैसे छोटी-छोटी आदतें बड़े वित्तीय बदलाव ला सकती है।
नारायणा अस्पताल के हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ मनोज गुप्ता ने “स्वास्थ्य और फिटनेस” विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुये उन्होने बताया कि कैसे नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सकारात्मक मानसिकता के माध्यम से हम अपने जीवन को स्वस्थ और ऊर्जावान बना सकते हैं । उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक जीवन शैली में तनाव को कैसे कम किया जा सकता है और योग तथा ध्यान जैसी तकनीकों का उपयोग करके मानसिक शांति कैसे प्राप्त की जा सकती है । कुछ सरल और प्रभावी फिटनेस टिप्स भी साझा किए |
विकास सोनी, मेडिटेशन एवं मेमोरी ट्रेनर ने “कार्य-जीवन संतुलन व परिवारिक संबंध” विषय पर मार्गदर्शन किया | उन्होने बताया कि कार्य-जीवन संतुलन न केवल हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है,बल्कि यह हमारे पारिवारिक संबंधों की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है । कैसे हम अपने व्यस्त कार्य जीवन और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना सकते हैं । उन्होंने यह भी बताया कि पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए नियमित संवाद,समय प्रबंधन और आपसी सहयोग कितना महत्वपूर्ण है । साथ ही कुछ सरल और प्रभावी टिप्स भी साझा किए |
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य मंडल के अधिकारियों और उनके परिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाने, आपसी समझ बढ़ाने और संबंधों को सुदृढ़ करना था | जिससे वे शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हुये उत्कृष्टता के साथ कार्य कर सके | खुशी की बात है कि आप सभी अपनी फेमिली के साथ आए और पारिवारिक जीवन के इन चारों पहलुओं के बारे में विस्तार से सूना | इससे हम सभी को जीवन के विभिन्न पहलुओं में संतुलन बनाए रखने, बेहतर वित्त प्रबंधन, स्वास्थ्य और फिटनेस तथा पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी | साथ ही उन्होने इस आयोजन की सराहना की |
कार्यक्रम का संचालन व आभार ज्ञापित मंडल कार्मिक अधिकारी रुहीना तुफैल खान द्वारा किया गया |
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















