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छत्तीसगढ़ का हर कोना बंद, उदयपुर हत्याकांड के खिलाफ दिखा आक्रोश…

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रायपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले में हुए हत्याकांड को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के छत्तीसगढ़ बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शनिवार सुबह से शहर के सभी बाजार पूरी तरह से बंद रहे। केवल दवा दुकानें, और डेयरी समेत आवश्यक सेवाएं खुली रही। बंद को लोगों ने भी समर्थन दिया है।

पखांजुर में व्यापारियों ने बंद की अपनी दुकानें

उदयपुर घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद का कांकेर जिले में स्थित पखांजुर के परलकोट क्षेत्र में व्यापक असर दिखा। व्यापारियों ने बंद के समर्थन में शतप्रतिशत अपनी दुकानें बंद की। भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने घूम-घूमकर बंद को सफल बनाने लोगों से समर्थन मांगा। साथ ही कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला भी फूंका और राजस्थान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं स्थिति को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किए गए हैं।

जशपुर में दिखा CG बंद का असर

जशपुर में उदयपुर की घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद का असर देखने को मिल रहा है। बता दें कि राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल टेलर की दो लोगों ने निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने पूरे छत्तीसगढ़ बंद का आव्हान किया था। इस पर जशपुर समेत बगीचा, पत्थलगांव, कुनकुरी में व्यापारियों ने हिंदू परिषद के बंद का समर्थन किया। विश्व हिन्दू परिषद के लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम बंद करने की अपील की थी।

बिलासपुर में दिखी उदयपुर घटना पर नाराजगी

उदयपुर की घटना पर बिलासपुर में नाराजगी दिख रही है। मध्य नगरी चौक पर टायर जलाकर विरोध किया गया। साथ ही शहर में बाइक रैली निकालकर दुकानें बंद कराई जा रही है।

छत्तीसगढ़ बंद का असर सूरजपुर में भी

उदयपुर की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ बंद का असर सूरजपुर में भी देखने को मिला रहा है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीणों इलाकों में सभी जगह दुकानें बंद रहे। बंद को सफल बनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ता घूम-घूम कर सभी से समर्थन की मांग रहे हैं। यातायात, मेडिकल और पेट्रोल पंप छोड़ बाकी सब बंद रहा। वहीं इसे लेकर जगह-जगह पुलिस की टीम मौजूद है।

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बालोद में व्यापारियों ने किया हिंदू संगठनों का समर्थन

उदयपुर की घटना पर छत्तीसगढ़ बंद को लेकर बालोद जिला मुख्यालय सहित ग्रामीणों इलाकों में सभी जगह व्यापारियों ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का समर्थन किया। सभी जगह दुकानें बंद रही। बंद को सफल बनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्य सभी से समर्थन मांग रहे है। यातायात, मेडिकल और पेट्रोल पंप छोड़ बाकी सब बंद है।

बेमेतरा में दुकान बंद कराने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के साथ भाजपा भी उतरे सड़कों पर

छत्तीसगढ़ बंद का बेमेतरा जिले में असर देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के साथ भाजपा कार्यकर्ता भी दुकान बंद कराने सड़कों पर उतरे। इसे लेकर पुलिस पेट्रिलिंग गाड़ियां लगातार सड़कों पर गस्त कर रही है।

कांकेर में दुकानें पूर्णतः बंद

उदयपुर घटना को लेकर कांकेर में दुकानें पूर्णतः बन्द है। जिले भर में बंद का असर दिख रहा है। सुबह से ही सड़कों पर विहिप और सर्व हिन्दू समाज के लोग निकले हैं। बता दें कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने भी बन्द को समर्थन दिया है। आज शाम 7 बजे तक सभी प्रतिष्ठान बन्द रहेंगे।

कोरब में भी नहीं खुले दुकानों के ताले

उदयपुर घटना को लेकर छत्तीसगढ़ बंद का कोरबा में असर दिख रहा है। यहां भी प्रतिष्ठानों के ताले नहीं खुले। जिले में चेंबर ऑफ कॉमर्स ने 2 बजे तक दुकानें बंद रखने का आग्रह किया था। भाजपा, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने बंद का आह्वान किया था।

रायगढ़ में बंद का व्यापक असर

रायगढ़ में CG बंद का व्यापक असर दिखा। उदयपुर की घटना को लेकर बजरंग दल ने बंद का आह्वान किया है। जिला भाजपा और चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी इसका समर्थन किया है। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बजरंग दल के समर्थक बंद कराने निकले हैं।

कोरिया में कई शहरी क्षेत्र रहे बंद

उदयपुर हत्याकांड के विरोध में आज कोरिया जिले में बंद का आह्वान किया गया था। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी समेत कई शहरी क्षेत्र बंद रहे। हिन्दू संगठन और चेंबर ऑफ़ कॉमर्स ने बंद का समर्थन किया है। वहीं बंद को लेकर प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था है।

दुर्ग में दुकानें बंद कराने पहुंचे विहिप के लोग

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उदयपुर घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद व अन्य हिंदूवादी संगठन ने बंद का आह्वान किया है। आज सुपेला क्षेत्र में दुकानें बंद कराने विहिप के लोग पहुंचे और घटना के विरोध में समर्थन की अपील कर रहे हैं। सांसद विजय बघेल भी बंद का समर्थन कर रहे हैं।

गौरेला पेंड्रा और मरवाही में भी जिला पूरी तरीके से बंद, अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग

राजस्थान के उदयपुर में हुई हत्याकांड के विरोध में गौरेला पेंड्रा और मरवाही में भी जिला पूरी तरीके से बंद रहा। आज सुबह से ही यहां सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों और संगठनों के साथ ही साथ अन्य संस्थाओं के संचालकों ने अपने-अपने दुकान प्रतिष्ठान बंद करके इस हत्याकांड का विरोध किया। मरवाही में सर्वदलीय संघ के आह्वान पर लोगों ने बंद रखा। गौरेला के अमरकंटक चौक में लोगों ने सभा आयोजित कर इस हत्याकांड की जमकर निंदा की और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए गए। वहीं पेंड्रा में भी बंद शांतिपूर्वक रहा और लोगों ने सुरक्षा से ही दुकानें बंद करके इस हत्याकांड की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।

बलौदाबाजार में नारेबाजी करते दुकानें बंद कराने घूम रहे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता

राजस्थान के उदयपुर में हुए हत्याकांड को लेकर आज बलौदाबाजार भाटापारा बंद रहा। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता सुबह से ही नारेबाजी करते हुए दुकानें बंद कराने घूम रहे हैं। व्यापारियों ने भी अपना व्यापार बंद कर दोपहर तक समर्थन दिया है। वहीं दूध, फल, स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप और दवाई दुकानों जैसे जरूरी चीजों को बंद से बाहर रखा गया है।

कोंडागांव और कांकेर जिला पूरी तरह बंद

उदयपुर की घटना को लेकर कोंडागांव और कांकेर जिला आज पूरी तरह बंद रहा। मुख्यालय व ग्रामीण अंचल क्षेत्र में भी बंद का व्यापक असर दिख रहा है। कई क्षेत्र में स्थानीय दुकान संचालकों ने स्वतः दुकानें बंद रखा। इधर छत्तसीगढ़ बंद को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं बीते दिनों जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में बंद किए गए थे। यह बंद बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा ने करवाया है।

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हरेली तिहार : माटी पूजन, कृषि औजारों की पूजा और गेड़ी की परंपरा का पर्व

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छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं।

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कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं। गांवों के ठाकुरदेव की पूजा की जाती है। हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में देने की परंपरा रही हैं।

सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।

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राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आज राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान-हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत आयोजित इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत प्रदेश के कई मंत्री, विधायक के साथ बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए.

रायपुर के इंडोर स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा की कार्यक्रम का आगाज हुआ. देशभक्ति के रंग से सराबोर इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत तमाम कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे, डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक राजेश मूणत और विधायक सुनील सोनी समेत बीजेपी के अनेक नेता-कार्यकर्ता के साथ स्काउट एंड गाइड्स, NCC कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए.

इंडोर स्टेडियम में बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे. इस दौरान मौजूद युवाओं और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. तिरंगा यात्रा इंडोर स्टेडियम से निकलकर गणेश मंदिर तिराहा, बूढ़ापारा बिजली ऑफिस, नगर निगम भवन, महिला थाना चौक और फायर ब्रिगेड चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंची.

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धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए

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धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन जी को गुमराह करने की कोशिशें की गईं. लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. उन्होंने कहा कि खुद पीएम से अपने इस्तीफे की पेशकश की थी.

कॉकरोच पार्टी प्रोटेस्ट के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि जेन जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों के द्वारा वे लोग गुमराह हो रहे है.

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के करीब दो हफ्ते बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर बात की.

आपको याद दिल दे कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.

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