छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: यहां नहरिया बाबा के नाम से जाने-जाते है हनुमान जी, दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं दर्शन करने
जांजगीर चांपा। जिले के नैला स्थित नहरिया बाबा पिछले 39 साल से श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है। यहां हनुमान जन्मोत्सव प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाता है, रामचरितमानस महायज्ञ का आयोजन यहां 22 साल से हो रहा है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहंुचते हैं।
नहरिया बाबा मंदिर का इतिहास
जांजगीर नैला के नहरिया बाबा (हनुमान जी) मंदिर के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है। शनिवार और मंगलवार को यहां हनुमान चालीसा का पाठ होता है, साथ ही प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। नहरिया बाबा सेवा समिति ने मन्दिर की स्थापना के संबंध में बताया कि 1984 में जांजगीर नैला में नहर निर्माण का काम चल रहा था।

उन्हें रात में स्वप्न आया कि रेल लाइन के किनारे हनुमान जी विराजमान हैं।
तबसे उन्होंने यहां पीपल पेड़ के नीचे एक पत्थर की प्रतिमा रखकर पूजा अर्चना शुरू की, फिर धीरे – धीरे लोगों की आस्था इस पर बढ़ती गई और दूर दराज से भी लोग दर्शन के लिए आने लगे, फिर लोगों ने यहां छोटा सा मंदिर निर्माण कराया। उसके बाद बाबा पर लोगों का आस्था इतना बढ़ गया कि प्रदेश से लोग दर्शन करने आते है।
मंदिर हटाने का फैसला वापस
तीसरी लाइन के विस्तार के लिए रेलवे ने मंदिर को वहां से हटाने का निर्देश दिया, तब 1999 में बड़ा मंदिर रेल लाइन से हटकर बनाया गया। लेकिन रेलवे ने बाद में मंदिर को हटाने का फैसला वापस ले लिया।
इस तरह यहां नहरिया बाबा के दो मंदिर हो गए। पुरानी प्रतिमा यथावत रेल लाइन किनारे ही है। 2001 से यहां प्रति वर्ष हनुमान जयंती के अवसर पर मानस महायज्ञ और संत सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। हर साल 8 से 10 दिन का आयोजन किया जाता है, जिसमे श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

नहर किनारे होने के कारण पड़ा नहरिया बाबा नाम..
जांजगीर नैला में नहर किनारे प्रतिमा की स्थापना होने के कारण इनका नाम नहरिया बाबा पड़ा है। नहरिया बाबा के रूप में हनुमान जी की पूजा अर्चना होती है। स्थापना से लेकर नए मन्दिर बनने तक यहां पूजा अर्चना किया जाता था।
वे शंकर बाबा के नाम से जाने जाते थे। 10 साल पहले उनकी प्रतिमा भी मन्दिर परिसर में स्थापित की गई है।

जांजगीर के प्रसिद्ध नहरिया बाबा मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर आस्था का जनसैलाब उमड़ता है, हजारों की संख्या में भक्त यहां पहुंचकर नहरिया बाबा के दरबार में मत्था टेकते है, मंदिर समिति द्वारा यहां भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त प्रसाद ग्रहण किया करते है, दिनभर मंदिर में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहता है, भीड़ को देखते हुए और मंदिर रेल्वे ट्रैक के किनारे होने के कारण पुलिस के जवानों के अलावा सिक्योरिटी जवान पूरे समय व्यवस्था बनाने में लगे रहते है. इसी तरह शहर के अन्य मंदिरों में भी हनुमान जी की पूजा-अर्चना के लिए भीड़ लगी रही.
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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