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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: छात्रों को दी जाएगी अवकाश दिनों के कुकिंग की राशि…

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रायपुर। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड-19 के दौरान शैक्षणिक सत्र 2020-21 में एक मई से 15 जून तक 39 कार्य दिवस की ग्रीष्म अवकाश अवधि में खाद्यान्न सुरक्षा भत्ता के रूप में कुकिंग कास्ट की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से छात्र या पालक के बैंक खाते में जमा की जाएगी। प्राथमिक स्कूल के छात्रों को 202 रूपए और मीडिल स्कूल के छात्रों को 291 रूपए प्रदान किया जाएगा। आयुक्त लोक शिक्षण डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य में ग्रीष्म अवकाश अवधि में खाद्यान्न सुरक्षा भत्ता के रूप में कुकिंग कास्ट की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से छात्र या पालक के बैंक खाते की जानकारी एकत्र कर मध्यान्ह भोजन योजना सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि संबंधी कार्य सभी विकासखण्डों में प्रगति पर है। प्रविष्टि कार्य पूर्ण होने के बाद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का कार्य किया जाएगा।

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जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि 39 दिवस का खाद्यान्न सुरक्षा भत्ता अंतर्गत केवल कुकिंग कास्ट की राशि ही प्रदान की जाए। इस अवधि के लिए रसोईया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाना है। प्राथमिक स्कूल के छात्रों को 5 रूपए 19 पैसे प्रति दिवस की दर से 202 रूपए और मीडिल स्कूल के छात्रों को 7 रूपए 45 पैसे प्रति दिवस की दर से 291 रूपए प्रदान किया जाए। बैंक के माध्यम से राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के द्वारा छात्र या पालक के खाते में हस्तांतरित की जाए। किसी कारण से यदि किसी छात्र की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर असफल होती है तो असफल होने संबंधी जानकारी बैंक से प्राप्त कर उसे तत्काल निराकृत किया जाए। यह कार्य तब तक किया जाए जब तक कि शत-प्रतिशत बच्चों या पालकों की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सफल न हो जाए।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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