छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की नवीन पहल, अपीलार्थी सुनवाई के लिए अब जुड़ सकेंगे मोबाइल से
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने एक नवीन पहल की है। अपीलार्थी अब मोबाइल के द्वारा भी द्वितीय अपील की सुनवाई में जुड़ सकेंगे। इससे घर बैठे या अन्य किसी स्थान से अपीलार्थी सीधे द्वितीय अपील की सुनवाई में मोबाईल की सहायता से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपस्थित रह सकते हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में बुधवार 21 जून से ट्रायल बेस पर इसकी शुरुआत की गई है। राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी और राज्य सूचना आयुक्त धनवेंद्र जायसवाल के कोर्ट में
आज कई प्रकरणों की सुनवाई में इसका ट्रायल किया गया। आरटीआई के तहत द्वितीय अपील की सुनवाई में बिलासपुर से ठाकुर नवल सिंह और कांकेर से देवाशीष के कई प्रकरणों की सुनवाई की गई। इसमें अपीलार्थी अपने मोबाइल से सुनवाई में शामिल हुए।
अपीलार्थियों को घर बैठे सुनवाई का अवसर प्राप्त प्राप्त होने पर उनके द्वारा राज्य सूचना आयोग को धन्यवाद दिया गया। अपीलार्थियों ने कहा कि आयोग द्वारा यह अच्छी पहल की गई है, इससे समय बचेगा और सुविधाजनक अवसर मिलेगा।राज्य सूचना आयुक्त त्रिवेदी ने अपीलार्थियों से कहा कि वे मोबाइल कनेक्शन के माध्यम से जुड़ने के लिए बेहतर नेटवर्क का इस्तेमाल करें, ताकि ऑडियो और वीडियो की क्वालिटी अच्छी मिले।
राज्य सूचना आयुक्त जायसवाल ने अपीलार्थियों से कहा कि अब मोबाइल से द्वितीय अपील के प्रकरणों की सुनवाई घर बैठे या अन्य स्थानों से मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि अभी तक राज्य सूचना आयुक्त के न्यायालय कक्ष में अथवा संबंधित जिलों के कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से अपीलार्थी सुनवाई में शामिल हो रहे थे। अब मोबाइल से भी शामिल होने का अवसर व सुविधा मिल सकेगी।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
