छत्तीसगढ़
जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया जारी
रायपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय माना कैंप, रायपुर में कक्षा छठवीं और कक्षा नवमी के लिए प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया जारी है । कक्षा नौवीं के लिए 31 अक्टूबर 2011 और कक्षा छठवीं के लिए 30 नवंबर 2021 तक ऑनलाइन आवेदन भरे जा सकते हैं।
नवोदय विद्यालय माना कैंप के प्राचार्य ने बताया कि भारत सरकार के शिक्षा के अधीन नवोदय विद्यालय समिति के अंतर्गत कार्यरत एक उत्कृष्ट सहशिक्षा आवासी विद्यालय हैं । यहां लड़के एवं लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास की सुविधा है । सभी विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा, भोजन एवं आवास की सुविधा हैं। नवोदय विद्यालय माना कैंप में तृतीय भाषा के रूप में कन्नड़ भाषा का अध्यापन कक्षा छठवीं से नवमीं तक कराया जाता है। यहां संगीत, कला एवं खेलकूद के लिए विद्यार्थियों को विशेष रुप से योग्य शिक्षकों के द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है । अनिवार्य कंप्यूटर शिक्षा एवं स्मार्ट क्लास की भी व्यवस्था है । यह विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली से संबंध है जहां प्रतिवर्ष बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम शत प्रतिशत रहे हैं। यहां के छात्र प्रतिवर्ष अधिकाधिक संख्या में NEET, JEE एवं देश के प्रतिष्ठित अन्य विश्वविद्यालयों में चयनित हो रहे हैं। इस विद्यालय के पूर्व छात्र राज्य एवं भारत सरकार के उच्च पदों पर सेवारत है।
प्राचार्य ने बताया कि प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए कक्षा छठवीं एवं नवमी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है । दोनों कक्षाओं के लिए प्रवेश परीक्षा कार्यक्रम संबंधी विवरण इस प्रकार है। कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए छात्र एवं छात्राएं जिनकी उम्र 01.05.2009 से 30.04.2013 (दोनों तिथियां भी शामिल हैं) आवेदन वेबसाइट https://cbseitms.nic.in के माध्यम से कर सकते हैं। इसके लिए जवाहर नवोदय विद्यालय माना कैंप, रायपुर में 80 सीट है। कक्षा 9वीं के प्रवेश के लिए ऐसे छात्र एवं छात्राएं जिनकी उम्र 01.05.2006 से 30.04.2010 (दोनों तिथियां शामिल हैं) प्रवेश के लिए आवेदन वेबसाइट www.nvsadmissionclassnine.in के माध्यम से कर सकते हैं। इसके लिए वर्तमान में 4 सीट है। प्रवेश परीक्षाओं हेतु ऑनलाइन आवेदन भरने की विधि, प्रवेश नियम एवं पाठ्यक्रम आदि की अधिक जानकारी नवोदय विद्यालय समिति के वेबसाइट www.navoday.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
