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छत्तीसगढ़

ताइवान के आसपास दिखे चीन के 71 सैन्य विमान और नौ जहाज, अमेरिका बोला- युद्धाभ्यास पर है हमारी नजर

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ताइपे : ताइवान की राष्ट्रपति के अमेरिकी दौरे से चीन और ताइवान में तनाव काफी बढ़ गया है। ताइवान के मीडिया का दावा है कि शनिवार को चीन के 71 सैन्य विमान और 9 जहाज ताइवान की सीमा के आसपास दिखाई दिए हैं। ताइवान के मिनिस्टरी ऑफ नेशनल डिफेंस का कहना है कि 45 विमानों ने ताइवान की वायुसीमा में प्रवेश भी किया। वहीं ताइवान में स्थित अमेरिकी दूतावास ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि अमेरिका चीन के युद्धाभ्यास पर नजर रखे हुए है। साथ ही अमेरिका को विश्वास है कि क्षेत्रीय शांति को स्थापित करने के लिए उसके पास पर्याप्त संसाधन और क्षमता मौजूद है।

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चीन ने अपनाया आक्रामक रुख

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने चीन के जिन विमानों को ताइवान की सीमा के आसपास ट्रैक किया, उनमें चीन के युद्धक विमान जे-10, जे-11 और जे-16 शामिल थे। इनके अलावा चीन के ट्रांसपोर्ट विमान, बॉम्बर विमान और चेतावनी देने वाले विमान भी शामिल थे। ताइवान द्वारा चीन के सैन्य विमानों और जहाजों पर लगातार नजर रखी जा रही है। बता दें कि चीन की सेना ने तीन दिन तक ताइवान के चारों तरफ युद्धाभ्यास करने का एलान किया है। चीन का यह एलान ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन की अमेरिका यात्रा और वहां अमेरिका के निचले सदन के सभापति से मुलाकात के बाद आया है।

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क्या है ताइवान को लेकर विवादताइवान एक द्विपीय देश है और चीन के दक्षिणी पूर्वी तट से करीब 100 मील दूर स्थित है। चीन, ताइवान को अपना ही एक प्रांत मानता है। यही वजह है कि चीन ताइवान के किसी अन्य देशों से रिश्तों को लेकर सहज नहीं रहता। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कह चुके हैं कि ताइवान का चीन के साथ एकीकरण होकर रहेगा। वहीं ताइवान खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र मानता है, जिसका अपना संविधान और चुनी हुई सरकार है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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