Connect with us

छत्तीसगढ़

तेंदूपत्ता संग्रहण 500 करोड़ रूपए से पार, संग्राहकों में बिखरी खुशियां अपार

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चालू वर्ष 2023 के दौरान अब तक 12 लाख 88 हजार 241 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हो चुका है, जो लक्ष्य 16 लाख 72 हजार मानक बोरा का 77 प्रतिशत से अधिक है। इनमें तेन्दूपत्ता संग्राहकों को कुल भुगतान योग्य राशि 515 करोड़ रूपए से अधिक हैं। इसका संग्रहण लगभग 11 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों द्वारा किया गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से जारी है।

चालू वर्ष में लगभग 13 लाख परिवारों को मिलेगा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लाभ राज्य लघु वनोपज संघ से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक जगदलपुर वनवृत्त के अंतर्गत वनमंडल बीजापुर में 49 हजार 825 संग्राहकों द्वारा 32 करोड़ रूपए के 81 हजार मानक बोरा, सुकमा में 58 हजार संग्राहकों द्वारा 49 करोड़ रूपए के एक लाख 22 हजार 310 मानक बोरा, दंतेवाड़ा में 14 हजार संग्राहकों द्वारा 6 करोड़ रूपए के 15 हजार 630 मानक बोरा तथा जगदलपुर में 39 हजार संग्राहकों द्वारा 8 करोड़ 38 लाख रूपए के 20 हजार 970 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हो चुका है।

यह भी पढ़ें   नाबालिग पीड़िता को बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इसी तरह कांकेर वनवृत्त के अंतर्गत वनमंडल दक्षिण कोण्डागांव में 29 हजार 713 संग्राहकों द्वारा 7 करोड़ 44 लाख रूपए के 18 हजार 608 मानक बोरा, केशकाल में 33 हजार 620 संग्राहकों द्वारा 10 करोड़ रूपए के 24 हजार 963 मानक बोरा, नारायणपुर में 15 हजार 978 संग्राहकों द्वारा 7.50 करोड़ रूपए के 18 हजार 610 मानक बोरा, पूर्व भानुप्रतापपुर में 30 हजार 426 संग्राहकों द्वारा 36 करोड़ रूपए के 90 हजार 649 मानक बोरा, पश्चिम भानुप्रतापपुर में 15 हजार 295 संग्राहकों द्वारा 14 करोड़ रूपए के 34 हजार 884 मानक बोरा तथा कांकेर में 31 हजार 999 संग्राकों द्वारा 13 करोड़ रूपए के 33 हजार 342 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   Bilaspur: निरीक्षक मनोज नायक सहित आठ पुलिस अधिकारी व कर्मचारी बने कॉप ऑफ द मंथ
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई अगले एक-दो दिन में! फिर भी रहेगी बारिश की संभावना
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   शहीदों के परिजनों का सीएम भूपेश बघेल ने किया सम्मान, कहा – आप सब हमारे परिवार का हिस्सा
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending