छत्तीसगढ़
पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी के ने ली बिलासपुर रेंज के पुलिस अधीक्षकों की समन्वय बैठक

दिनांक 20.05.2022 को रतन लाल डांगी, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा बिलासपुर रेंज अंतर्गत आने वाले रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था एवं अपराधियों के धरपकड़ एवं कार्यवाही हेतु आर.पी.एफ., शासकीय रेलवे पुलिस एवं जिला पुलिस बल के अधिकारियों की त्रैमासिक समन्वय बैठक सहित बिलासपुर रेंज अंतर्गत पुलिस अधीक्षकों एवं राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की वर्चुअल अपराध समीक्षा बैठक ली गई।
बैठक में उमनि. व वरि.पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारूल माथुर, उमनि. व पुलिस अधीक्षक(रेल) श्रीमती मिलना कुर्रे, पुलिस अधीक्षक जिला रायगढ़ श्री अभिषेक मीना, पुलिस अधीक्षक जिला मुंगेली श्री चंद्रमोहन सिंह, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही श्री त्रिलोक बंसल, मण्डल सुरक्षा आयुक्त(रेलवे सुरक्षा बल) बिलासपुर श्री आर.के.शुक्ला तथा रेंज कार्यालय बिलासपुर सहित जिले के राजपत्रित अधिकारीगण उपस्थित रहे। दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा हेतु संयुक्त संचालक अभियोजन बिलासपुर श्रीमती मंगला मिश्रा एवं उप संचालक अभियोजन जांजगीर-चाम्पा श्री माखनलाल पाण्डेय उपस्थित रहे।रेल सुरक्षा से संबंधित विषय पर चर्चा – सर्वप्रथम बैठक में पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रेलवे सुरक्षा आयुक्त, पुलिस अधीक्षक(रेल) तथा रेंज के जिलों द्वारा प्रस्तुत जानकारी की समीक्षा की गई तथा जिला बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही अंतर्गत आने वाली सभी रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था एवं घटित अपराधों की जांच विवेचना तथा रोकथाम के संबंध में विभिन्न निर्देश दिये गये। रेलवे स्टेषन एवं यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से सभी बड़े रेलवे स्टेशनों के सामने एवं पीछे की ओर खुलने वाले सभी द्वार (गेट्स) में पर्याप्त संख्या में कैमरा लगवाये जाने पर बल दिया गया। रेलवे के माध्यम से गांजा व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी व परिवहन को रोकने के उद्देश्य से जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने निर्देश दिये गये। स्टेशनों के वाहन पार्किंग स्थलों पर लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही हेतु संबंधित जिला पुलिस से जानकारी साझा किया जाकर उसका वैधानिक निराकरण करने निर्देशित किया गया है। आर.पी.एफ, रेल पुलिस एवं जिला पुलिस के मध्य रेलवे एवं रेलवे क्षेत्र में घटित अपराध तथा अपराधियों की जानकारी नियमित आपस में साझा करने के निर्देश दिये गए साथ ही समय-समय पर जिला पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मॉक ड्रिल आयोजित करने हेतु निर्देशित किया गया।
दोषमुक्ति से संबंधित विषय पर चर्चा – पुलिस महानिरीक्षक द्वारा बैठक के दौरान जिला सत्र न्यायालयों द्वारा पारित दोषमुक्त निर्णय के माह-जनवरी’2022 से माह-मार्च’2022 तक के प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें आरोपी के दोषमुक्त होने के संबंध में विवेचना में पाई खामियों के संबंध में चर्चा कर आवष्यक कार्यवाही हेतु निर्देश दिये गये।
अनु.जाति/अनु.ज.जाति संबंधी प्रकरणों एवं राहत प्रकरणों पर चर्चा -पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिलों की अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विभिन्न बिन्दुओं पर कार्यवाही संबंधी निर्देश दिये गये। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया कि अनु.जाति/अनु.ज.जाति के प्रकरणों तथा पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना अंतर्गत प्रकरणों में पीड़ितों को राहत के प्रकरणों का विशेष रूचि लेकर निराकरण कराया जावे। अनु.जाति/अनु.ज.जाति के प्रकरणों में पीड़ितों को मिलने वाली राहत राशि के प्रकरणों को बिना विलंब किये निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र राहत राशि स्वीकृत कराया जाकर पीड़ितों को उपलब्ध कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जावे। अनु.जाति/अनु.ज.जाति के लंबित ऐसे प्रकरण जिनमें पीड़ित का स्थायी जाति प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहा है उन प्रकरणों में पीड़ित को यथाशीघ्र जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध हो सके इस संबंध में कलेक्टर द्वारा आयोजित समय-सीमा बैठक (टी.एल. मीटिंग) में आवष्यक रूप से साझा की जावे और समन्वय में कार्य करते हुए प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जावे। अनु.जाति/अनु.ज.जाति के प्रकरणों के निराकरण की ओर विशेष ध्यान दिये जाने तथा लंबित ऐसे सभी प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा की जाकर समयबद्ध निराकरण करने निर्देशित किया गया साथ ही ऐसे प्रकरणों में जिनमें अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, ऐसे प्रकरणों में विशेष टीम गठित कर आरोपी के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश देकर लगातार पतासाजी करते हुए फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर प्रकरणों का निराकरण किये जाने निर्देशित किया गया। अनु.जाति/अनु.ज.जाति के प्रकरणों पीड़ितों से बातचीत पर ज्ञात हुआ कि अनु.जा./अनु.ज.जा. अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत उन्हें नियमानुसार यात्रा भता, दैनिक भत्ता एवं आहार भत्ता प्राप्त नहीं हो रहा है, इस पर सभी पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में निर्देशित किया गया कि पीड़ितों को शत-प्रतिशत रूप से भत्ते प्रदाय किया जावे।
बैठक में अनु.जाति/अनु.ज.जाति के प्रकरणों के पीड़ितों को भी बुलाया जाकर उनको प्राप्त राहत राशि और प्रकरण के संबंध में एवं अन्य समस्याओं को रूबरू सुना गया तथा पीड़ितों से जानकारी लेकर पुलिस अधीक्षकों को इनका तत्काल निराकरण करने निर्देशित किया गया।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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