Connect with us

छत्तीसगढ़

फेंसिंग तार की चपेट में आकर बकरी चरवाहे की मौत

Published

on

बिलासपुर। दिनांक 21.03.2023 के सुबह 09:30 बजे मृतक सालिकराम निषाद पिता कुंभकरण निषाद उम्र 64 साल साकिन बुटापारा थाना तोरवा बिलासपुर छ.ग अपने बकरियो को चराने कलाराम धुरी उर्फ कल्लू एवं रामकली धुरी के प्लॉट के पास गया था । उसके बगल के ही खेत प्लॉट जो कि किच्छू उर्फ किशोर राज का है, को कलाराम धुरी उर्फ कल्लू गेहू बोने के लिये मांगा था फसल की देखरेख करने के लिये खेत के चारो और फेंसिंग कांटा तार से घेरा था जिसमें जानवर घुसकर नुकसान न पहुंचाये कहकर झटका मशीन था ।

झटका मशीन काम नहीं किया तो फेंसिंग तार में विद्युत करंट प्रवाहित करके रखता था मृतक घटना दिनांक को किच्छू उर्फ किशोर राज के खेत में फेंसिंग तार कांटा में फंसकर उसमें प्रवाहित विद्युत करेंट की चपेट में आकर मृत हो गया था जिसे आरोपी कलाराम धुरी व रामकली धुरी दोनो उस स्थान से हटाकार उसी खेत के दूसरे छोर में छिपाकर घटना को छिपाने का प्रयास किये और विद्युत मेन तार से सर्विस तार को अलग कर उसे छिपाकर आरोपी कलाराम धुरी उर्फ कल्लू तखतपुर भाग गया था एवं रामकली धुरी के द्वारा बकरी को मृतक के घर पहुंचाकर मृतक को ढूंढने हेतु उनके परिजनो को कहा, आरोपी कलाराम धुरी यह जानते हुये कि फेंसिंग तार कांटा में विद्युत करंट लगाने से किसी जीव या मानव की मृत्यु हो सकती है फिर भी विद्युत करेंट लगाया था जिसमें मृतक सालिकराम निषाद का फेंसिंग तार में प्रवाहित विद्युत करेंट की चपेट में आने मृत्यु हो गई ।

यह भी पढ़ें   दंतेवाड़ा: ट्रैक्टर पलटने से बड़ा हादसा, मौके पर 4 ग्रामीणों की मौत

मर्ग जांच पर से आरोपी कलाराम धुरी उर्फ कल्लू एवं रामकली धुरी के विरूद्ध धारा 304, 201, 34 भादवि का अपराध घटित होना पाये जाने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । जिसकी सूचना तत्काल जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह (भा.पु.से.) अतिoपुलिस अधीक्षक बिलासपुर राजेन्द्र जायसवाल एवं सी.एस.पी. (कोतवाली) पूजा कुमार को दी गई जिनके द्वारा तत्काल आरोपी की धरपकड कर गिरफतारी करने के निर्देश दिये गये थे जिसके परिपालन में आरोपी कलाराम धुरी उर्फ कल्लू एवं रामकली धुरी की पता तलाश की जा रही थी जो बूटापारा में प्लॉट के पास आरोपी कलाराम धुरी उर्फ कल्लू उपस्थित मिला जो पुलिस को देखकर भागने की फिराक में था जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर जुर्म करना स्वीकार किया तथा घटना में प्रयुक्त फेंसिंग कांटा तार एवं छिपा कर रखे विद्युत वायर को तोरवा पुलिस के समक्ष पेश किया जिसे तोरवा पुलिस द्वारा जप्त किया गया है।

यह भी पढ़ें   कोरोना संक्रमण से 10 नक्सलियों की मौत

आरोपी के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से गिरफतार किया गया है जिसे माननीय न्यायालय पेश किया जाता हैं घटना के अन्य आरोपिया रामकली घटना दिनांक से ही सकूनत से फरार है जिसकी पता तलाश जारी है।

यदि किसी भी व्यक्ति के द्वारा खेत की रक्षा के लिये अवैध तरीके से फेंसिंग कोटा तार में विद्युत प्रवाहित की जाती है व किसी भी तलाब में मछली आखेट करने के लिये विद्युत प्रवाहित की जाती है इसमें किसी प्रकार की जनहानि होती है तो पुलिस के द्वारा इसी प्रकार की वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

प्रकरण की संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी सुनील तिर्की सउनि विदेशी राम साहू, भारत सिंह मरकाम आरक्षक यशपाल टंडन, अशोक चंद्राकर की अहम भूमिका रही।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

Published

on

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ समाचार: लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, कर्मचारियों का DA 4% बढ़ा

इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

यह भी पढ़ें   दंतेवाड़ा: ट्रैक्टर पलटने से बड़ा हादसा, मौके पर 4 ग्रामीणों की मौत

परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

Continue Reading

छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

Published

on

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के नए कुलपति बने 'प्रो.आलोक चक्रवाल'

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Continue Reading

कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Published

on

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

यह भी पढ़ें   CG: भारी मात्रा में अवैध प्रतिबंधित कोडिन युक्त सिरफ के साथ आरोपी गिरफ्तार, आरोपी महंगे शौंक पुरा करने के लिये नशे के कारोबार में थे शामिल...

बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   कोरोना संक्रमण से 10 नक्सलियों की मौत

बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending