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छत्तीसगढ़

मौसम ने ली करवट, विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

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भोपाल।  मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से मौसम ने जबरदस्त करवट ली है। प्रदेश में घने कोहरे का दौर शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। प्रदेश में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जिसके चलते दिन का पारा 10℃ तक गिर गया है। तापमान में कमी आने से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। प्रदेश के जिलों में दिन और रात के पारा में भारी गिरावट हुआ है। वहीं कई जिलों में शीतलहर के हालात बने हुए हैं। ग्वालियर और दतिया में घने कोहरे का ऑरेंज एलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही टीकमगढ़ और निवाडी में यलो एलर्ट जारी किया गया है।

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मौसम विभाग की तरफ से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार बीती रात मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पारा 10 डिग्री तक गया है। मौसम विभाग ने बताया कि बादल छंटने के बाद मौसम में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। वहीं प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम​ विभाग की माने तो प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी। बता दें प्रदेश में सबसे कम तापमान नौगांव में दर्ज किया गया है। प्रदेश एक नौगांव जिले में तापमान कम से कम 4 डिग्री दर्ज किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के ज्यादातर जिलों में 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

3 से 4 डिग्री तक गिरेगा तापमान

मध्यप्रदेश के साथ ही छतीसगढ़ में आज से बदलेगी हवा की दिशा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से तापमान में गिरावट होना शुरू हो गया है। उत्तर से ठंडी हवाएं आएगी। जिसके वजह से राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। इसके साथ ही आने वाले कुछ समय में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट देखने को मिलेगी। जिसकी वजह से सुबह के समय में कोहरा छाने की संभावना है। इस बारे में जानकारी देते हुए मौसम विभाग ने कहा आने वाले दिनों में 3 से 4 डिग्री तक तापमान में गिरावट होगी जिसके वजह से पूरे प्रदेश में ठंड बढ़ने वाली है। वही सबसे कम तापमान आज बस्तर संभाग में 6 डिग्री दर्ज की गई।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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