छत्तीसगढ़
रंगारंग एवं भव्य शुभारंभ यातायात जागरूकता सप्ताह एवं रूबरू मेला

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारुल माथुर द्वारा बिलासपुर की जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने एवं सामुदायिक पुलिस के तहत पुलिस व अर्ध सैन्य बल की कार्यप्रणाली एवं उनकी अन्य गतिविधियों की जानकारी आम जनता को दिए जाने हेतु “पुलिस मेला रूबरू” (एक दिवसीय) एवं यातायात जागरूकता सप्ताह दोनों की कार्यक्रम का रंगारंग एवं भव्य शुभारंभ स्थानीय पुलिस मैदान बिलासपुर में किया गया।
इस अवसर पर रविवार प्रातः 10:00 बजे से पुलिस सीआरपीएफ नगर सेना , सी ए एफ, आर पी एफ , सामाजिक संस्थाओं के सदस्य,महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं कार्यक्रम अधिकारी सहित एनसीसी के सीनियर डिविजन केडेडस तथा कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्यों की एक विशाल जन जागरूकता “हेलमेट रैली” स्थानीय अरपा रिवर व्यू से प्रारंभ किया गया।जिसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, श्रीमती पारुल माथुर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जो कि नगर भ्रमण कर दुपहिया चालकों के लिए “हेलमेट की अनिवार्यता का संदेश” हेतु पुलिस परेड मैदान में पहुंचकर समाप्त हुआ एवं फ़ीता काटकर पुलिस मेला रूबरू का उद्घाटन किया गया।
इस प्रकार दिनांक 18 सितंबर 2022 को यातायात “जागरूकता सप्ताह” एवं “पुलिस मेला रूबरू” का विधिवत शुभारंभ हुआ।
आज के इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय डॉ0 संजय अलंग, संभागायुक्त बिलासपुर संभाग बिलासपुर एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता रतनलाल डांगी पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर तथा विशिष्ट अतिथि आई0जी0पी0 आर0पी0एफ, आनंद सिन्हा एवं डी0आई0जी0, सी0आर0पी0एफ लक्ष्मी नारायण मिश्रा जी उपस्थित हुए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में यातायात पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रोहित बघेल ने यातायात जागरूकता सप्ताह के दैनिक कार्यक्रमों प्रतियोगिताओं जनहित में लगाए जा रहे विभिन्न केम्प की जानकारी दी। इसके उपरांत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल माथुर जी ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों की उपस्थिति पर अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि- इतने अलग-अलग विभागों के अधिकारी एवं आगंतुक आज के इस कार्यक्रम में शामिल हुए जिसमें सीआरपीएफ, आरपीएफ ,सीएएफ, फॉरेंसिक, जेल विभाग आईयूसीएडब्ल्यू , नगर सेना एनसीसी,यातायात पुलिस, जिला पुलिस बल जो अपने आपसी समन्वय को दर्शाता है, उन्होंने रूबरू मेले के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस आयोजन से आम जनता को हमारे पुलिस की विभिन्न शाखाओं को जानने का अवसर प्राप्त होगा उनसे हम सीधे संवाद कर सकते हैं “पुलिस का कार्य सज्जनों की सुरक्षा एवं दुर्जननों का विनाश करना है” समाज में शांति तभी होगी जब हम सब पुलिस से कदम से कदम मिलाकर चलें।
इसी प्रकार सम्मानीय अतिथियों द्वारा भी अपने उद्बोधन भाषण में इस कार्यक्रम आयोजन के महत्व को दर्शाते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
“सामुदायिक पुलिसिंग” के तहत रूबरू पुलिस मेला में बिलासपुर पुलिस सहित, यातायात पुलिस, पुलिस विभाग से जुड़ी हुई विभिन्न जानकारी दिए जाने के साथ-साथ, अर्धसैनिक बल, सी0आर0पी0एफ0,सी0ए0 एफ़,आर0पी0एफ0, साइबर जागरूकता, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, महिलाओं के अधिकारियों की जानकारी के साथ यातायात जागरूकता, हथियारों की जानकारी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा साक्ष्य संकलन की विधि की जानकारी । इसी प्रकार जेल विभाग तथा नगर सेना द्वारा अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन की जानकारी दिए जाने तथा लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस वाहनों के जनरल इंश्योरेंस का महत्व एवं वाहनों से धुंआ उत्सर्जन के मानको की जानकारी रूबरू मेले के माध्यम से बिलासपुर शहर वासियों को विभिन्न स्टालों के माध्यम से दी गई।
साथ ही रूबरू मेले में बच्चों के आकर्षण हेतु विभिन्न मनोरंजक खेल एवं स्वादिष्ट व्यंजन भी स्टाल के माध्यम से उपलब्ध कराए गए। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम नृत्य एवं गायन का आयोजन भी किया गया।
रूबरू पुलिस मेला में बनाए गए पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के अलग-अलग स्टाल के माध्यम से लोगों को प्रत्यक्ष रूप से जानकारी दी गई,
➖सी0आर0पी0एफ0 की जानकारी- बल संरचना, गठन केंद्र, प्रशिक्षण कार्यप्रणाली कोबरा बटालियन तथा अन्य पुलिसिंग एवं अन्य सामुदायिक पुलिसिंग व हथियारों की जानकारी।
➖आर0पी0एफ0- संरचना, इस्तेमाल में लायी जाने वाली नयी तकनीकें, बम डिस्पोज़ल व बैगेज सकेनर,डॉग स्कॉड,रेल सम्पति की सुरक्षा
➖विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जनता को प्राप्त विधिक सेवा व अधिकारो एवं कानूनों की जानकारी
➖ नगर सेना- अग्नि शमन के प्रकारों की प्रदर्शिनी व उनका डेमो।एस॰डी॰आर॰एफ॰ द्वारा आपदा प्रबंधन की जानकारी
➖ 2री बटालीयन सकरी – संगठन की जानकारी,प्रशिक्षण व नक्सल गतिविधि में भूमिका साथ ही हथियारों की जानकारी व उनके कार्यक्षेत्र
➖ ACCU- साइबर जागरूकता, नक़ली व असली नोट की जानकारी, साइबर सुरक्षा,
➖ ज़िला पुलिस बल- पुलिस बल इकाइ के उपलब्ध हथियार, रखरखाव प्रशिक्षण तथा कानून व्यवस्था की स्थिति में उपयोग
➖ महिला सुरक्षा- महिलाओं के अधिकारो की जानकारी, अभिव्यक्ति ऐप की जानकारी, महिला सम्बन्धी अपराधों से अवगत कराना व पंप्लेट बाँटना
➖यातायात पुलिस- ट्राफ़िक के आधुनिक उपकरण प्रयोग विधि एवं ड्यूटी दौरान में उपयोग तथा स्कूलों द्वारा सुगम सुरक्षित यातायात मॉडल के माध्यम से ट्राफ़िक जागरूकता एवं नयी तकनीकों का प्रदर्शन
➖ एफ़॰एस॰एल॰- कार्यवाहियों का विवरण, ब्राउन शुगर, गंजा, नशीले पदार्थों का विवरण एवं विश्लेषण,
➖ fingerprint की तकनीक व उनका प्रदर्शन , क्राइम सीन से साक्ष्यों संकलन
➖ एन॰सी॰सी॰ की इकाई का विवरण व उनके कार्यों का प्रदर्शन
➖ केंद्रीय जेल-जेल क़ैदियों द्वारा बनाई गयी सामग्रियों प्रदर्शन, फ़र्नीचर, कपड़े, मिट्टी की सामग्रियोंके बारे में जानकारी सम्बंधित विभाग द्वारा दी गई।
➖खान-पान
केंद्रीय जेल की आस्था मुंगोड़ी सेंटर ,गढकलेवा वदिव्यंगो का पकोड़ा व मटर चाट, गुलगुला भजिया ,वृद्धाश्रम संस्था का पकोड़ा, बड़ा, पिंक लाइन ऑटो- पकोड़ा, गुपचुप, चाट, ख़्वाब वेल्फ़ेयर फ़ाउंडेशन- सलोनी, चकली, सैंड्विच, पास्ता, मैगी, नूडल पुलिस परिवार- केक, पेस्ट्री, मोमोस, अंकुरित चाट
➖ खेल- शूटिंग गेम, रिंग निशाना लगाना बास्केटबॉल, झूला , कार राइड
➖ सेल्फ़ी पाइंट, पुलिस वर्दी me cut out
मेले का मुख्य आकर्षण पुलिस का स्टाल खानपान एवं बच्चों का मनोरंजन रहा व सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा,जहां लोगों ने स्वस्थ मनोरंजन, खानपान के साथ पुलिस के विभिन्न शाखाओं की जानकारी प्राप्त की बच्चों में मनोरंजन वह मेले को लेकर काफी हर्ष होने से नगर वासियों में इस आयोजन की काफी प्रशंसा की।
इसी कड़ी में 19 सितंबर को ट्रक ट्रेलर भारी वाहनों का चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण सीपत रोड में मित्तल पेट्रोल पंप पर यातायात पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से किया जाएगा।यातायात जागरूकता सप्ताह में प्रत्येक दिन विभिन्न कार्यक्रम के आयोजन उपरांत 24 सितम्बर को समापन किया जाएगा।छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है
छत्तीसगढ़
तीसरा बड़ा मंगलवार आज : अपनी मनोकामना के अनुसार हनुमान जी को इन चीजों का लगाए भोग …

Dharm Desk- ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है. आज 19 मई को तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. जो पुरुषोत्तम मास के साथ पड़ने से और अधिक खास बन गया है. इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. पूजा-अर्चना का विशेष क्रम जारी है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमानजी के मिलन हुआ था. इसी कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है.
1.गुड़-चना चढ़ाने से क्या होता है
हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग अर्पित करना अत्यंत प्रिया है. यह उपाय विशेष रूप से मंगल दोष से जुड़े कष्टों को शांत करने के लिए किया जाता है. नियमित रूप से यह भोग चढ़ाने से जीवन में स्थिरता आती है और बाधाओं में कमी देखने को मिलती है. ऐसे में बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को गुड़ चने भोग लगाकर प्रार्थना करना चाहिए.
2.नारियल अर्पित करने से क्या होता है
इस दिन को लेकर मानता है कि साबुत नारियल पर सिंदूर लगाकर और कलावा बांधकर हनुमान जी को अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है. इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन संबंधी समस्याओं में सुधार आता हैं.
3.पान का बीड़ा चढ़ाने से क्या होता है
हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करना खास तौर पर उन लोगों द्वारा किया जाता है. जिनके काम अटक रहे होते हैं. पूजा के बाद पान चढ़ाकर कार्य सिद्धि की कामना की जाती है. इससे कठिन और रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है और हनुमान जी से प्रार्थना की जाती है कि आप मेरा इस कष्ट या पीड़ा को हारने का बीड़ा आपको मैं सोचता हूं.
4.इमरती और लड्डू चढ़ाने से क्या होता है
हनुमान जी को इमरती और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय है. इनका भोग लगाने से भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. यह प्रसाद चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में खुशहाली का वातावरण बनता है.
5.केसर भात अर्पित करने से क्या होता है
केसर भात का भोग हनुमान जी को अर्पित करने से कुंडली के दोषों को शांत करने का प्रयास किया जाता है. यह भोग विशेष रूप से बड़े मंगल के दिन किया जाता है. इससे जीवन में आने वाले संकटों का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है. इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है.
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