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छत्तीसगढ़

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिले अजय चन्द्राकर

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता, विधायक और पूर्व मंत्री अजय चन्द्राकर इन दिनों दिल्ली प्रवास पर हैं। इस दौरान चन्द्राकर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की और उन्हें पत्र सौंपकर छत्तीसगढ़ से जुड़ी जनहित की मांगों पर सकारात्मक पहल की अपेक्षा की।

भाजपा मुख्य प्रवक्ता, विधायक और पूर्व मंत्री चन्द्राकर ने रेल मंत्री वैष्णव को सौंपे अपने पत्र में कहा है कि कुरुद विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के रायपुर मण्डल में आने वाले केन्द्री-राजिम-धमतरी सेक्शन में नैरोगेज रेल्वे को बदलकर ब्रॉडगेज रेल्वे बनाई जा रही है। ग्राम डाडेसरा, भालूझूलन और कन्हारकुरी में पहले से निर्मित कल्वर्ड मिट्टी-गिट्टी से दब गया है। इससे पिछले चालीस वर्षों से लगभग 25सौ एकड़ कृषि भूमि और तालाब सिंचित हो रहे थे। किन्तु वर्तमान में प्रगतिरत नए निर्माण कार्य में इसे दर्शाया नहीं गया है। साथ ही, ग्राम भालूकोना में रेल्वे फाटक या ओवरब्रिज नहीं होने के कारण पाँच ग्रामों के किसान प्रभावित हो रहे हैं।

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पूर्व मंत्री चन्द्राकर ने आग्रह किया कि 110 आर यूबी से 109 आर यूबी रायपुर दिशा की तरफ क्रमांक 48907 एवं 110 आर यूबी से धमतरी की ओर 111 आर यूबी के बीच कल्वर्ड पॉइंट पर सिंचाई के लिए दो छोटे कल्वर्ड निर्माण कार्य एवं ग्राम भालूकोना में रेल्वे फाटक या ओवर ब्रिज निर्माण कार्य की स्वीकृति दी जाए। चन्द्राकर ने केन्द्रीय मंत्री शेखावत को सौंपे अपने पत्र में धमतरी जिले में रुद्री जलप्रदाय योजना को स्वीकृति प्रदान कर उसे प्रारंभ कराने का आग्रह किया है।

अपने पत्र में चन्द्राकर ने कहा है कि जलजीवन मिशन के अन्तर्गत धमतरी जिले के 216 ग्रामों को रुद्री समूह जल प्रदाय योजना के माध्यम से जल प्रदाय किया जाना है, जिसमें रुद्री बैराज के पानी को फिल्टर प्लांट स्थापित कर पेययोग्य जल की आपूर्ति की जानी है। राज्य स्तरीय सोर्स फाइंडिंग कमेटी की बैठक में 24 मई 2021 को इसे अनुमोदित किया गया है और 14 अक्टूबर 2022 को इसे तकनीकी स्वीकृति भी दे दी गयी है और अब प्रशासकीय स्वीकृति अपेक्षित है।

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चन्द्राकर ने केन्द्रीय मंत्री गडकरी को सौंपे अपने पत्र में कहा है कि भारतमाला परियोजना के तहत कुरुद विधानसभा क्षेत्र से होते हुए छत्तीसगढ़ (रायपुर रिंगरोड-कुरुद) – ओडिशा – विशाखापट्टनम (आन्ध्रप्रदेश) सड़क निर्माण की स्वीकृति भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है। श्री चन्द्राकर ने आग्रह किया है कि उक्त सड़क में विद्यमान कुरुद में एकरेखन फीडर रूट सड़क जोड़े जाने की आवश्यकता है ताकि बस्तर आवागमन में 40 किलोमीटर की दूरी कम हो सकेगी। श्री चन्द्राकर ने इस परियोजना के तहत कुरुद में एकरेखन फीडर रूट शामिल करने का आग्रह किया है

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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