छत्तीसगढ़
सत्तामद और वर्चस्व की लड़ाई में चरमया गया स्वास्थ्य विभाग

बिलासपुर . डायरिया पीड़ितों का हाल जानने सिम्स पहुची जिलाध्यक्ष जयश्री चौकसे तारबाहर,तालापारा, सिरगिट्टि, सरकंडा के अलावा तखतपूर, बेलतरा क्षेत्र से भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और पूरी जानकारी ली तथा जल्द से जल्द स्वस्थ होने आपना ध्यान रखने की बात कही ।

चौकसे ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा पिछले 15 दिनों से प्रभावित क्षेत्र से उल्टी दस्त की लगातार शिकायत आ रही थी ।लोगों के घर पहुंच रहा दूषित पानी की सप्लाई जैसे गंभीर समस्या को निगम अमला को भी अवगत कराया परंतु संबधित विभाग ने कोई सुध नहीं लिया जिसका परिणाम आज चार की मौत, 20 से अधिक गंभीर हालत में भर्ती और 150 से अधिक उल्टी दस्त से पीडित है ।इस हालत की जिम्मेदार कौन है ?? नगर प्रशासन की बदइंतजामी साफ दिखाई दे रहा है ।भूपेश सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों के इस गंभीर समस्या पर बयान नहीं आया और ना ही मृतक परिवार के प्रति संवेदना प्रकट किया ।

जयश्री चौकसे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के मिशन अमृत के तहत छत्तीसगढ़ के नौ शहरों को डेढ हजार करोड़ रुपये सिर्फ स्वच्छ पेयजल की बेहतर व्यवस्था के लिए दिया गया था ।ताकी लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके ।परंतु छत्तीसगढ़ की काग्रेस सरकार केन्द्र की योजना को कछुवा चाल की गति से आगे बढा रही है ।जिसका परिणाम लोग आज भी नालियों के अंदर से होकर गुजर रही दशको पूराने पाईप लाईन से पानी पीने के लिए मजबूर हैं ।चौकसे ने कहा पूर्ववती सरकार ने यह काम तेजी से आगे बढ़ाया था ताकि लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके जिसका परिणाम रहा कि केन्द्र सरकार से भिलाई नगर निगम को पुरस्कृत भी किया गया था ।समांतर पर केन्द्र सरकार ग्रामीण क्षेत्र के लिए जल जीवन मिशन स्कीम उन महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने जो कोसो दूर पैदल चलकर सर पर घागर रख घर के लिए पानी लाती उनके घर आंगन में शुद्ध स्वच्छ पेयजल पहुंचे जैसी योजना बनाई ।परंतु निर्दयी सरकार यहां भी आगे नहीं बढ़ी ।माता बहनों के कष्ट भी नजर नहीं आ रहा है ।पानी की बुनियादी जरूरतों को अनदेखा कर रही है एवं लोगों के जान से खिलवाड़ कर रही है ।आज लोग दूषित जल से उल्टी दस्त के शिकार हो रहे हैं कहीं इस बदइंतजामी को गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया तो यही प्रदुषित पानी से इन्सेफेलाइटिस –दिमागी बुखार जानलेवा से प्रभावित ना हो जाए। बढ़ सकता है खतरा ।
ऐसे निर्दयी सरकार को छत्तीसगढ़ की जनता कभी माफ नहीं करेगी और सत्ता से बाहर निकाल फेकेगी। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र की पार्षद व महिला मोर्चा प्रभारी पुष्पा तिवारी, पूर्व पार्षद व उपाध्यक्ष मीना गोस्वामी, जिला सदस्य व प्रभारी मीना विश्वकर्मा के साथ अन्य लोग शामिल रहे ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















