छत्तीसगढ़
11 नवम्बर से शुरू होगा नॉन इंटरलॉकिंग काम

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ से चलने वाली फिर कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ गाड़ियों के मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। दरअसल रेलवे प्रशासन की ओर से अधोसंरचना विकास के सभी कार्यों को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी संदर्भ में अधोसंरचना विकास के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के बिलासपुर-चांपा खंड के जयरामनगर और लटिया स्टेशनों में चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा। यह कार्य जयरामनगर स्टेशन में 11 से 14 नवम्बर तक और लटिया स्टेशन में 14 से 16 नवम्बर तक किया जाएगा।इस कारण कुछ गाड़ियों को रद्द और कुछ को परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएगी। इस कार्य के पूरा होते ही गाड़ियों की समयबद्धता और परिचालन में गतिशीलता आएगी।
रद्द होने वाली गाडियां
1. 11 से 16 नवम्बर तक टाटानगर से छूटने वाली 18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
2. 11 से 16 नवम्बर तक इतवारी से छूटने वाली 18110 इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
3. 11 से 16 नवम्बर तक टाटानगर से छूटने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
4. 11 से 16 नवम्बर तक बिलासपुर से छूटने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
5. 12 नवम्बर को कामाख्या से छूटने वाली 22512 कामाख्या-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
6. 15 नवम्बर को एलटीटी से छूटने वाली 22511 एलटीटी-कामाख्या एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
7. 11 नवम्बर को हावड़ा से छूटने वाली 12870 हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
8. 13 नवम्बर को सीएसएमटी से छूटने वाली 12869 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9. 14 नवम्बर को नांदेड से छूटने वाली 12767 नांदेड-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10. 16 नवम्बर को सांतरागाछी से छूटने वाली 12768 सांतरागाछी-नांदेड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11. 11 नवम्बर को बिलासपुर से छूटने वाली 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12. 13 नवम्बर को पटना से छूटने वाली 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13. 11 और 12 नवम्बर को हटिया से छूटने वाली 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14. 13 और 14 नवम्बर को एलटीटी से छूटने वाली 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
15. 11 से 16 नवम्बर तक गोंदिया से छूटने वाली 08861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
16. 12 से 17 नवम्बर तक झारसुगुड़ा से छूटने वाली 08862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
17. 11 से 16 नवम्बर तक गाड़ी संख्या 08738/08737 बिलासपुर-रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
18. 11 से 16 नवम्बर तक गाड़ी संख्या 08734/08733 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
19. 11 से 16 नवम्बर तक रायपुर से छूटने वाली 08280 रायपुर-कोरबा पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
20. 12 से 17 नवम्बर तक कोरबा से छूटने वाली 08279 कोरबा-रायपुर पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाडियां
1. 14 नवम्बर को भुवनेश्वर से छूटने वाली गाड़ी संख्या 12880 भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया संबलपुर-टिटलागढ़-लाखोली-रायपुर होकर चलेगी।
2. 16 नवम्बर को एलटीटी से छूटने वाली गाड़ी संख्या 12879 एलटीटी-भुवनेश्वर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-लाखोली-टिटलागढ़-संबलपुर होकर चलेगी।
3. 13 नवम्बर को बीकानेर से छूटने वाली गाड़ी संख्या 20471 बीकानेर-पुरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया उसलापुर-रायपुर-लाखोली-टिटलागढ़-संबलपुर होकर चलेगी।
4. 16 नवम्बर को पुरी से छूटने वाली गाड़ी संख्या 20472 पुरी-बीकानेर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया संबलपुर-टिटलागढ़-लाखोली-रायपुर-उसलापुर होकर चलेगी।
5. 11 से 15 नवम्बर तक सीएसएमटी से छूटने वाली गाड़ी संख्या 12859 सीएसएमटी-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-लाखोली-टिटलागढ़-संबलपुर-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
6. 12 से 16 नवम्बर तक हावड़ा से छूटने वाली गाड़ी संख्या 12860 हावड़ा-सीएसएमटी गीतांजलि एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा-संबलपुर-टिटलागढ़-लाखोली-रायपुर होकर चलेगी।
7. 11 से 15 नवम्बर तक सीएसएमटी से छूटने वाली गाड़ी संख्या 12809 सीएसएमटी-हावड़ा मेल परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-लाखोली-टिटलागढ़-संबलपुर-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
8. 11 से 15 नवम्बर तक हावड़ा से छूटने वाली गाड़ी संख्या 12810 हावड़ा-सीएसएमटी मेल परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा-संबलपुर-टिटलागढ़-लाखोली-रायपुर होकर चलेगी।
9. 15 नवम्बर को पुरी से छूटने वाली गाड़ी संख्या 22866 पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया संबलपुर-टिटलागढ़-लाखोली-रायपुर होकर चलेगी।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















