छत्तीसगढ़
11 हाईकोर्ट के 15 न्यायाधीशों का तबादला, बिलासपुर हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनींद्र मोहन श्रीवास्तव का राजस्थान ट्रांसफर
नई दिल्ली। 11 उच्च न्यायालयों के 15 न्यायाधीशों का मंगलवार को स्थानांतरण किया गया। विधि मंत्रालय ने स्थानांतरण और पदस्थापनाओं की सूची ट्विटर पर साझा की है। उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने करीब एक पखवाड़ा पहले तबादलों के लिए सिफारिश की थी। कुछ साल पूर्व भी बड़े स्तर पर उच्च न्यायालयों के 23 न्यायाधीशों का तबादला किया गया था।
न्याय विभाग द्वारा ट्वीट की गई सूची के अनुसार छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव का राजस्थान उच्च न्यायालय में तबादला कर दिया गया है। पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया है, जबकि बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां को तेलंगाना उच्च न्यायालय में भेजा गया है।
गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति परेश आर उपाध्याय को मद्रास उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया है, जबकि तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम एस एस रामचंद्र राव को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में भेजा गया है।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जसवंत सिंह का स्थानांतरण उड़ीसा उच्च न्यायालय किया गया है, वहीं राजस्थान उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति सबीना का तबादला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय किया गया है। उड़ीसा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा को उड़ीसा उच्च न्यायालय भेजा गया है। केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए एम बदर का पटना उच्च न्यायालय में तबादला कर दिया गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा, न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल, न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह और न्यायमूर्ति रवि नाथ तिलहरी (सभी इलाहाबाद उच्च न्यायालय) को क्रमशः दिल्ली उच्च न्यायालय।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, दिल्ली उच्च न्यायालय और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनूप चितकारा को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय भेजा गया है। स्थानांतरण की अधिसूचना जारी कर दी गयी है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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