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छत्तीसगढ़

भाजपा की वैचारिकी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और PM मोदी के विकासवाद के विजन को देशभर में समर्थन मिला है: अमर अग्रवाल

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बिलासपुर।छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम को भारतीय जनता पार्टी और एनडीए, प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व से मिली बढ़त पर हर्ष व्यक्त करते हुए जारी प्रेस रिलीज में कहा कि पांच राज्यों के चुनाव में पश्चिम बंगाल में हिंसा की राजनीति और स्थानीय अस्मिता के झूठे दिखावे करके ममता बनर्जी की पार्टी आज चुनाव जरूर जीत गई है लेकिन बंगाल में भाजपा ने लगातार बढ़त हासिल की है। भाजपा की वैचारिकी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मोदी के विकासवाद के विजन को देशभर में समर्थन मिला है।

उन्होंने कहा बंगाल में ममता पतन की ओर है। भारतीय जनता पार्टी को 3 सीटों से 80 सीटे मिली। नंदीग्राम में दीदी की हार ने दीदी के लोक कल्याण और तृणमूल कांग्रेस की पोल खोल दी। पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा आसाम में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला। चुनाव परिणामो से स्पष्ट हो गया है कांग्रेस की विचारधारा से देश की जनता से किनारा कर लिया है।

आसाम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव संचालक की भूमिका में थे उनके के द्वारा आसाम में छत्तीसगढ़ विकास की घोषणाओं का पुलिंदा भी आसाम की जनता ने नकार दिया ।छत्तीसगढ़ की जनता को भ्रम में डालने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के झांसे में आसाम की जनता नहीं आई और छ ग प्रदेश की जनता भी सरकार के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं भूपेश मंत्रिमंडल को जनता अच्छी तरह से पहचान चुकी है।पांडि -चेरी में एनडीए को बहुमत मिला है,जनादेश ने नारायण स्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार के सपनों को बिखेर दिया है। पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है, कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता मुंह छुपाए भाग रहे है।

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अमर अग्रवाल ने कहा छत्तीसगढ़ में जाति वर्ग आधारित टीकाकरण का कार्यक्रम के गैरतार्किक तरीके से छत्तीसगढ़ सरकार की कुत्सित मानसिकता सामने आ गई है।चुनाव परिणामों ने कांग्रेस पार्टी को दौड़ से बाहर कर दिया है। सभी राज्यों में एनडीए व भाजपा को खासी बढ़त मिली है। आज देश के 20 राज्यों में एनडीए और भाजपा की सरकार है जो भारतीय जनमानस के विश्वास की कसौटी पर सामुदायिक भावना से हर मुश्किल चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध प्रयासरत है।

अमर अग्रवाल ने कहा कि महामारी के काल में आप सभी से आग्रह है राजनीति से ऊपर उठकर भारतीय समुदाय की रक्षा के लिए स्वयं को सुरक्षित रखें परिवार को सुरक्षित रखें और देश को सुरक्षित बनाएं। मास्क लगाएं 2 गज की दूरी के साथ सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक गण जल्द से जल्द टीकाकरण करवा ले। निजी केंद्रों पर टीके के विकल्प की सुविधा केंद्र सरकार की तरफ से दी गई है।कोविन पर पंजीयन जारी है, शासकीय केंद्रों में मुक्त टीकाकरण किया जा रहा है। पहली आवश्यकता सरकारों के द्वारा तय किए गए प्रक्रिया विधि का पालन करके टीका लगवाने की है,ताकि महामारी के प्रकोप से सभी को बचाया जा सके। कोविद्द ड्यूटी के दौरान फ्रंटलाइन पर काम कर रहे हैं सभी विभागों के शासकीय सेवकों को समान सुविधाएं मिलनी चाहिए।

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कोविड-19 ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित होकर छत्तीसगढ़ प्रदेश में 700 से अधिक शासकीय सेवकों की अकाल मौत पर

अग्रवाल ने गंभीर चूक बताते हुए दिवंगत जनों को अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की एवं अपेक्षा की है कि दिवंगत जनों के आश्रितों को नियमानुसार बीमा भुगतान, अनुकंपा नियुक्ति, अकाल मृत्यु के संबंध में मुआवजा, दिवंगत कर्मियों के परिवार के गुजारे के लिए बेलआउट पैकेज छत्तीसगढ़ सरकार को बिना टालमटोल किये स्वयं के संसाधनों से तत्काल जारी करना चाहिए।श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार से अपेक्षा की है कि प्रदेश के पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर में शामिल कर उनका अविलंब वैक्सीनेशन कराना चाहिए ताकि समाज में महामारी उन्मूलन के लिए अपनी जान को जोखिम में डालकर प्रेरणात्मक लेखन के द्ववारा जागरूकता और कल्याण का कार्य करने वाले मीडिया संवर्ग बंधुगण को राहत मिल सके।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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