देश
26 फरवरी राशिफल: सूर्य की तरह चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य

मेष राशि- मन में निराशा एवं असन्तोष रहेगा। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। रहन-सहन व्यवस्थित रहेगा। कारोबार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। सेहत का ध्यान रखें। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। व्यर्थ के विवादों दूर रहने के प्रयास करें।
वृष राशि– शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। सचेत रहें। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद रहेंगे। सेहत का ध्यान रखें। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव हो सकता है।
मिथुन राशि- मानसिक शान्ति रहेगी। आत्मसंयत भी रहें। नौकरी में यात्रा पर जाना पड़ सकता है। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। सन्तान को स्वास्थ्य विकार हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। कारोबार में तरक्की के के योग हैं। लाभ के अवसर मिलेंगी।
कर्क राशि- मन अशान्त हो सकता है। आत्संयत भी रहें। कारोबार के लिए विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। स्वभाव में चिडचिड़ापन भी हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। मित्रों का साथ मिलेगा।
सिंह राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन अशान्त हो सकता है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में यात्रा पर जाना पड़ सकता है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परिवार का साथ मिलेगा। पिता से मधुर संबंध रहेंगे।
कन्या राशि- मन प्रसन्न रहेगा। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। खर्चों में वृद्धि होगी। पिता का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन की सम्भावना बन रही है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। धार्मिक संगीत में दिलचस्पी बढ़ सकती है। सुखद समाचार मिलेगा।
तुला राशि- मानसिक शान्ति के लिए प्रयास करें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी सम्भव है। परिश्रम अधिक रहेगा। आय में वृद्धि होगी। किसी पुराने मित्र का आगमन हो सकता है। सुस्वादु खानपान में रुचि बढ़ेगी। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं।
वृश्चिक राशि- नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कार्यभार में वृद्धि हो सकती है। कारोबार में सुधार के लिए भाई-बहन का सहयोग मिल सकता है। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। मानसिक शान्ति रहेगी, परन्तु मन में नकारात्मकता का प्रभाव रहेगा। आत्मविश्वास से लवरेज रहेंगे।
धनु राशि- मानसिक शान्ति रहेगी। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। कारोबार के लिए विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। यात्रा लाभप्रद रहेगी। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। कारोबार का विस्तार होगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। आय में सुधार होगा, परन्तु खर्च अधिक रहेंगे।
मकर राशि- किसी मित्र का आगमन हो सकता है। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाने के योग भी बन रहे हैं। आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे, परन्तु स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव मन में रहेंगे। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं।
कुंभ राशि- मानसिक शान्ति रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। किसी मित्र के सहयोग से आय के स्रोत बन सकते हैं। अनियोजित खर्चों में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आएंगे। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी।
मीन राशि- शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। आयात-निर्यात के कारोबार के सुखद परिणाम मिलेंगे। लाभ में वृद्धि होगी। विदेश यात्रा भी लाभप्रद रहेगी। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। अफसरों से मतभेद बढ़ सकते हैं। विवादों को टालने का प्रयास करें। बातचीत में संयत रहें।
देश
सीहोर में ब्रिज निर्माण के लिए खुदाई करते समय धंसी मिट्टी, 3 मजदूरों की दबने से मौत

मध्य प्रदेश के सीहोर में सोमवार (23 दिसंबर) को बड़ी घटना हो गई। ब्रिज निर्माण के लिए खुदाई करते समय अचानक मिट्टी धंस गई। दबने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। एक को सुरक्षित निकाल लिया।
मध्य प्रदेश के सीहोर में सोमवार (23 दिसंबर) को बड़ी घटना हो गई। बुधनी में ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिया के पास खुदाई करते समय अचानक मिट्टी धंस गई। मिट्टी में दबने से 3 मजदूरों की मौत हो गई। एक को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। घटना शाहगंज थाना क्षेत्र के सियागहन गांव की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
रेस्क्यू कर एक को सुरक्षित बाहर निकाला
शाहगंज थाना क्षेत्र के सियागहन गांव में ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। सोमवार को चार मजदूर निर्माण के लिए दूसरी पुलिया के पास से मिट्टी खोद रहे थे। खुदाई के समय अचानक मिट्टी धंस गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची। रेस्क्यू टीम ने एक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तीन की मौत हो गई।
हादसे में इनकी हुई मौत
पुलिस के मुताबिक, लटेरी (विदिशा) निवासी करण (18) पिता घनश्याम, रामकृष्ण उर्फ रामू (32) पिता मांगीलाल गौड और गुना के रहने वाले भगवान लाल पिता बरसादी गौड़ की मौत हो गई। लटेरी निवासी वीरेंद्र पिता सुखराम गौड (25) को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वीरेंद्र को नर्मदापुरम रेफर किया है।
राजलक्ष्मी कंस्ट्रक्शन करवा रहा निर्माण
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, राजलक्ष्मी कंस्ट्रक्शन पुलिया का निर्माण कार्य करा रहा है। पुलिया सियागहन और मंगरोल गांव को जोड़ती है। पुलिया की रिटेनिंग वॉल बनाते समय पहले से बनी रोड की रिटेनिंग वॉल का स्लैब धंस गया। पोकलेन मशीन से मिट्टी हटाकर चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तीन की मौत हो गई। वीरेंद्र का इलाज चल रहा है।
देश
इंजीनियर अतुल के बेटे की कस्टडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, 4 साल के बच्चे की तलाश जारी

Atul Subhash Suicide: एआई इंजीनियर का परिवार बिहार के समस्तीपुर में रहता है। निकिता और अतुल का 4 साल का एक बेटा है। अतुल के पिता पीएम मोदी से पोते की कस्टडी दिलाने की गुहार लगा चुके हैं।
Atul Subhash Suicide: बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष की मां अंजू मोदी ने अपने 4 साल के पोते की कस्टडी के लिए शुक्रवार (20 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। सुभाष ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो में पत्नी निकिता सिंघानिया और ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने निकिता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बता दें कि एआई इंजीनियर अतुल ने पिछले 9 दिसंबर को बेंगलुरु स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
पोते के ठिकाने को लेकर गहरी चिंता
अंजू मोदी ने पोते के ठिकाने का पता लगाने और उसकी कस्टडी सुनिश्चित करने के लिए हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की है। इसमें दावा है कि न तो सुभाष की अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य, जो फिलहाल हिरासत में हैं, ने बच्चे के ठिकाने की जानकारी दी है। दूसरी ओर, निकिता ने पुलिस से कहा था कि उसका बेटा फरीदाबाद के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई कर रहा है और उसके चाचा सुशील सिंघानिया की देखरेख में है। लेकिन सुशील ने बच्चे की स्थिति की जानकारी होने से इनकार किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा
जस्टिस बीवी नागरथना और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह की बेंच ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक की सरकारों को नोटिस जारी कर बच्चे की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी।
अतुल सुभाष की आत्महत्या से जुड़ी गिरफ्तारी
इंजीनियर सुभाष की आत्महत्या के मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग सिंघानिया को बेंगलुरु पुलिस ने 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सुभाष के छोड़े गए सुसाइड नोट और वीडियो के आधार पर तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। अभी वे न्यायिक हिरासत में हैं।
सिंघानिया फैमिली ने जमानत याचिका लगाई
निकिता सिंघानिया के परिजनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए अपील की है। वरिष्ठ वकील मनीष तिवारी ने सुशील सिंघानिया की उम्र (69 वर्ष) और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का दावा किया। जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव ने सुशील को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और सख्त शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दी है, जिसमें पुलिस जांच के लिए उपलब्ध रहना और पासपोर्ट सरेंडर करना शामिल है।
अतुल सुभाष के परिवार की क्या है मांग?
इंजीनियर अतुल सुभाष के परिवार ने आरोप लगाया कि निकिता और उनके परिवार ने झूठे कानूनी मामलों और पैसों की मांग कर अतुल को बुरी तरह प्रताड़ित किया। पिता पवन कुमार और भाई बिकास कुमार ने अतुल की अस्थियों को तब तक न बहाने की कसम खाई है जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।
भाई बिकास कुमार ने कहा- ‘जो लोग इस घटना के पीछे हैं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। जब तक हमारे खिलाफ झूठे मामले वापस नहीं लिए जाते, हमें न्याय नहीं मिलेगा। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।’
बिकास ने अपने भतीजे की सुरक्षा पर भी चिंता जताई और कहा- ‘मुझे अपने भतीजे (अतुल के बेटे) की सुरक्षा की चिंता है। हमने उसे हाल की तस्वीरों में नहीं देखा है। हम उसके ठिकाने की जानकारी चाहते हैं और उसकी कस्टडी जल्द से जल्द चाहते हैं।’
देश
10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें निर्माणाधीन, 200 रेक का निर्माण प्रौद्योगिकी साझेदारों के जिम्मे: अश्विनी वैष्णव

- विश्व स्तरीय यात्रा के अनुभव के लिए भारतीय रेल अप्रैल 2018 से केवल एलएचबी कोच बना रहा है; 2004-14 की तुलना में 2014-24 के दौरान निर्मित एलएचबी कोचों की संख्या 16 गुना से अधिक है।
- “सुगम्य भारत मिशन” के हिस्से के रूप में भारतीय रेल दिव्यांगजनों और कम गतिशीलता वाले यात्रियों को अधिकांश मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों और वंदे भारत ट्रेनों में व्यापक सुविधाएं प्रदान करता है।
वर्तमान में देश में लंबी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें निर्माणाधीन हैं। पहला प्रोटोटाइप निर्मित हो चुका है और इसका फील्ड ट्रायल किया जाएगा। इसके अलावा, 200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण का काम भी प्रौद्योगिकी भागीदारों को सौंपा गया है। सभी रेलगाड़ियों के उपयोग में आने की समयसीमा उनके सफल परीक्षणों पर निर्भर है। 02 दिसंबर 2024 तक, देश भर में छोटी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए भारतीय रेल के ब्रॉड गेज विद्युतीकृत नेटवर्क पर 136 वंदे भारत रेलगाड़ी सेवाएं जारी हैं।
रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक वक्तव्य में कहा कि विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए भारतीय रेल के ब्रॉड गेज विद्युतीकृत नेटवर्क पर वर्तमान में चेयर कार वाली 136 वंदे भारत रेल सेवाएं जारी हैं। अक्टूबर 2024 तक वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की कुल क्षमता 100% से अधिक होगी।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल की उत्पादन इकाइयां अप्रैल 2018 से केवल एलएचबी कोच बना रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में एलएचबी कोच का उत्पादन लगातार बढ़ा है। 2014-24 के दौरान निर्मित एलएचबी कोच की संख्या 2004-14 के दौरान निर्मित (2,337) संख्या से 16 गुना (36,933) अधिक है। भारतीय रेल (आईआर) ने एलएचबी कोचों की भरमार कर दी है जो तकनीकी रूप से बेहतर हैं और इनमें एंटी क्लाइम्बिंग व्यवस्था, विफलता संकेत प्रणाली के साथ एयर सस्पेंशन और कम संक्षारक शेल जैसी विशेषताएं हैं।
“सुगम्य भारत मिशन” (सुलभ भारत अभियान) के हिस्से के रूप में, भारतीय रेल दिव्यांगजनों और कम गतिशीलता वाले यात्रियों के लिए सुगमता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत, रैंप, सुलभ पार्किंग, ब्रेल और स्पर्शनीय संकेत, कम ऊंचाई वाले काउंटर और लिफ्ट/एस्कलेटर जैसी व्यापक सुविधाएँ प्रदान की गई हैं।
नवंबर 2024 तक भारतीय रेल ने 399 स्टेशनों पर 1,512 एस्कलेटर और 609 स्टेशनों पर 1,607 लिफ्टें स्थापित की थीं जो पिछले दशक की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है – क्रमशः 9 और 14 गुना की वृद्धि। इसके अलावा, अधिकांश मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में चौड़े प्रवेश द्वार, सुलभ शौचालय और व्हीलचेयर पार्किंग वाले कोच उपलब्ध हैं, जबकि वंदे भारत रेलगाड़ियां दिव्यांगजनों के लिए स्वचालित दरवाजे, निर्धारित स्थान और ब्रेल साइनेज जैसी सुविधाओं के साथ बेहतर सुगमता प्रदान करती हैं।
देश5 years agoTMC की जीत के बाद बंगाल में भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्याओं से कांप उठा देश, देखें Video
क्राइम5 years agoRaipur Sex Racket: राजधानी रायपुर में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, कमरे के अंदर जाते ही पुलिसवालों के उड़े होश
क्राइम5 years agoपति ने बनाया पत्नी का Sex Video और जीजा को भेजा, हवसी जीजा ने भी किया कई बार बलात्कार, जीजा छत्तीसगढ़ में VIP बटालियन में है PSO!
क्राइम5 years agoकिराएदार के साथ पत्नी मना रही थी रंगरेलियां, पति ने पत्नी और उसके आशिक को दी दर्दनाक मौत
छत्तीसगढ़5 years agoChhattisgarh: चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में 2 गिरफ्तार, Porn Video डाउनलोड कर करते थे शेयर
क्राइम5 years agoजिस्म की हवस में पागल हुई Chhattisgarh की महिला! प्रेमी संग मिलकर पति की दर्दनाक हत्या
मनोरंजन5 years agoRadhe Full Movie Leaked For Free Download| सलमान खान की Radhe Movie हुई लीक
छत्तीसगढ़5 years agoसहायक ग्रेड 3 सहित इन पदों पर निकली भर्ती, 75000 रुपए मिलेगी सैलरी, 12वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन






























