छत्तीसगढ़
बिलासपुर मंडल के खरसिया-राबर्टसन सेक्शन में चल रहे कार्य के कारण इन ट्रेनों का परिचालन हुआ प्रभावित

रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्यों को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है | इसी संदर्भ में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत खरसिया-राबर्टसन सेक्शन में चौथीलाइन कनेक्टीविटी का कार्य दिनांक 16 जनवरी 2022 से 24 जनवरी 2022 तक किया जायेगा। इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों के परिचालन में गतिशीलता आयेगी।
इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। जिसका विवरण इस प्रकार हैः-
रद्द होने वाली गाडियां:-
1) दिनांक 15 जनवरी 2022 से 24 जनवरी 2022 तक गाडी संख्या 08861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
2) दिनांक 16 जनवरी 2022 से 25 जनवरी 2022 तक गाडी संख्या 08862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
3) दिनांक 21 जनवरी 2022 को हावड़ा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12870 हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
4) दिनांक 23 जनवरी 2022 को सीएसएमटी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12869 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
5) दिनांक 17 व 24 जनवरी 2022 को नांदेड़ से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12767 नांदेड़- सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
6) दिनांक 19 व 26 जनवरी 2022 को सांतरागाछी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
7) दिनांक 18 जनवरी 2022 को इंदौर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
8) दिनांक 20 जनवरी 2022 को पुरी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20918 पुरी-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9) दिनांक 20 जनवरी 2022 को वलसाड से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22909 वलसाड-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10) दिनांक 23 जनवरी 2022 को पुरी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22910 पुरी-वलसाड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11) दिनांक 21 जनवरी 2022 को बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12) दिनांक 23 जनवरी 2022 को पटना से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13) दिनांक 19 जनवरी 2022 को रानी कमलापति(हबीबगंज) से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22169 रानी कमलापति(हबीबगंज)-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14) दिनांक 20 जनवरी 2022 को सांतरागाछी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22170 सांतरागाछी-रानी कमलापति(हबीबगंज) एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
15) दिनांक 15 व 22 जनवरी 2022 को सांतरागाछी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
16) दिनांक 17 व 24 जनवरी 2022 को पुणे से रवाना होने वाली गाडी संख्या 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
देरी से रवाना होने वाली गाडियाँ –
01) दिनांक 15 जनवरी 2022 से 21 जनवरी 2022 तक पुरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस 03 घंटे देरी से रवाना होगी |
02) दिनांक 20 व 22 जनवरी 2022 को हावड़ा से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12222 हावड़ा-पुणे दुरन्तो एक्सप्रेस 02 घंटे देरी से रवाना होगी |
03) दिनांक 17, 18, 19 व 21 जनवरी 2022 को हावड़ा से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12262 हावड़ा-सीएसएमटी दुरन्तो एक्सप्रेस 02 घंटे देरी से रवाना होगी |
04) दिनांक 15 जनवरी 2022 से 21 जनवरी 2022 तक राजेन्द्रनगर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 13288 राजेन्द्रनगर-दुर्ग एक्सप्रेस 01 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी |
05) दिनांक 18 व 22 जनवरी 2022 को सिकंदराबाद से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 01 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी |
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाडियाँ –
1) दिनांक 18, 21 व 22 जनवरी 2022 को विशाखापट्टनम से चलने वाली गाडी संख्या 20807 विशाखापट्टनम-अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग संबलपुर-टीटलागढ़-लखोली-रायपुर-बिलासपुर के रास्ते चलेगी |
2) दिनांक 19, 22 व 23 जनवरी 2022 को अमृतसर से चलने वाली गाडी संख्या 20808 अमृतसर-विशाखापट्टनम हीराकुंड एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बिलासपुर-रायपुर-लखोली-टीटलागढ़ संबलपुर के रास्ते चलेगी |
3) दिनांक 15 जनवरी 2022 से 23 जनवरी 2022 तक सीएसएमटी से चलने वाली गाडी संख्या 12859 सीएसएमटी-हावड़ा गीतांजली एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग रायपुर-लखोली-टीटलागढ़ संबलपुर-झारसुगुड़ा के रास्ते चलेगी |
4) दिनांक 16 जनवरी 2022 से 24 जनवरी 2022 तक हावड़ा से चलने वाली गाडी संख्या 12860 हावड़ा-सीएसएमटी गीतांजली एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग झारसुगुड़ा-संबलपुर-टीटलागढ़-लखोली-रायपुर के रास्ते चलेगी |
रेल प्रशासन यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है तथा सहयोग की आशा करता है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है
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