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कवर्धा

24 घण्टे के अंदर दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, यूपी भागने के फिराक में था आरोपी

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नाम आरोपी:-
(1) अभिषेक त्रिपाठी उर्फ मोनू पिता हरिहर त्रिपाठी, उम्र 21 वर्ष, सा.विस्थैली बुजुर्ग, थाना बेड़ीपार, हा.मु.रिवर व्यू कालोनी, थाना कोनी, जिला बिलासपुर(छ.ग.)

विवरण:- प्रार्थिया दिनांक-05/02/2021 को थाना उपस्थित आकर लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराई कि इसकी पहचान माह अक्टूबर 2021 में अभिषेक त्रिपाठी से गुरुघासीदास विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान हुई थी। अभिषेक त्रिपाठी रिवर व्यू कालोनी मे किराये के मकान में रहता था, दोनों के मध्य प्रेम संबंध हो गया, इस दौरान अभिषेक त्रिपाठी द्वारा पीड़िता को शादी करने का झांसा देकर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाते रहा, जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई, जब पीड़िता आरोपी को शादी करने के लिए बोली तो आरोपी शादी करने से इंकार किया एवं पीड़िता का गर्भपात करा दिया, पीड़िता द्वारा बार-बार आरोपी अभिषेक त्रिपाठी को शादी करने के लिए कहा गया, किन्तु आरोपी द्वारा शादी करने से इंकार करने पर पीड़िता द्वारा थाना कोनी में लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर थाना कोनी में आरोपी अभिषेक त्रिपाठी के विरुद्ध धारा-376(2)(ढ) भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गंभीर अपराध की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों की दी गई।

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प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए श्रीमान् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया श्रीमती पारूल माथुर द्वारा प्रकरण के आरोपी का जल्द-से-जल्द निराकरण करने के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय (शहर¬), उमेश कश्यप, नगर पुलिस अधीक्षक सरकण्डा, स्नेहिल साहू के उचित मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कोनी निरीक्षक सुनील तिर्की के नेतृत्व में आरोपी अभिषेक त्रिपाठी की लगातार पतासाजी की जा रही थी, जिसे नेहरु चौक, बिलासपुर के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया, जिससे पूछताछ करने पर अपराध घटित करना स्वीकार किया। आरोपी अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश भागने के फिराक में था। प्रकरण में आरोपी अभिषेक त्रिपाठी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

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विशेष योगदानः- निरीक्षक सुनील तिर्की, आर.139 विनेन्द्र कौशिक, आर.1124 आशीष राठौर, आर.1230 चंद्रशेखर मरकाम, आर.798 वनकुमार पटेल, आर.642 सचिन नामदेव, म.आर.985 रुपांजली सोंचे।

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कवर्धा

कवर्धा में आबकारी टीम पर हमला, 3 महिलाओं समेत 24 आरोपी गिरफ्तार

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कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में पुलिस और आबकारी की टीम पर हमला करने वाले 24 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, इसमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं। 29 दिसबंर को शराब बनाने वाले ग्रामीणों ने पुलिस व आबकारी की टीम पर दौड़ा-दौड़ाकर हमला किया था। मामाला सिंघनपुरी थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, शराब बनाने वाले ग्रामीणों ने पुलिस व आबकारी की टीम पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। हमला उस वक्त हुआ, जब टीम कार्रवाई कर लौट रही थी। खास बात यह है कि हमला करने वालों में महिलाएं भी शामिल थे। शासकीय कार्य मे बाधा डालने, मारपीट और बलवा के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद सभी को रिमांड पर भेजा गया। गिरफ्तार करने में पुलिस की बड़ी बल गांव पहुंची थी। यह घटना सिंघनपुरी थाना के नवागांव की है।

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कवर्धा: फूट प्वाइजनिंग से एक ही परिवार के 9 लोग बीमार, 4 बच्चों की हालत गंभीर…

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कवर्धा। कवर्धा जिले के भागुटोला गाँव में एक ही परिवार के 9 लोग फूट प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। इनमें से 4 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, सभी परिवार वालों ने रात में बांस पिकरी की सब्जी खाई थी। उसके बाद सभी सो गए देर रात दो बजे अचानक सभी की तबीयत बिगड़ी शुरू हो गई। लोगों की हालत बिगड़ती देख सभी को सुबह 4 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीमारों में बुजुर्ग और बच्चे दोनों शामिल है। सभी का इलाज किया जा रहा है, फिलहाल बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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बिलासपुर तहसील न्यायालय से नामांतरण के 1200 से अधिक प्रकरण विलोपित करने के मामले को राजस्व सचिव नीलम नामदेव एक्का ने लिया संज्ञान में

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बिलासपुर। बिलासपुर तहसील न्यायालय से नामांतरण के 1200 से अधिक प्रकरण विलोपित करने के मामले को राजस्व सचिव नीलम नामदेव एक्का ने संज्ञान में ले लिया है। उन्होंने इस मामले में जांच बिठा दी है और जल्द ही जांच रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है। बिलासपुर से शिकायकर्ता की अलावा बहुत सारे किसानों ने बताया था कि तहसीलदार रमेश कुमार मोर ने मोपका, मंगला, परसदा व जूना बिलासपुर सहित अपने प्रभार क्षेत्र के लगभग 1200 नामांतरण मामले को विलोपित कर दिया है।

उन्होंने प्रकरणों को नामांतरण की आवश्यकता नहीं होने का ऑनलाइन में नोटसीट में लिख कर विलोपित कर दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि अपने को बचाने के लिए उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग में राज्य शासन को नामांतरण की फर्जी आँकड़े बनाकर जानकारी दे दी है। तहसीलदार रमेश कुमार मोर के पहले भी तहसील कार्यालय में पूर्व में पदस्थ नारायण गबेल के कारनामें भी कम नहीं रहे हैं। उनके तबादले के बाद आए रमेश कुमार मोर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे है। अब ये १२०० किसानों को ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस सरकार में इन्होंने ज़मीन ख़रीद कर अपराध कर दिया। इनका केस ही ग़ायब हो गया है ऑनलाइन से। रायगढ़ की घटना की पुनर्वृत्ति न हो जाए। अधिवक्ता और पत्रकारों ने आगामी मुख्यमंत्री के दौरा कार्यक्रम में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की बात कही है।

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