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छत्तीसगढ़

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

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 बिलासपुर।   महिला सशक्तीकरण की दिशा में बेहतरीन पहल के तहत आज दिनांक 08 मार्च 2022 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मंडल में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 

      इस अवसर पर आज 10 बजे से एनईआई ऑडिटोरियम में महिला सशक्तीकरण हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मंडल सेक्रो अध्यक्षा अपर्णा सहाय मुख्य अतिथि तथा विशेष अतिथि के रूप में मुख्यालय सेक्रो की कार्यकारी सदस्या  टीमा अग्रवाल  उपस्थित हुईं। इस अवसर पर वरि.मंडल वित्त प्रबंधक श्रीमती चेतना मीना, उप मुख्य चिकित्सा निदेशक डा. बीरबल प्रधान, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी प्रदीप मिश्रा, सेक्रो उपाध्यक्षा अंजू सहित अन्य सदस्याएं एवं अधिकाधिक संख्या में महिला रेलकर्मियों की उपस्थिति थे । 



     

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित एवं स्वागत गान के साथ हुआ। इसके बाद महिलाओं के लिए फ्लावर रंगोली, फ़ैन्सी ड्रेस, देशभक्ति गीत, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आदि का आयोजन हुआ | साथ ही महिलाकर्मियों द्वारा एकल गान,समूह गान के साथ ही साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात् समाज में महिलाओं की महत्ता एवं महिला सशक्तीकरण तथा समाज में महिलाओं की भागीदारी से संबंधित विषयों पर पर अतिथियों द्वारा व्याख्यान दिये गये।
इस अवसर पर उप मुख्य चिकित्सा निदेशक डा. बीरबल प्रधान ने महिला स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं को विस्तारपूर्वक बताया | साथ ही उन्होने महिलाओं को होने वाली विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुये उससे परहेज करने तथा समाधान के बारे में भी जानकारी दी |

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विशेष अतिथि श्रीमती टीमा अग्रवाल ने महिला सशक्तीकरण विषय पर बोलते हुए कहा कि महिलायें सशक्त हो गई हैं वे हर जगह कार्य कर सकती हैं। महिलाओं एवं उनकी भावनाओं का सम्मान होना चाहिए एवं योग्यता के आधार पर उन्हें पर्याप्त अवसर मिलना चाहिये।

मुख्य अतिथि तथा सेक्रो अध्यक्षा श्रीमती अपर्णा सहाय ने कहा कि महिलाएं समाज का निर्माण करती है इसलिए महिलाओं को शिक्षित व आत्मनिर्भर रहना आवश्यक है | आत्मनिर्भरता ही महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार करती है एवं उनका मनोबल बढ़ाती है | महिलाओं को सकारात्मक सोच के साथ अपनी आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहिए | लैंगिक समानता भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर प्रयास है |
इसके पश्चात विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि के करकमलों से सम्मानित किया गया |

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वर्तमान में बिलासपुर मंडल में 916 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं ये सभी अधिकारी, कार्यालय अधीक्षक, वाणिज्य निरीक्षक, क्लर्क, टेक्नीशियन, प्वाइंटमेन, ट्रेकमेन, टिकट कलेक्टर, टिकट निरीक्षक, लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, गार्ड, स्टेशन मास्टर जैसे विभिन्न पदों पर कार्य करते हुये रेल परिचालन में अपनी महति भूमिका निभाते हुये महिला सशक्तिकरण की मिशाल पेश कर रही हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रेलवे में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुये बिलासपुर सहित मंडल के विभिन्न स्टेशनों तथा कार्यस्थलों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया |

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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