छत्तीसगढ़
नेशनल पुलिस मेमोरियल: शहीद श्रद्धांजलि समारोह में रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई

बिलासपुर। कल दिनांक 13-03-2022 को नेशनल पुलिस मेमोरियल चाणक्यपूरी नई दिल्ली शहीद श्रद्वाजंलि समारोह मे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री अमिन नन्दन सिन्हा के द्वारा रेलवे सुरक्षा बल दक्षिण पूर्व रेलवे के द्वारा शहीदो को श्रद्वाजंलि अर्पित की गई-
शहीदो के नाम इस प्रकार है :-
एस.पी. सिंह
वर्ष 2011 मे उप निरीक्षक के पद पर अपराध गुप्तचर शाखा बिलासपुर मे पदस्थ थे । उक्त उप निरीक्षक अपने उच्चाधिकारियों के आदेशो का पालन बहुत ही तत्परता से करते थे एवं सदैव कार्य पर सतर्क रहते थे । दिनांक 01/02.02.2011 को रेलवे संपत्ति की चोरी मे लिप्त आरोपियों की पतासाजी एवं धरपकड़ के दौरान अपराधियों द्वारा कार्य पर तैनात उक्त उप निरीक्षक पर प्राणघातक हमला किया गया । दिनांक 02.02.2011 को ही इलाज के दौरान उप निरीक्षक शहीद हो गए ।
सी.पी. सिंह
वर्ष 2011 मे आरक्षक के पद पर अपराध गुप्तचर शाखा बिलासपुर मे पदस्थ थे । उक्त आरक्षक अपने उच्चाधिकारियों के आदेश अनुपालन हेतु कर्तव्यनिष्ठ थे एवं सदैव कार्य पर सतर्क रहते थे । दिनांक 01/02.02.2011 को रेलवे संपत्ति की चोरी मे लिप्त आरोपियों की पतासाजी एवं धरपकड़ के दौरान अपराधियों द्वारा कार्य पर तैनात उक्त आरक्षक पर प्राणघातक हमला किया गया । दिनांक 03.02.2011 को इलाज के दौरान आरक्षक शहीद हो गए ।
श्री जी.के.राजपूत
वर्ष 2011 मे निरीक्षक के पद पर रेसुब पोस्ट भाटापारा मे पदस्थ थे । उक्त निरीक्षक बहुत ही अनुशासित एवं आदेश अनुपालना के धनी थे । अपने उच्चाधिकारियों के आदेश पालन हेतु सदैव तत्पर रहते थे । अपने अधीनस्थ बल सदस्यो के प्रति भी उनका व्यवहार शांतप्रिय एवं शालीन था । दिनांक 25.11.2011 को रायपुर मण्डल मे वैकुंठ रेलवे स्टेशन महाप्रबन्धक निरीक्षण के दौरान बंदोबस्त ड्यूटि मे कार्य पर तैनात उक्त निरीक्षक सड़क दुर्घटना मे शहीद हो गए ।
समीर उमाठे
वर्ष 2018 मे आरक्षक के पद पर रेसुब पोस्ट ईतवारी मे पदस्थ थे । उक्त आरक्षक बहुत ही अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ थे । अपने कार्य के प्रति सदैव तत्पर रहते थे । दिनांक 28.07.2018 को गाड़ी संख्या 12810 हावड़ा मुंबई मेल मे दुर्ग से नागपुर तक अनुरक्षण हेतु कार्य पर तैनात थे । कार्य के दौरान सीने मे असहनीय दर्द होने के कारण उपचार हेतु तुमसर रोड रेलवे अस्पताल मे भर्ती कराया गया । दिनांक 28.07.2018 को ही सुधार न होने के कारण कोचर निजी अस्पताल मे स्थानांतरित किया गया, जहां चिकित्सको द्वारा उक्त आरक्षक को शहीद घोषित कर दिया गया ।
पी एल विश्वकर्मा
वर्ष 2020 मे निरीक्षक के पद पर अपराध गुप्तचर शाखा बिलासपुर मे पदस्थ थे । उक्त निरीक्षक बहुत ही अनुशासित एवं उच्च दर्जे के साज सज्जा मे रहते थे । अपने कार्यकाल के दौरान निरीक्षक द्वारा उच्चाधिकारियों के आदेशो एवं कर्तव्यों का पालन बखूबी निभाया गया । गंभीर प्रकृति की शिकायतों की जांच भी बड़ी कुशलता एवं शीघ्रता से पूर्ण किया गया । कर्तव्य के दौरान उक्त निरीक्षक श्वसन तंत्र प्रणाली मे संक्रमण के कारण उपचार हेतु अस्पताल मे भर्ती कराया गया, जहां कोविड महामारी की चपेट मे आ गये । दिनांक 01.10.2020 को उक्त निरीक्षक का स्वर्गवास हो गया ।
श्री एन.आर. पोर्ते
वर्ष 2020 मे प्रधान आरक्षक के पद रेसुब पोस्ट चांपा मे पदस्थ थे । उक्त प्रधान आरक्षक बहुत ही कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार थे । उच्चाधिकारियों के आदेशो का पालन तत्परता से करते थे । वर्ष 2020 मे प्रधान आरक्षक द्वारा कोविड महामारी के दौरान श्रमिक स्पेशल गाड़ियों मे अनुरक्षण एवं श्रमिकों को कतारबद्ध ट्रेन एवं प्लेटफॉर्म से बाहर करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए । कार्य के दौरान कोविड महामारी से संक्रमित होने के कारण उक्त प्रधान आरक्षक का दिनांक 04.08.2020 को स्वर्गवास हो गया ।
श्री शिवकुमार बरुआ
वर्ष 2020 मे प्रधान आरक्षक के पद रेसुब पोस्ट ब्रजराजनगर मे पदस्थ थे । उक्त प्रधान आरक्षक बहुत ही कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार थे । उच्चाधिकारियों के आदेशो का पालन तत्परता से करते थे । वर्ष 2020 मे प्रधान आरक्षक द्वारा कोविड महामारी के दौरान श्रमिक स्पेशल गाड़ियों मे अनुरक्षण एवं श्रमिकों को कतारबद्ध ट्रेन एवं प्लेटफॉर्म से बाहर करने जैसे कार्य को बखूबी अंजाम दिया गया । कार्य के दौरान कोविड महामारी से संक्रमित होने के कारण उक्त प्रधान आरक्षक का दिनांक 29.10.2020 को स्वर्गवास हो गया ।
समारोह के दौरान शहीदो के परिवारजन उपस्थित जिन्हे श्रीमान प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त पुष्पगुच्छ व उपहार देकर सम्मानित किया गया और शहीद के किये कार्यो की सराहना की गई, शहीद के परिवारजन से उनकी समस्याओें के बारे मे पूछा गया किसी ने कोई समस्या ना होना बताया प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने सभी शहीद परिवार को इस अवसर पर उपस्थित रहने हेतु धन्यवाद दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है |
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















