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छत्तीसगढ़

IG रतन लाल डांगी ने अपराध पीड़ितों से की सीधी बातचीत, पुलिस अधीक्षकों को दिये महिला संबंधी अपराधों में गंभीरतापूर्वक जांच के निर्देश

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    दिनांक 28.05.2022 को रतन लाल डांगी, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा बिलासपुर रेंज अंतर्गत जिला रायगढ़ और जिला बिलासपुर के महिला संबंधी गंभीर अपराध जिनमें आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, ऐसे प्रकरणों की समीक्षा हेतु साथ ही इन अपराधों में पीड़ितों को ‘पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना’ अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि प्रदाय किये जाने के संबंध में पुलिस अधीक्षकों एवं राजपत्रित पुलिस अधिकारियों व विवेचकों की वर्चुअल अपराध समीक्षा बैठक ली गई। 

बैठक में अपराधों के पीड़ितों को भी बुलाया जाकर वर्चुअली एवं रूबरू सुना गया जिसमें उनको प्राप्त क्षतिपूर्ति/राहत राशि और प्रकरण के संबंध में एवं अन्य व्यक्तिगत समस्याओं को सुना गया तथा पीड़ितों से जानकारी लेकर पुलिस अधीक्षकों को पीड़ितों की सभी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ तत्काल निराकरण करने निर्देशित किया गया।

    पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिलों के महिला संबंधी गंभीर अपराधों की समीक्षा करते हुए विभिन्न बिन्दुओं पर कार्यवाही संबंधी निर्देश दिये गये। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया कि पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना अंतर्गत प्रकरणों में पीड़ितों के राहत के प्रकरणों का विशेष रूचि लेकर निराकरण किया जावे साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत कराया जाकर पीड़ितों को उपलब्ध कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किया जावे। 

समीक्षा बैठक में उमनि./वरि.पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर पारूल माथुर के द्वारा अवगत कराया गया कि विगत तीन दिवस के भीतर कुल 11 प्रकरणों में आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, शेष प्रकरणों की समीक्षा कर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु टीम भेजी जा रही है। इसी प्रकार पुलिस अधीक्षक जिला रायगढ़ अभिषेक मीना के द्वारा अवगत कराया गया कि जिला रायगढ़ में भी विगत तीन दिवस के भीतर 05 प्रकरणों में आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिला बिलासपुर एवं जिला रायगढ़ द्वारा की गई इस कार्यवाही की सराहना करते हुए अन्य प्रकरणों में भी आरोपियों की गिरफ्तारी कराया जाकर यथाशीघ्र प्रकरणों का वैधानिक निराकरण किये जाने निर्देशित किया गया।

    पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षक जिला रायगढ़ को उनके जिले में महिला व बच्चों से संबंधित गंभीर अपराधों में पीड़ितों को मुआवजा के संबंध में ‘पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना’ अंतर्गत त्वरित कार्यवाही करते हुए लगभग 80 प्रतिशत प्रकरणों में प्रतिवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजे जाने की सराहना करते हुए अन्य जिले में भी पीड़ितों को राहत राशि/मुआवजा राशि दिलाने के लिये त्वरित कार्यवाही किये जाने पर विशेष बल दिया गया। 

    समीक्षा बैठक में उ.म.नि./वरि.पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर पारूल माथुर एवं पुलिस अधीक्षक जिला रायगढ़ अभिषेक मीना और जिले के राजपत्रित अधिकारीगण व संबंधित प्रकरणों के विवेचकगण सहित रेंज कार्यालय बिलासपुर में पदस्थ राजपत्रित अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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