छत्तीसगढ़
CM बघेल आज रायपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को देंगे 681 करोड़ की सौगात, 752 विकास कार्यों का होगा लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 13 जून को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित कार्यक्रम में रायपुर और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले को 681 करोड़ रूपए से अधिक के 752 विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम के दौरान दोनों जिले में 153 करोड़ 13 लाख रूपए के 89 कार्य का लोकार्पण और 528 करोड़ 26 लाख रूपए की राशि के 663 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। रायपुर जिले में 561 करोड़ 32 लाख रूपये के 391 विकास कार्यों में से 100 करोड़ 32 लाख रूपये के 28 कार्यों का लोकार्पण और 461 करोड़ रूपए के 363 कार्यो का भूमिपूजन शामिल है। इसी प्रकार गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 120 करोड़ 8 लाख 60 हजार रूपए की लागत के 361 कार्यों में 67 करोड़ 26 लाख 62 हजार रूपये के लागत से 300 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 52 करोड़ 81 लाख 98 हजार रूपये के 61 कार्यों का लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री द्वारा रायपुर जिले में लोकार्पित किए जाने वाले विकास कार्यों में सेतु निर्माण संभाग रायपुर के 49.01 करोड़ रूपये के 3 कार्यों,लोक निर्माण विभाग संभाग क्र-1,2,3 और विधानसभा संभाग के 5 करोड़ 78 लाख के 1 कार्य, वनमण्डलाधिकारी, रायपुर के 4.15 करोड़ रूपये के 2 कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, रायपुर के 65 लाख रुपए के 4 कार्यों, कार्यपालन यंत्री, नगर पूर्व रायपुर छत्तीसगढ़ विद्युत मण्डल के 17.32 करोड़ रूपये के 2 कार्यों, नगर पालिका निगम, रायपुर के 14.13 करोड़ रूपये के 3 कार्यों, जल संसाधन उपसंभाग क्रं.1, के 5.27 करोड़ रूपये के 2 कार्यों, स्मार्ट सिटी लिमिटेड, रायपुर के 73 लाख रूपये के 4 कार्यों और सीजीएमएससी लिमिटेड रायपुर के 3 करोड़ 28 लाख रुपए के 7 विकास कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग संभाग क्रं.- 1,2,3 और विधानसभा संभाग के 233.87 करोड़ रूपये के 140 कार्यों, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास रायपुर के 9.47 करोड़ रूपये के 6 कार्यों, छत्तीसगढ़ गृृह निर्माण मण्डल संभाग-04, रायपुर के 71 लाख रूपये के 1 कार्य, वनमण्डलाधिकारी, रायपुर के 43 लाख रूपये के 6 कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, रायपुर के 4.91 करोड़ रूपये के 40 कार्यों, कार्यपालन यंत्री, नगर पूर्व रायपुर छत्तीसगढ़ विद्युत मण्डल के 15.18 करोड़ रूपये के 4 कार्यों, नगर पालिका निगम, रायपुर के 37.62 करोड़ रूपये के 94 कार्यों, स्मार्ट सिटी लिमिटेड, रायपुर के 144.01 करोड़ रूपये के 66 कार्यों, कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड, रायपुर के 4.74 करोड़ रूपये के 3 कार्यों और का आवास एवं पर्यावरण विभाग के 9.37 करोड़ रूपये के 1 कार्य और सीजीएमएससी लिमिटेड रायपुर के 59 लाख रुपए के 2 कार्यो का भूमिपूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 52 करोड़ 81 लाख 98 हजार रूपए के 61 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इनमें मरवाही विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मरवाही मुख्यालय पेण्ड्रा रोड के 31 करोड़ 99 लाख 42 हजार रूपए के 7 कार्य, लोक निर्माण विभाग मरवाही में 12 करोड़ 97 लाख रूपए के 2 कार्य, विद्युत विभाग पेण्ड्रा रोड में 4 करोड़ 6 लाख 54 हजार के 2 कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 2 करोड़ 21 लाख 22 हजार रूपए की लागत के 37 कार्य, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में 75 लाख रूपए की लागत के 6 कार्य, जिला आयुर्वेद अधिकारी बिलासपुर के 65 लाख 44 हजार रूपए की लागत के 4 विकास कार्य, वन मंडलाधिकारी मरवाही वन मंडल पेण्ड्रा रोड में 10 लाख 70 हजार रूपए की राशि के 2 विकास कार्य और कोटा विधानसभा क्षेत्र में वन मंडलाधिकारी मरवाही वन मंडल पेण्ड्रा रोड में 6 लाख 66 हजार रूपए की लागत का 1 विकास कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री इसी प्रकार विधासभा क्षेत्र मरवाही में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्मित होने वाले 2 करोड़ 56 लाख 39 हजार रूपए की लागत के 199 विकास कार्य, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के 9 करोड़ 17 लाख 82 हजार रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 6 विकास कार्य, वन मंडलाधिकारी मरवाही वन मंडल पेण्ड्रा रोड के 72 लाख 94 हजार रूपए की लागत के 8 विकास कार्य और विधानसभा क्षेत्र कोटा के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मरवाही मुख्यालय पेण्ड्रा रोड में 1 करोड़ 97 लाख 49 हजार रूपए की लागत के 4 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















