Connect with us

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 9 सितम्बर से होंगे 33 जिले, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेगें 2 नए जिलों का शुभारम्भ

Published

on

रायपुर| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेशवासियों को पिछले सप्ताह 3  नए जिलों की सौगात देने के बाद आगामी 9 सितम्बर को 2 नए जिलों का शुभारम्भ करने जा रहे हैं। इस दिन से 32वां जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर और सक्ती 33वां जिला के रूप में अस्तित्व में आएंगे । इस तरह प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ कर 33 हो जायेगी। नवगठित जिलों में मुख्यमंत्री श्री बघेल कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का उद्घाटन करेगें साथ ही रोड शो भी करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नवगठित जिले के लिए करोड़ो रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे।


  मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अब कोरिया जिले से अलग होकर तथा जांजगीर-चांपा से अलग होकर सक्ती नये प्रशासनिक इकाई के रूप में उभरेंगे।  मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में और सक्ती में अभूतपूर्व हर्ष व्याप्त है। नया जिला अस्तित्व में आने से क्षेत्र में विकास की नयी धारा बहेगी, विकास की गति और तीव्र होगी। शासन के प्रयासों से इन पहुंचविहीन क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्यान्न, इंटरनेट तथा रोड कनेक्टिविटी के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं।  


प्रस्तावित नवीन जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर सरगुजा संभाग के अंतर्गत होगा।  नवीन गठित जिले में अनुविभाग की संख्या 3 है जिसमें मनेन्द्रगढ़, भरतपुर और खड़गवां है, वहीं तहसीलों की संख्या 6 है जिसमें मनेन्द्रगढ़, केल्हारी, भरतपुर, खड़गवां, चिरमिरी और कोटाडोल शामिल हैं। 3 जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़, खड़गवां, भरतपुर है। यहां 5 नगरीय निकाय जिनमें नगरपालिका निगम चिरमिरी, नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़, नगर पंचायत झगराखांड़, नगर पंचायत खोंगापानी और नगर पंचायत नई लेदरी सम्मिलित हैं।

यह भी पढ़ें   निजात अभियान के तहत अवैध रूप से मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने वाले 3 आरोपियों को सरकंडा पुलिस ने किया गिरफ्तार


प्रस्तावित गठित नवीन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कुल ग्रामों की संख्या 376 है। यहां 13 राजस्व निरीक्षक मण्डल तथा 87 पटवारी हल्का है।  प्रस्तावित नवीन जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1 लाख 46 हजार 824 हेक्टयर है। यहां की जनसंख्या 3 लाख 76 हजार 696 है। प्रस्तावित गठित नवीन जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में  तहसील मनेन्द्रगढ़ में ग्रामों की संख्या 59, केल्हारी में ग्रामों की संख्या 74, भरतपुर में ग्रामों की संख्या 108, खड़गवां में ग्रामों की संख्या 44 एवं चिरमिरी में ग्रामों की संख्या 16 और तहसील कोटाडोल में ग्रामों की संख्या 75 है। नवगठित जिले में अमृतधारा जलप्रपात, सिद्धबाबा मंदिर (मनेन्द्रगढ़)सीतामढ़ी-हरचौका(रामवनगमन पर्यटन परिपथ) भरतपुर, रमदहा जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल हैं।

इसी प्रकार प्रस्तावित नए जिले सक्ती में उपखंड सक्ती की तहसील सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर और उपखंड डभरा की तहसील डभरा सहित कुल 5 तहसीलें शामिल होंगी।नवगठित सक्ती जिले के उत्तर में करतला तहसील (जिला कोरबा), दक्षिण में सारंगढ़ (जिला-रायगढ़), पूर्व में खरसिया (जिला-रायगढ़) और पश्चिम में सारागांव, बम्हनीडीह तहसील (जांजगीर चांपा) होंगी। सक्ती जिले में 2 उपखंड (सब डिवीजन) सक्ती और डभरा (नवीन जिला सक्ती में मालखरौदा और जैजैपुर प्रस्तावित उपखंड सम्मिलित है) की 5 तहसीलें क्रमशः-सक्ती, डभरा, जैजैपुर, मालखरोदा और नया बाराद्वार (प्रस्तावित तहसील अड़भार) उप तहसील- चंद्रपुर, हसौद, भोथिया तथा 4 विकासखंड/जनपद पंचायत क्रमशः सक्ती जैजैपुर, मालखरौदा और डभरा शामिल होंगे।

यह भी पढ़ें   थाना सिविल लाइन से 13 जुआ एक्ट के तहत 3 प्रकरण के आरोपी गिरफ्तार


सक्ती जिले में 18 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल होंगे। इनमें जाजंग, सक्ती, पोरथा, नया बाराद्वार, नगरदा, सकर्रा, अड़भार, छपोरा, मालखरौदा, ठठारी, जैजैपुर, बेलादूला, हसौद, देवरघटा, धुरकोट, डभरा, सपोस और चंद्रपुर शामिल हैं। जिले का कुल राजस्व क्षेत्रफल 1,51,976 वर्ग किलोमीटर है। 2011 जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 6,47,254 है। कुल ग्रामों की संख्या 465, आबाद ग्राम 463, विरान ग्राम 2, कुल पटवारी हल्कों की संख्या 153 हैं। सक्ती जिले में 319 ग्राम पंचायतें, 6 नगरीय निकाय शामिल होंगे। नवगठित जिले में चंद्रहासिनी माता मंदिर चंद्रपुर, अड़भार अष्टभुजी माता मंदिर, रेनखोल, दमऊदरहा जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल है। 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   लोहे से भरे ट्रक की चपेट में आने से 2 की मौत
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   आप भी पैकेट वाला दूध लेते हैं? हो जाएं सावधान... हो सकता है चंद्र दोष
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   थाना सिविल लाइन से 13 जुआ एक्ट के तहत 3 प्रकरण के आरोपी गिरफ्तार
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending