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छत्तीसगढ़

CG: जेल में लेडी डान का खौफ! कैदियों पर झाड़ती रहती है रौब, और…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जेल में लेडी डॉन ने आतंक मचा रखा है। लेडी डॉन का नाम मोनिका सचदेव बताया जा रहा है। उसने महिला प्रहरी को डराया धमकाया और इतना पीटा कि, उसके हाथ में प्लास्टर करना पड़ा है। जिसके बाद पुलिस ने लेडी डॉन के खिलाफ एक और केस दर्ज किया है। उसके खिलाफ पहले ही थाने में कई केस दर्ज हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, मोनिका जेल के अंदर भी अपनी डॉनगिरी दिखा रही है। कभी दूसरे कैदियों को धमकाती है तो कभी जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों से उलझती है। अब उसने एक महिला जेल प्रहरी को पीट दिया है। जेल में रहने के बाद भी उसने वहां भी कांड करने में कोई कसर नहीं छोडी है। मोनिका ने महिला प्रहरी को इस कदर पीटा है कि उसके हाथ में प्लास्टर करना पड़ गया। जिसके इस मामले में शनिवार को रायपुर पुलिस ने उसके खिलाफ एक और केस दर्ज किया है। महिला जेल प्रहरी माधुरी वर्मा ने मोनिका को अनुशासन में रहने के लिये कहा था। ये बात मोनिका को रास न आई, उसके बाद उसने बहस शुरू कर मौका पाकर उस पर हमला भी कर दिया।

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निगरानीशुदा बदमाश है मोनिका

मोनिका सचदेव कोतवाली इलाके की निगरानीशुदा बदमाश है। दूसरी कैदियों के सामने ही मोनिका ने माधुरी को पटका और लातों से पीटती रही। बचाव करने आए जेल के दूसरे कर्मचारियों ने मुश्किल से माधुरी को वहां से निकाला। माधुरी ने जांच करवाई तो डॉक्टर ने हाथ में प्लास्टर करने को कहा। अब गर्दन से प्लास्टर बंधा हाथ लटकाए माधुरी गंज थाने पहुंची और पुलिस को सारी बात बताकर मोनिका के खिलाफ शिकायत दर्ज की। मोनिका के लिये आए दिन जेल जाना आम बात है। ये कई तरह के अवैध धंधों, गांजे की तस्करी, लोगों को धमकाना, मार-पीट जैसे मामलों में आरोपी रही है।

महिला पुलिस कर्मियों ने उसे घसीटकर गाड़ी में बिठाया

5 साल पहले पुलिस ने एक मामले में मोनिका को गिरफ्तार कर लिया था। तब मोनिका बैरनबाजार ओसीएम चौक में रहती थी। मोनिका के साथ उसके साथी मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद मुशतईन को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि, उन्होंने मोनिका के बोलने पर कालीबाड़ी के अरविंद गुप्ता नाम के आदमी से 50 हजार मांगे और मारपीट की। जब इस केस में मोनिका को पकड़ने पुलिस उसके घर गई थी तब लेडी डॉन ने गिरफ्तारी के बाद हंगामा किया। वह किसी भी हालत में पुलिस के साथ जाने को तैयार नहीं थी। महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उसे किसी तरह घसीटकर गाड़ी में बिठाया। उसके बाद उसने चूड़ियां फोड़ उसके टुकड़े चबा लिए। उसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। कोर्ट परिसर में भी वह अपनी गिरफ्तारी का विरोध करती रही। काफी मुश्किल से इलाज के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

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कपड़े फाड़कर पुलिसवालों को धमकी देती

मोनिका की बहन पूजा का भी क्राइम रिकॉर्ड रहा है। उसे भी कई बार पुलिस ने पकड़ा है। दोनों के खिलाफ आए दिन पुलिस को कोई न कोई शिकायत मिला करती थी। पुलिस उनके ओसीएम चौक के मकान में जब भी उन्हें पकड़ने जाती तो वे पुलिस के जवानों पर ही रेप करने की कोशिश में फंसाने की धमकी देती थीं। पुलिस नशा कारोबार और सट्टा के मामले में जब छापा मारती तो ये बहनें कपड़ा उतारकर पुलिसवालों को फंसाने की धमकी देकर उन्हें भगा देती थीं। इस कारण पुलिस ने इन दोनों बहनों को कई बार चेतावनी देकर छोड़ा था।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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