छत्तीसगढ़
सीमा हत्यकांड : नाराज परिजनों और यादव समाज ने निकाली रैली
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में चरित्र शंका पर पत्नी की हत्या के मामले में मृतका के परिजन भड़के हुए हैं। मृतका के परिजनों सहित यादव समाज के लोगों ने रैली निकालकर आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है, उन्हें फांसी की सजा दी जाए। शनिवार रात सैकड़ों की संख्या में पहुंचकर लोगों ने रैली निकालकर आरपियों के खिलाफ प्रदर्शन किया है। मामला जिले के बोधघाट थाना क्षेत्र का है।
दरअसल जगदलपुर के तितरकुटी की रहने वाली 22 वर्षीय सीमा यादव की 27 सितंबर को उसके पति ने चरित्र शंका के चलते गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर मृतका के शव को दफना दिया। मामले का खुलासा एक माह बाद 29 अक्टूबर को हुआ। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया है, लेकिन परिजनों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से वे संतुष्ट नहीं हैं। पूरे परिवार ने मिलकर उनकी बेटी की हत्या की है। उनकी मांग है कि आरोपियों को जेल नहीं बल्कि फांसी की सजा दी जाए।
पूरे खानदान ने मिलकर की बेदर्दी से हत्या
इस मामले में मृतका के परिजन और यादव समाज के लोगों ने कल रात विशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस रैली में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। मृतका की मां ने कहा कि पूरे खानदान ने मिलकर बेटी की बेदर्दी से हत्या की है। सभी को फांसी पर चढ़ाया जाए। तभी मेरी मृत बेटी को न्याय मिलेगा। वहीं यादव समाज के अध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि पुलिस का कहना है कि शंकर पांडेय ने हत्या की। उसने अपने पिता चिंतामणी पांडेय और भाई विक्रम पांडेय के साथ मिलकर शव को दफनाया, लेकिन ऐसा नहीं है। तीनों ने साथ मिलकर सीमा की दरिंदगी से हत्या की है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल एक माह पहले आरोपी ने अपनी पत्नी की चरित्र शंका के चलते हत्या कर दी। इसके बाद अपने पिता और भाई के साथ मिलकर उसके शव को जंगल में दफना दिया। फिर सीमा के परिजनों को उसके गुमशुदा होने की झूठी जानकारी दी। जानकारी के बाद सीमा के पिता ने अपनी बेटी की गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। आरोपी के फरार होने पर पुलिस को उस पर संदेह हुआ, जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू की। इसके करीब 1 महीने बाद 29 अक्टूबर को मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पिता और भाई सहित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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