छत्तीसगढ़
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चलाया जा रहा है “आपरेशन अमानत” अभियान, डेढ़ करोड़ के सामान की रिकवरी कर उनके मालिको को सौपा गया

बिलासपुर| यात्रियों की सुविधा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है । इसके लिए नई पहल के तहत विभिन्न अभियान चलाये जा रहे है । इसी में एक महत्वपूर्ण अभियान आपरेशन अमानत है, जो दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाई जा रही है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को सर्वश्रेष्ठ सेवाएं प्रदान करती है । उनकी यात्रा को सुविधाजनक, आरामदायक और सुरक्षित रेल सेवाएं देने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे हमेशा ही आवश्यक कदम उठाती है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रोजाना हजारों यात्री अपने सामान के साथ यात्रा करते हैं लेकिन कई बार या तो वे अपना सामान ट्रेन (Train) में ही भूल जाते हैं या फिर कई बार उनका सामान गुम हो जाता है । कई बार ट्रेनों में चढ़ने/ उतारने की जल्दबाज़ी में यात्रीगण अपना सामान चलती ट्रेनों, स्टेशनों में भूल जाते है । उनके छूटे सामान को पहुंचाने तथा गुम हुए सामानों की रिकवरी के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है ।

वर्ष 2022 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल ने बिलासपुर, रायपुर तथा नागपुर में 968 यात्रियों के गुम हुए तथा छूटे हुए सामानों की रिकवरी कर उसे संबन्धित यात्रियों को सौपा । ये सामान लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से भी अधिक मूल्य के थे । बिलासपुर, चांपा, कोरबा, उसलापुर, रायगढ़, ब्रजराजनगर, पेंड्रारोड, अनुपपुर, शहडोल, मानेंद्रगढ़, बिजुरी, अंबिकापुर, भाटापारा, तिल्दा-नेवरा, रायपुर, दुर्ग, भिलाई राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, भंडारारोड, इतवारी, नैनपुर, छिंदवाड़ा, वडसा, नागभीड़, कांप्टी आदि रेल सुरक्षा बल पोस्ट ने इस अभियान में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है । ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत करते हुए ट्रेन में पेट्रोलिङ्ग तथा स्टेशनों में गश्ती के दौरान रेल सुरक्षा बल तथा अन्य रेल कर्मियों ने यात्रियों के छूटे हुए सामानों को स्टेशन में तथा ट्रेनों में अधिकृत प्राधिकारियों के पास जमा किया ।
यात्रियों ने भी कई बार अन्य यात्रियों के छूटे हुए सामानों को ट्रेनों में टीटीई या रेल सुरक्षा बल के कर्मियों के पास सामान को सुपूर्द किया तथा काई बार सूचित किया । जिन यात्रियों का सामान गूम हो जाता है वे अपनी शिकायत ट्रेनों में टीटीई, रेल सुरक्षा बल या ट्रेन मैनेजर या स्टेशनों में स्टेशन मास्टर या संबन्धित रेल कर्मियों के पास अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं । यही नहीं इसके लिए यात्री रेल मदद एप, हेल्पलाइन नंबर 139, टिवीटर या अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते है । शिकायत मिलने पर संबन्धित ट्रेनों, स्टेशनों तथा अन्य आरपीएफ़ पोस्ट में इसकी सूचना दी जाती है और संबन्धित प्राधिकार सामान को रिकवर करने के लिए जुट जाते हैं । आपरेशन अमानत के अंतर्गत रेलकर्मियों के समर्पित एवं सार्थक प्रयास का परिणाम है कि गत वर्ष 968 यात्रियों के लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक के मूल्य के सामानों की वापसी सुनिश्चित हुई ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने यात्रियों की यात्रा को सुखद एवं आरामदायक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है । यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के व्यवधान उत्पन्न होने पर रेलकर्मी पूरी समर्पित भावना के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं । आपरेशन अमानत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में एक अभियान के स्तर पर चलाया जा रहा है तथा यह आगे भी इसी भावना एवं ऊर्जा के साथ निरंतर जारी रहेगा ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















