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26 तोला सोने का आभूषण लेकर फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार, ऐसे दिया था वारदात को अंजाम

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बिलासपुर। प्रार्थी रितेश सलूजा पिता स्व0 मदन लाल सलूजा उम्र 29 वर्ष निवासी मेनरोड तेलीपारा संजय बेग हाउस के पास थाना सिटी कोतवाली जिला बिलासपुर छ.ग. ने दिनांक 17/03/2023 को थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि कारीगर विष्णु सोनी को करीबन 07 वर्षो से जानता हूं जो सोने चांदी के जेवर का पाॅलिश एवं कारीगरी का काम करता है जो अक्सर उसकी दुकान से सोने चंादी के जेवर को पाॅलिश करने एवं कारीगरी करने ले जाता था और पाॅलिश कर एवं कारीगरी कर वापस कर देता था, जो दिनांक 04.03.2023 के शाम करीबन 06.30 बजे कारीगर विष्णु सोनी प्रार्थी के दुकान मे आया और पालिस करने के लिए प्रार्थी से कारीगर विष्णु सोनी ने सोने का 09 नग लाॅकेट, सोने का 06 नग हार एवं सोने का 10 नग कंगन जुमला सोने के जेवर का वजन करीबन 26 तोला को पाॅलिश करने के लिए लिया। प्रार्थी द्वारा विश्वास में आकर विष्णु सोनी को सोना पाॅलिश करने दिया था।

सोने को पालिस कर विष्ण सोनी रात्रि 09.30 बजे तक दुकान मे लाकर छोडूंगा बोला था जो वापस नही छोडा तो प्रार्थी ने कारीगर विष्णु सोनी का पता किया पता नही चला एवं उसके मोबाईल नंबर से भी संपर्क किया जो मोबाईल बंद होना पाया।

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प्रार्थी ने विष्णु सोनी के मकान मे जाकर पता किया तो पता चला कि विष्णु सोनी कुछ दिन पूर्व मकान खाली करके कही चला गया है। कारीगर विष्णु सोनी द्वारा प्रार्थी के सोने के जेवर को अफरा-तफरी कर दिया है कि रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 152/2023 धारा 406 भादवि पंजीबद्ध किया गया। मामले के ंसबंध में वरिष्ठ अधिकारियो को अवगत कराया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह द्वारा तत्काल आरोपी को गिरफ्तार करने निर्देशित करने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली पूजा कुमार के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक प्रदीप कुमार आर्य के द्वारा आरोपी के पता तलाश हेतु टीम बनायी गई।

साईबर सेल प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र वैष्णव से तकनिकी सहायता लेकर आरोपी का पता किया गया। जो आरोपी विष्णु सोनी बनारस उ.प्र. में छिपा हुआ है कि जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल निरीक्षक प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में प्र.आर. 505 निर्मल सिंह ठाकुर, आर. प्रेम सूर्यवंशी, आर. प्रशांत राठौर (एसीसीयू) की एक टीम बनारस उ.प्र. रवाना की गई। जो आरोपी को घेराबंदी कर बनारस उ.प्र. में पकडा गया। आरोपी से पूछताछ करने पर आरोपी ने जुर्म करना स्वीकार किया।

आरोपी के कब्जे से सोने का 09 नग लाॅकेट, सोने का 06 नग हार एवं सोने का 10 नग कंगन कुल वजन करीबन 26 तोला कीमती 13,20,000 रूप्ये जप्त किया गया। आरोपी सोने के जेवर को बेचने की फिराक में बनारस उ.प्र. गया था। जो सोने के जेवर को बेचने के पूर्व ही पुलिस द्वारा पकडकर बनारस उ.प्र. से बिलासपुर लाया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

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विशेष योगदान:- निरीक्षक प्रदीप आर्य, निरीक्षक धर्मेन्द्र वैष्णव, सउनि गजेन्द्र शर्मा, प्र.आर. 505 निर्मल सिंह ठाकुर, आर. प्रेम सूर्यवंशी, नुरूल कादिर, गोकुल जांगडे, प्रशांत राठौर(एसीसीयू)

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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