Connect with us

Uncategorized

बिलासपुर पुलिस के निजात अभियान का सकारात्मक असर, अपराधों में दिखी प्रभावी कमी

Published

on

बिलासपुर। अभियान के तीन माह के दौरान ही एनडीपीएस व आबकारी में ताबड़तोड़ कार्यवाही में कुल 1733 प्रकरणों में 1845 लोग गिरफ्तार हुए, जिसमे गैर- जमानतीय प्रकरणों में 301 आरोपी जेल भेजे गए।

अपराधियों में मचा हड़कंप

नशे के विरुद्ध जनजागरुकता के तहत लोगों के सहयोग से स्कूल कॉलेज और सार्वजनिक जगहों पर कुल 702 जागरूकता कार्यक्रम किए गए। जिले के थानों में नशे के आदी लोगों की लिस्टिंग कर उनकी विभिन्न संस्थाओं की मदद से काउंसलिंग की जा रही है।

कोटपा एक्ट में सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करने वाले 263 व्यक्तियों पर कार्यवाही। शराब पीकर वाहन चलाने वाले 572 लोगों के विरुद्ध 185 MV एक्ट की कार्यवाही कर जप्त वाहन को माननीय न्यायालय पेश किया गया जहां प्रत्येक पर दस हजार रुपए का जुर्माना

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नशे के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही के आदेश पर इस वर्ष फरवरी माह से पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा के निर्देशन में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर बी.एन. मीणा व पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संतोष कुमार सिंह की उपस्थिति में अवैध नशा के विरुद्ध अभियान निजात की शुरुआत की गई थी ।

पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संतोष कुमार सिंह के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेंद्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में बिलासपुर के सभी थाना प्रभारियों द्वारा उनके क्षेत्र में अवैध नशा के कार्य में संलिप्त लोगों के विरुद्ध ताबड़तोड़ तरीके से कार्यवाही व व्यापक जागरूकता कार्यक्रम किए गए है।

यह भी पढ़ें   प्रथम हॉस्पिटल बिलासपुर में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन

फरवरी माह से शुरू किए गए अवैध नशे के खिलाफ कार्यवाही और जागरूकता अभियान निजात के तहत सिर्फ तीन माह के दौरान ही एनडीपीएस व आबकारी में ताबड़तोड़ कार्यवाही में कुल 1733 प्रकरणों में 1845 लोग गिरफ्तार हुए, जिसमे गैर- जमानतीय प्रकरणों में 301 आरोपी जेल भेजे गए है।

एसपी संतोष सिंह में बताया कि इन कार्यवाहियों का व्यापक असर अपराध में कमी के रूप में दिखा है। जब अभियान दौरान के तीन माह और पिछले वर्ष के इसी अवधि के अपराधों की तुलना की गई तो पाया गया कि आईपीसी के कुल अपराधों में 10 फीसदी, चाकूबाजी में 79 प्रतिशत, मारपीट में 12 प्रतिशत, छेड़छाड़ में 34 फीसदी और चोरी व नकबजनी में 15 प्रतिशत कमी आई है। यद्यपि की कुल अपराधों में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर 3692 अपराध दर्ज हुए है, जो की मुख्यतः एनडीपीएस और आबकारी में बढ़ी कार्यवाहियां की वजह से हैं।

तुलनात्मक अवधि में इस वर्ष पिछले साल के कुल मारपीट के 1007 मामलों की बजाय 884 अपराध, चाकूबाजी के 24 की बजाय 5 अपराध, चोरी नकबजनी के 385 के बजाय 328, छेड़खानी के 41 की बजाय 27 अपराध कायम हुए है। भादवि के पिछले साल के कुल 1967 अपराधों की तुलना में 1776 अपराध ही कायम हुए। उत्तरोत्तर सड़क दुर्घटनावों पर की बढ़ोतरी में ब्रेक लगा है और यह बढ़ा नहीं है।

यह भी पढ़ें   'असानी' तूफान का असर बस्तर में भी, चल रहीं तेज हवाएं, अगले एक-दो दिनों में तूफान की आशंका

अभियान दौरान आबकारी के 1644 प्रकरणों में कुल 1731 लोग और एनडीपीएस के 89 प्रकरणों में कुल 114 आरोपी गिरफ्तार हुए है। आबकारी में गिरफ्तार लोगों में बड़ी संख्या सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन कर हुडदंग करने वाले लोग हैं और कुल 3428 लीटर अवैध शराब जप्त हुई। एनडीपीएस प्रकरणों के 89 प्रकरणों में 573 किलो गांजा और अन्य नशीली वस्तुएं जप्त हुआ। कुल 78 लाख कीमती मशरूका जप्त हुई। अवैध शराब, गांजा के अलावा चरस 15 ग्राम, एमएएमडी 4.9 ग्राम, नशीले इंजेक्शन 4081 नग, टैबलेट 694 नग, सीरप 827 नग, बोनफिक्स 940 नग टयूब जप्त किया गया है।

कोटपा में 263 लोगों पर कार्यवाही हुई। नशा में गाड़ी चलाने वाले 572 लोगों पर एमवी एक्ट के कार्यवाही करते हुए प्रत्येक प्रकरण को कोर्ट भेजा गया, जहां प्रत्येक ऐसे चालक पर दस-दस हजार रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।

नशे के विरुद्ध जनजागरुकता के तहत कुल स्कूल कॉलेज और सार्वजनिक जगहों पर 702 कार्यक्रम किए गए और आदी सैकड़ों लोगों की थाने में काउंसलिंग हुई।

Uncategorized

Iran Israel war: ईरान के खार्ग पर ताबड़तोड़ हमले, ट्रंप की डेडलाइन पूरी होने से पहले ही US-इजरायल का अटैक

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खार्ग द्वीप पर हमले के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अब संयम खत्म हो चुका है. आईआरजीसी ने चेताते हुए कहा कि अगर हमले ऐसे ही जारी रहे तो अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है. 

Published

on

Iran Israel war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. वह ईरान को लगातार अल्टीमेटम दे रहे हैं. उनके नए अल्टीमेटम की मियाद खत्म होती नजर आ रही है. इस बीच खबर है कि ईरान के खार्ग द्वीप पर ताबड़तोड़ हमले हुए हैं.

मेहर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के ऑयल हब खार्ग द्वीप पर मंगलवार को ताबड़तोड़ हवाई हमले हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, खार्ग पर एक के बाद एक हमले किए जा रहे हैं.

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खार्ग द्वीप पर हमले के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अब संयम खत्म हो चुका है. आईआरजीसी ने चेताते हुए कहा कि अगर हमले ऐसे ही जारी रहे तो अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है. इससे वर्षों तक इस क्षेत्र में तेल और गैस संकट बाधित हो सकता है.

यह भी पढ़ें   प्रथम हॉस्पिटल बिलासपुर में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन

होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप की डेडलाइन नजदीक, वेस्ट एशिया में कूटनीतिक हलचल तेज

बता दें कि यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईरान में फंसे अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन की डिटेल जानकारी दी थी. ईरान जंग को छह हफ्ते का समय हो गया है.

इससे पहले पिछले महीने भी अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर हमला कर ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था. इन हमलों में ईरान के नौसेना माइन स्टोरेज और मिसाइल बंकर नष्ट कर दिए गए जबकि तेल प्रतिष्ठानों का बाल भी बांका नहीं किया.

यह भी पढ़ें   पहलवानों को खेल मंत्री ने दिया बातचीत का न्योता

इस द्वीप को इसके आइसोलेशन की वजह से फॉरबिडन आइलैंड भी कहा जाता है. ट्रंप ने पहले भी खार्ग द्वीप पर हमले की धमकी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज में जहाजों पर हमले नहीं रुके तो खार्ग में तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा.

बता दें कि खार्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है. यहां से ईरान के 90 फीसदी तेल का एक्सपोर्ट होता है. इसकी स्टोरेज क्षमता लगभग तीन करोड़ बैरल है.

Continue Reading

Uncategorized

Maharashtra चुनाव: इन 49 सीटों पर कांटे की टक्कर, उद्धव और शिंदे में कौन किस पर रहेगा भारी?

Published

on

Maharashtra Assembly Election 2024

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। प्रदेश में 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को नतीजों का ऐलान किया जाएगा। इस बार की चुनावी जंग महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच होने जा रही है, जहाँ दोनों गठबंधनों के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।

चुनावी स्थिति
शिवसेना के दो धड़ों के बीच भी मुकाबला देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गुट और एकनाथ शिंदे का गुट दोनों ही खुद को असली शिवसेना बताकर लोगों से वोट मांग रहे हैं। खासकर 49 सीटों पर यह कांटे की टक्कर देखी जा रही है, जिनमें 19 सीटें मुंबई के मेट्रोपोलिटन इलाकों में आती हैं और 12 सीटें शहर की हैं।

2022 में शिवसेना का विभाजन
जून 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद, एकनाथ शिंदे ने कई विधायकों के साथ एनडीए में शामिल होकर मुख्यमंत्री बनने में सफलता प्राप्त की थी। वहीं, उद्धव ठाकरे और कुछ विधायक महा विकास अघाड़ी में बने रहे। अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर उद्धव सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   IND vs NZ Match In Raipur : रायपुर में होने वाले क्रिकेट मैच के लिए टिकटों की बिक्री शुरू, टिकट की कीमत 300 रुपए से शुरू

उद्धव ठाकरे पर अपने पिता बालासाहेब ठाकरे की विरासत को बचाने का दबाव भी है। शिंदे का आरोप है कि उद्धव ने कांग्रेस के साथ जाकर अपने पिता के विचारों को धोखा दिया है। इस चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।

चुनावी रणनीतियाँ
उद्धव ठाकरे: उद्धव ने उन 40 सीटों पर जीतने की रणनीति बनाई है, जहां से विधायक जीत के बाद शिंदे के साथ चले गए थे। उनके लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने गढ़ को सुरक्षित रखें।

एकनाथ शिंदे: शिंदे का दावा है कि यदि महायुति की जीत होती है, तो मुख्यमंत्री वे ही होंगे। उन्हें अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने और पिछली जीत को दोहराने की चुनौती का सामना करना होगा।

यह भी पढ़ें   प्रथम हॉस्पिटल बिलासपुर में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन

प्रमुख मुकाबले
ठाणे की कोपरी पांचपखाड़ी सीट: यहाँ शिंदे को कड़ी टक्कर मिल रही है, जहाँ उद्धव गुट ने आनंद दिघे के भतीजे केदार को मैदान में उतारा है।
वर्ली सीट: उद्धव ने यहाँ अपने बेटे आदित्य को चुनावी मैदान में उतारा है, जो मिलिंद देवड़ा से मुकाबला कर रहे हैं।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में यह 49 सीटें न केवल उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इन सीटों पर जीत या हार दोनों ही नेताओं के भविष्य का निर्धारण करेगी। सियासी दांव-पेंच और जनता की सोच इस बार के चुनाव में निर्णायक साबित होगी।

Continue Reading

Uncategorized

अवैध शराब विक्रेताओं पर थाना कोटा पुलिस की कार्यवाही

Published

on

बिलासपुर: थाना कोटा पुलिस ने अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गनियारी स्थित कपूर तालाब से 1000 किलो से अधिक महुआ लहान को नष्ट कर दिया है और 10 लीटर कच्ची महुआ शराब भी जब्त की है।

गिरफ्तार आरोपियों में गौरी वर्मा, निवासी गनियारी, और जयप्रकाश रात्रे, निवासी लोकबंद शामिल हैं। जिला पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भापुसे) ने ऑपरेशन चेतना के तहत नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गनियारी में एक महिला अवैध रूप से हाथभट्ठी से कच्ची महुआ शराब बना रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गौरी वर्मा से 3 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत 600 रुपये थी, जब्त की और धारा 34(01) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

यह भी पढ़ें   CBSE 12th Result : बिलासपुर की शुभी और रायपुर शर्मा ने भी मारी बाजी, शुभी को 99.4 और शांभवी को मिले 99% अंक

वहीं, ग्राम लोकबंद निवासी जयप्रकाश रात्रे से 7 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत 1400 रुपये थी, जब्त की गई और उन्हें धारा 34(02) आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

रेड कार्यवाही के दौरान गनियारी के कपूर तालाब में शराब बनाने के लिए रखे 1000 किलो से अधिक महुआ लहान/पाश को मौके पर ही नष्ट किया गया। बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और आम जन से नशा उन्मूलन में सहयोग की अपील की है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending