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अमानत में ख्यानत कर फर्जी बिक्रीनामा तैयार करके कार बिक्री करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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नाम आरोपी – 01. सैमसन विलियम पिता स्व. सुशील कुमार विलियम उम्र 26 वर्ष निवासी म.नं. 504 गंगा नगर सेक्टर 02, मंगला थाना सिविल लाईन, जिला बिलासपुर |

बिलासपुर। प्रार्थी प्रकाश महरोलिया पिता चंदन सिंह महरोलिया उम्र 55 वर्ष निवासी जोरापारा सरकण्डा का दिनांक 01.05.2023 को रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसके स्वामित्व का स्वीफ्ट कार क्रमांक CG 10 BK 5524 को फायनेंस में लिया में लिया था जिसे दिनांक 14.03.2022 से 13.02.2023 तक 01 वर्ष के लिए 20 हजार रूपये मासिक किराये पर सैमसन विलियम को गवाहों के समक्ष इकरारनामा कर दिया था, किन्तु वह न तो किराया की राशि दे रहा है और न ही कार को वापस कर रहा है, इसी प्रकार प्रार्थी गजेन्द्र सिंह ठाकुर पिता राधेश्याम सिंह ठाकुर उम्र 30 वर्ष निवासी बहतराई थाना सरकण्डा का दिनांक 02.05.2023 को रिपोर्ट दर्ज कराया कि सैमसन विलियम से अपना टाटा इंडिगो कार क्र. DL-C-AN 1515 को दिनांक 30.05.2022 को इकरारनामा कर गवाहों के समक्ष किराये पर दिया है, किन्तु किराया रकम नहीं दे रहा है और न ही कार वापस कर रहा है, प्रार्थी के उक्त रिपोर्ट पर प्रथम दृष्टया अपराध धारा 406 भादवि का होना पाये जाने से क्रमशः अप.क. 605/23 एवं 608/23 धारा 406 भादवि पृथक-पृथक पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह (भापुसे), को अवगत कराने पर उक्त मामलो में आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने निर्देश्त किया गया, जिसके परिपालन में अति० पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक पूजा कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सरकंडा फैजुल होदा शाह के हमराह टीम तैयार कर आरोपी सैमसन विलियम का पतातलाश कर हिरासत में लिया गया जिससे पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार करते हुये प्रार्थी प्रकाश महरोलिया के वाहन को किराया में लेकर बिकी का फर्जी इकरारनामा तैयार कर बिक्री कर देना एवं शिकायत होने पर वापस लाकर छिपाकर रखना एवं गजेंद्र सिंह के कार को बिक्री हेतु छिपाना बताया जिसके मेमोरण्डम कथन के आधार पर स्वीफ्ट कार एवं इंडिका कार को बरामद कर आरोपी सैमसन विलियम को गिरफ्तार कर न्यायायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है ।

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उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी फैजुल होदा शाह, सउनि दिनेश तिवारी, प्र. आर. विनोद यादव, प्रमोद सिंह, म.प्र.आर. संगीता नेताम, आरक्षक राहुल सिंह, मिथलेश सोनी, अविनाश कश्यप, सोनू पाल, विवेक राय, संजीव जांगड़े, मनोज बघेल का विशेष योगदान रहा।

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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