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Bilaspur: अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, आरोपी गिरफ्तार… जानिए पूरा मामला

बिलासपुर। दिनांक-02/05/2023 को ग्राम सेन्दरी, कडकनाथ मुर्गा दुकान के सामने, बिजली खम्भा के पास झाड़ी में एक अज्ञात शव संदिग्ध हालत में मिला, जिस पर थाना कोनी द्वारा मर्ग कायम कर मृतक के परिजनों का पता तलाश किया, जो परिजनों द्वारा मृतक की पहचान अमित कुमार (20) पिता रामदुलारी सूर्यवंशी, निवासी-निपनिया, थाना सीपत के रूप में की गई, शव पंचनामा दौरान अज्ञात आरोपी द्वारा मृतक अमित कुमार सूर्यवंशी के गले को सफेद रंग के गमछा से घोटने के साक्ष्य मिलने पर थाना कोनी में धारा-302 भादवि के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए एसपी संतोष कुमार सिंह द्वारा प्रकरण के आरोपी का शीघ्र पता तलाश कर गिरफ्तार करने हेतु आदेशित किया गया, जिस पर अ.पु.अ. शहर, राजेन्द्र कुमार जायसवाल एवं न.पु.अ. सरकण्डा, पूजा कुमार (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी कोनी प्रसाद सिन्हा, ए.सी.सी.यू. प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र वैष्णव के कुशल नेतृत्व में मृतक के परिजनों के कथन के आधार पर थाना कोनी स्टाफ एवं ए.सी.सी.यू. टीम स्टाफ के द्वारा घेराबंदी कर संदेही राजकुमार सूर्यवंशी उर्फ पिन्टु एवं एक अन्य अपचारी बालक को पकड़कर थाना कोनी लाया गया।
आरोपी राजकुमार सूर्यवंशी से गवाहों के समक्ष पूछताछ किया गया, जो बताया कि इसके बेटे मानस सूर्यवंशी, उम्र 5 वर्ष की मृत्यु मई 2022 में घर में फांसी लगाने से हुई थी, बेटे की मृत्यु के संबंध में मृतक अमित कुमार सूर्यवंशी को जानकारी थी, जो उस समय इसे घटना के संबंध में नही बताया था। इसी बात को लेकर राजकुमार के मन में मृतक अमित कुमार सूर्यवंशी के प्रति रंजिश की भावना थी, इसी कारण आरोपी राजकुमार, मृतक अमित कुमार सूर्यवंशी को जान से मारने के लिये तय कर लिया था।
दिनांक-02/05/2023 की रात्रि को मृतक अमित कुमार सूर्यवंशी गांव के छोटे तालाब के पास अपने मित्र अपचारी बालक के साथ बैठा था, जिसके साथ आरोपी राजकुमार सूर्यवंशी ग्राम सेमरताल जाकर एक साथ शराब पीये, उसके बाद अपचारी बालक के स्कूटी क्रमांक-CG-10-EM-3702 में बैठकर गतौरी गांव के मरघट के पास गये। वहां पर आरेापी राजकुमार सूर्यवंशी और मृतक अमित कुमार सूर्यवंशी के मध्य आरोपी के बेटे की पूर्व में हुये मृत्यु के संबंध में जानकारी नही दिये जाने की बात को लेकर विवाद हो गया।
इसी दौरान राजकुमार सूर्यवंशी, मृतक अमित कुमार सूर्यवंशी के गले में लिपटे उसी के सफेद रंग के गमछा से अमित कुमार सूर्यवंशी के गले को अपने दोनों हाथों से कसकर घोट दिया, जिससे अमित कुमार सूर्यवंशी की मृत्यु मौके पर ही हो गई, बाद साक्ष्य छिपाने एवं गुमराह करने के उद्देश्य आरोपी राजकुमार सूर्यवंशी अपने अन्य साथी अपचारी बालक के साथ मिलकर स्कूटी क्रमांक-CG-10-EM-3702 में मृतक के शव को लेकर सेन्दरी, कड़कनाथ मुर्गा दुकान के सामने, बिजली खम्भा के पास, झाड़ी में फेंकना बताये, प्रकरण में आरोपी एवं अपचारी बालक के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्कूटी वाहन, घटना समय में पहने हुए कपड़े को जप्त किया गया है।
आरोपी राजकुमार सूर्यवंशी उर्फ पिन्टू एवं अपचारी बालक के विरुद्ध धारा-302, 201, 34 भादवि के तहत विधिवत् कार्यवाही कर गिरफ्तार किया गया है।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।



















