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छत्तीसगढ़

CG : श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की नई दरें निर्धारित

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रायपुर। श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा लेबर ब्यूरो शिमला द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिको के लिए एक अप्रैल 2023 से 30 सितम्बर 2023 तक के लिए न्यूनतम वेतन दरें निर्धारित की गई है। यह दरें 45 अनुसूचित, सामान्य नियोजन के लिए प्रतिदिन 20 रूपए और प्रतिमाह 260 रूपए की वृद्धि की गई है। कृषि नियोजन में कार्य श्रमिको के लिए 225 रूपए प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इसी तरह से अगरबत्ती उद्योग में नियोजित श्रमिकों के लिए प्रति एक हजार अगरबत्ती के लिए 5 रूपए 85 पैसे की वृद्धि की गइ है।


न्यूनतम वेतन की निर्धारित दरों के लागू होने पर अब अकुशल श्रमिक जोन ’अ’ के लिए 10 हजार 480 रूपए, जोन ’ब’ के लिए 10 हजार 200 रूपए और जोन ’स’ के लिए 9 हजार 960 रूपए प्रतिमाह न्यूनतम वेतन निर्धारित किया गया है।

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इसी तरह से अर्द्धकुशल श्रमिको को जोन ’अ’ के लिए 11 हजार 130 रूपए, जोन ’ब’ के लिए 10 हजार 870 और ’स’ के लिए 10 हजार 610 रूपए प्रतिमाह न्यूनतम देय होगा। इसी तरह से कुशल श्रमिको को जोन ’अ’ के लिए 11 हजार 910 रूपए, ’ब’ के लिए 11 हजार 650 रूपए और जोन ’स’ के लिए 11 हजार 390 न्यूनतम वेतन देय होगा। उच्च कुशल श्रमिको को जोन ’अ’ के लिए 12 हजार 990 रूपए, ’ब’ के लिए 12 हजार 430 रूपए और जोन ’स’ के लिए 12 हजार 170 रूपए प्रतिमाह न्यूनतम वेतन मिलेगा।


 कृषि श्रमिको के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन अकुशल कृषि श्रमिको के लिए 8 हजार 400 रूपए प्रतिमाह दिया जाएगा। इसी प्रकार से अगरबत्ती निर्माण श्रमिकों के लिए अगरबत्ती रोलर्स में एक हजार अगरबत्ती बनाने पर 32 रूपए 81 पैसे और सुगंधित सेंटेड अगरबत्ती बनाने पर 33 रूपए 51 पैसे देय होगा। श्रमायुक्त ने बताया है कि एक अप्रैल से प्रभावशील यह न्यूनतम वेतन दरें श्रम विभाग छत्तीसगढ़ शासन की वेबसाईट https://cglabour.nic.in/पद पर भी उपलब्ध है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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