छत्तीसगढ़
रायपुर समेत बिलासपुर और सरगुजा संभाग में आज रुहोगी बारिश

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आज मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। खासकर सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में रूक-रुक कर हल्की बारिश होती रहेगी। शनिवार को प्रदेश के बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलौदाबाजार, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कोरबा, महासमुंद और रायगढ़ जिले में कई जगहों पर बारिश हुई।
बारिश होने की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। आज भी प्रदेश में मौसम का हाल ऐसा ही रहेगा। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक अन्य राज्यों के मुकाबले फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश के ही आसार हैं। प्रदेश में अब तक 827.7 मिलीमीटर औसत वर्षा अब तक दर्ज की गई है।
मौसम का अनुमान जिलेवार
जशपुर – जिले में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई है। आज भी बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों में बारिश होगी। हालांकि मानसून के सक्रियता के हिसाब से ये कम या ज्यादा हो सकती है।
कोरिया – कोरिया जिले में भी शुक्रवार को बारिश हुई है। आज भी हल्की बारिश के आसार हैं।
सूरजपुर – जिले में 32 फीसदी कम बारिश हुई है। शुक्रवार को यहां भी एक दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई है। आज भी इसी तरह से मौसम बने रहने की संभावना है।
बलरामपुर – जिले में 26 फीसदी कम औसत बारिश अब तक हुई है। शनिवार को भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बिलासपुर – आज कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को जिले में कई जगहों में बारिश रिकॉर्ड की गई है।
कांकेर- जिले बहुत उमस और गर्मी से लोग परेशान है। शनिवार को बारिश की संभावना कम है लेकिन दो दिनों के बाद यहां बारिश हो सकती है।
कोरबा – बीते दिनों में कई जगहों पर हल्की बारिश हुई है। आज हल्की बारिश की संभावना है।
सारंगढ़ -बिलाईगढ़- जिले में उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। आज स्थानीय प्रभाव से हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
मौसम विभाग की सेटेलाइट तस्वीरों में फिलहाल उत्तर छत्तीसगढ़ में बादल दिखाई दे रहे हैं।
रायपुर – शुक्रवार को सुबह से बादल छाए रहे लेकिन बारिश नहीं हुई, दोपहर बाद धूप निकल गई, जिससे तापमान बढ़ा है। आज कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।
महासमुंद – शुक्रवार को जिले में कई जगहों में बारिश हुई है, आज कुछ स्थानों में बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।
बस्तर – जिले में भारी बारिश की संभावना नहीं है, स्थानीय प्रभाव से बारिश हो सकती है।
बेमेतरा – कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को जिले में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
जांजगीर – आज जिले में बारिश हो सकती है। कुछ जगहों में शुक्रवार को बादल बरसे हैं, आज भारी बारिश की संभावना नहीं है।
अगले 24 घंटे कैसा है मानसून का हाल
मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर जैसलमेर, कोटा, रायसेन, पेंड्रा रोड, जमशेदपुर, दीघा और उसके बाद पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक 2.1 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। एक साइक्लोन सर्कुलेशन दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके असर से प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज चमक के साथ छींटें पड़ने की संभावना है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















